कांग्रेस का पित्रोदा के ‘विरासत टैक्स’ वाले बयान से किनारा: राहुल ने कहा- मैंने ऐसा नहीं कहा; खड़गे बोले- मोदी वोट की खातिर खेल खेल रहे

कांग्रेस का पित्रोदा के ‘विरासत टैक्स’ वाले बयान से किनारा: राहुल ने कहा- मैंने ऐसा नहीं कहा; खड़गे बोले- मोदी वोट की खातिर खेल खेल रहे


नई
दिल्ली
2
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पहले

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सैम पित्रोदा ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में ये बातें कहीं। वे इस इंटरव्यू में शिकागो से कनेक्ट हुए। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar


सैम
पित्रोदा
ने
न्यूज
एजेंसी
ANI
से
बातचीत
में
ये
बातें
कहीं।
वे
इस
इंटरव्यू
में
शिकागो
से
कनेक्ट
हुए।
(फाइल
फोटो)

लोकसभा
चुनाव
के
बीच
‘विरासत
टैक्स’
पर
कांग्रेस
और
भाजपा
आमने-सामने

गई।
इस
बीच
इंडियन
ओवरसीज
कांग्रेस
के
अध्यक्ष
सैम
पित्रोदा
का
भी
इस
पर
एक
बयान
बुधवार
को
सामने
आया।

उन्होंने
कहा
कि
भारत
में
विरासत
टैक्स
लगाने
पर
बहस
होनी
चाहिए।
उन्होंने
कहा
कि
अमेरिका
में
विरासत
टैक्स
लगता
है।
अगर
किसी
के
पास
10
करोड़
डॉलर
की
संपत्ति
है।
उसके
मरने
के
बाद
45%
संपत्ति
उसके
बच्चों
को
मिलती
है,
जबकि
55%
पर
सरकार
का
मालिकाना
हक
हो
जाता
है।
यह
बड़ा
ही
दिलचस्प
कानून
है।

इसके
बाद
पीएम
मोदी,
अमित
शाह
समेत
भाजपा
के
कई
नेताओं
ने
अपनी-अपनी
रैलियों
में
कांग्रेस
पर
हमला
बोला।
उधर
कांग्रेस
ने
सैम
के
बयान
से
किनारा
कर
लिया।
पार्टी
महासचिव
जयराम
रमेश
ने
कहा
कि
यह
उनके
निजी
विचार
हैं।
इसका
पार्टी
से
कोई
मतलब
नहीं
है।

राहुल
गांधी
ने
आज
सुबह
नई
दिल्ली
में
एक
पार्टी
इवेंट
में
कहा
कि
मैंने
ये
नहीं
कहा
कि
हम
इस
पर
कोई
एक्शन
लेंगे।
मैं
सिर्फ
ये
कहा
रहा
हूं
कि
हमें
ये
देखना
चाहिए
कि
कितना
अन्याय
हुआ
है।


‘विरासत
टैक्स’
पर
राजनीति:
शाह
बोले-
कांग्रेस
की
मंशा
सामने
आई,
पीएम
ने
कहा-
कांग्रेस
का
पंजा
आपसे
सब
छीन
लेगा


अमित
शाह:

सैम
पित्रोदा
के
बयान
के
बाद
कांग्रेस
की
असली
मंशा
सामने

गई
है।
सबसे
पहले,
कांग्रेस
के
मेनिफेस्टो
में
सर्वे
का
जिक्र,
मनमोहन
सिंह
का
पुराना
बयान
जिसमें
उन्होंने
बताया
था
कि
इस
देश
की
संपदा
पर
माइनॉरिटी
का
पहला
हक
है
और
अब
सैम
पित्रोदा
का
बयान
जिसमें
उन्होंने
कहा
है
कि
अमेरिका
की
तरह
संपत्ति
का
बंटवारा
होना
चाहिए।

जब
पीएम
ने
इस
मुद्दे
को
उठाया
था,
तो
राहुल
गांधी,
सोनिया
गांधी
और
पूरी
कांग्रेस
पार्टी
बैकफुट
पर

गई
थी,
कि
ऐसी
मंशा
नहीं
थी।
लेकिन,
सैम
पित्रोदा
के
बयान
ने
सब
साफ
कर
दिया
है।
वे
लोगों
की
निजी
संपत्ति
का
सर्वे
करना
चाहते
हैं,
उसे
सरकारी
संपत्ति
बनाकर
उसे
UPA
की
पिछली
सरकार
की
तरह
बांटना
चाहते
हैं।
कांग्रेस
को
या
तो
इस
मेनिफेस्टो
को
वापस
ले
लेना
चाहिए
या
ये
स्वीकार
कर
लेना
चाहिए
कि
वे
यही
चाहते
हैं।
मैं
चाहता
हूं
कि
लोग
सैम
पित्रोदा
के
स्टेटमेंट
को
गंभीरता
से
लें।


