

तिरुवनंतपुरम18
घंटे
पहलेलेखक:
अंकित
फ्रांसिस/अक्षय
बाजपेयी
-
कॉपी
लिंक

‘केरल
में
लेफ्ट
की
सरकार
के
खिलाफ
लोगों
में
नाराजगी
है,
लेकिन
BJP
के
लिए
भी
माहौल
नहीं
है।
कुछ
इलाकों
में
वे
मजबूत
हो
रहे
हैं।
मोदी
सरकार
भी
सवालों
के
घेरे
में
है,
कई
केस
सुप्रीम
कोर्ट
में
हैं।
केरल
के
लोग
नहीं
चाहते
कि
यहां
BJP
आए।
हां,
मोदी
को
लोग
पसंद
करते
हैं।
यहां
कांग्रेस
ज्यादा
सीटें
जीतेगी।
यहां
राम
मंदिर
मुद्दा
नहीं
है,
लोग
सेकुलर
हैं।’
त्रिवेंद्रम
में
जॉब
करने
वाले
अभिनंदन
अकेले
नहीं
हैं,
जो
ये
बातें
कह
रहे
हैं।
केरल
यूनिवर्सिटी
के
स्टूडेंट
नाभान
मोहम्मद
कहते
हैं,
‘भारत
सेकुलर
देश
है।
जो
भी
पार्टी
जीते,
उसे
इस
देश
के
सेकुलर
मूल्यों
को
बरकरार
रखना
चाहिए।
मैं
केरल
में
कांग्रेस
को
सबसे
बेहतर
ऑप्शन
मानता
हूं।
वे
लोग
संविधान
को
मानते
हैं।
राहुल
गांधी
को
पसंद
करता
हूं।
केरल
में
हम
धर्म
के
नाम
पर
भेदभाव
नहीं
करते,
इसलिए
यहां
राम
मंदिर
का
भी
असर
नहीं
होगा।’

केरल
की
सभी
20
लोकसभा
सीटों
पर
26
अप्रैल
को
दूसरे
फेज
में