देहदान
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
शहर
के
कोरी
घाट
पर
रहने
वाले
प्रमोद
महाजन
का
75
वर्ष
की
उम्र
में
सोमवार
को
निधन
हो
गया।
एमपीईबी
में
एई
पद
से
सेवानिवृत्त
हुए
महाजन
प्रकृति
प्रेमी
भी
थे।
प्रमोद
महाजन
10
साल
पहले
17
फरवरी
2015
को
वे
अपनी
देहदान
कर
चुके
थे।
प्रमोद
महाजन
के
बेटों
और
परिजनों
ने
उनकी
अंतिम
इच्छा
पूरी
की।
बेटे
विशाल
महाजन
बताते
हैं
कि
पिताजी
देहदान
के
बारे
में
बताते
थे
कि
शरीर
का
हर
एक
अंग
अन्य
किसी
न
किसी
के
काम
आ
सके।
राजघाट
पर
कृत्रिम
रूप
से
सूक्ष्म
रूप
में
उनके
नाखून
एवं
बालों
का
अंतिम
संस्कार
किया
गया।
उनकी
देह
भोपाल
स्थित
मेडिकल
रिसर्च
सेंटर
को
सौंपी
ताकि
उनके
अंगों
का
उपयोग
हो
सके।
स्वर्गीय
प्रमोद
महाजन
के
पुत्र
विशाल
महाजन
बताते
हैं
कि
पिताजी
का
सुक्ष्म
रूप
से
अंतिम
संस्कार
किया
गया
है।
उन्होंने
बताया
कि
17
फरवरी
2015
को
पापा
जी
ने
अपना
शरीर
भोपाल
स्थित
पीपल्स
हॉस्पिटल
रिसर्च
सेंटर
में
डोनेट
कर
दिया
था,
ताकि
आगे
चलकर
उनके
अंगों
का
बहुत
सी
चीजों
के
लिए
उपयोग
हो
सके।
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विज्ञापन
उन्होंने
बताया
कि
समाज
के
लिए
एक
बेहतर
पल
है,
निश्चित
रूप
से
समाज
के
लिए
समाज
यह
देखेगा
तो
उसे
लगेगा
की
भविष्य
में
उसको
कई
रोगों
से
जो
व्यक्ति
पीड़ित
है।
उसकी
आंखें,
किडनी,लिवर
चीजों
का
इससे
लाभ
मिलेगा।
उनका
यह
कृत्य
दूसरों
को
प्रेरणा
देगा
हम
लोगों
को
भी
दे
रहा
है
और
सबको
देगा।