9
घंटे
पहलेलेखक:
मनीषा
भल्ला/
इंद्रभूषण
मिश्र
-
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लिंक
16
अगस्त
2019
को
तीन
तलाक
मामले
की
प्रमुख
याचिकाकर्ताओं
में
से
एक
इशरत
जहां
ने
PM
मोदी
को
राखी
बांधी।
साल
1956,
प्रधानमंत्री
पंडित
जवाहरलाल
नेहरू
हिंदू
कोड
बिल
लेकर
आए।
BJP
की
पुरानी
पार्टी
जनसंघ
अड़
गई
कि
हम
इसे
लागू
नहीं
होने
देंगे।
अगर
आप
हिंदू
लॉ
में
बदलाव
कर
रहे
हैं,
तो
बाकी
धर्मों
के
पर्सनल
लॉ
में
भी
बदलाव
करिए,
पर
नेहरू
इसके
लिए
तैयार
नहीं
हुए।
साल
1985,
सुप्रीम
कोर्ट
ने
कहा
कि
तलाक
के
बाद
मेंटेनेंस
का
अधिकार
मुस्लिम
पर्सनल
लॉ
से
ऊपर
है।
मुस्लिमों
के
विरोध
और
उपचुनावों
में
हार
से
घबराई
राजीव
गांधी
सरकार
ने
1986
में
कानून
बनाकर
सुप्रीम
कोर्ट
के
फैसले
को
पलट
दिया।
उस
वक्त
BJP
ने
कहा-
हम
सत्ता
में
आएंगे,
तो
पर्सनल
लॉ
में