मल्लिकार्जुन
खड़गे:

देश
में
एक
संविधान
है।
हमारी
ऐसी
कोई
मंशा
नहीं
है।
पत्रकारों
से
कहा
कि
आप
उनके
(पीएम
मोदी
के)
आइडिया
पर
हमारा
नाम
क्यों
लगा
रहे
हैं।
सिर्फ
वोट
की
खातिर
पीएम
मोदी
ये
सारे
खेल
खेल
रहे
हैं।


राहुल
गांधी:

राहुल
गांधी
ने
नई
दिल्ली
में
एक
पार्टी
इवेंट
में
कहा
कि
मैंने
ये
नहीं
कहा
कि
हम
इस
पर
कोई
एक्शन
लेंगे।
मैं
सिर्फ
ये
कहा
रहा
हूं
कि
हमें
ये
देखना
चाहिए
कि
कितना
अन्याय
हुआ
है।


पीएम
मोदी:

पीएम
मोदी
ने
छत्तीसगढ़
के
अंबिकापुर
में
कहा
कि
कांग्रेस
कहती
है
कि
वो
माता-पिता
से
मिलने
वाली
विरासत
पर
भी
टैक्स
लगाएगी।
आप
जो
अपनी
मेहनत
से
संपत्ति
जुटाते
हैं,
वो
आपके
बच्चों
को
नहीं
मिलेगी।
वो
भी
कांग्रेस
का
पंजा
आपसे
छीन
लेगा।

कांग्रेस
का
ये
मंत्र
आपकी
संपत्ति
छीन
लेगा,
आपको
लूट
लेगा।
कांग्रेस
का
मंत्र
है,
जिंदगी
के
साथ
भी,
जिंदगी
के
बाद
भी।
जब
तक
आप
जीवित
रहेंगे,
कांग्रेस
आपको
ज्यादा
टैक्स
से
मारेगी।
जिन
लोगों
ने
पूरी
कांग्रेस
पार्टी
पैतृक
संपत्ति
मानकर
अपने
बच्चों
को
दे
दी,
वो
नहीं
चाहते
कि
सामान्य
भारतीय
अपने
बच्चों
को
दें।


पूरी
खबर
पढ़ें


BJP
बोली-
कांग्रेस
ने
भारत
को
बर्बाद
करने
की
ठान
ली
है

सैम
पित्रोदा
के
बयान
के
बाद
भाजपा
ने
उनकी
आलोचना
शुरू
कर
दी
है।
BJP
आईटी
सेल
चीफ
अमित
मालवीय
ने
ट्वीट
करके
कहा
है
कि
कांग्रेस
ने
भारत
को
बर्बाद
करने
की
ठान
ली
है।
अब
सैम
पित्रोदा
संपत्ति
वितरण
के
लिए
50
फीसदी
विरासत
कर
की
वकालत
करते
हैं।

इसका
मतलब
यह
है
कि
हम
अपनी
सारी
मेहनत
से
जो
कुछ
भी
बनाएंगे,
उसका
50
फीसदी
छीन
लिया
जाएगा।
इसके
अलावा
अगर
कांग्रेस
जीतती
है
तो
हम
जो
भी
टैक्स
देते
हैं,
वह
भी
बढ़
जाएगा।


सैम
पित्रोदा
बोले-
मेरे
बयान
को
तोड़-मरोड़
कर
पेश
किया
गया

विवाद
बढ़ने
पर
पित्रोदा
ने
सोशल
मीडिया
प्लेटफॉर्म
एक्स
पर
कहा
कि
ये
दुर्भाग्यपूर्ण
है
कि
मेरे
बयान
को
तोड़-मरोड़
कर
पेश
किया
गया।
किसने
कहा
कि
55
फीसदी
संपत्ति
छीन
ली
जाएगी?
किसने
कहा
कि
ऐसा
कुछ
भी
भारत
में
किया
जाएगा?
BJP
और
मीडिया
इतना
घबराया
क्यों
हुआ
है?

उन्होंने
आगे
कहा
कि
मैंने
अपनी
बातचीत
में
अमेरिका
के
विरासत
टैक्स
का
उदाहरण
अमेरिका
के
लिए
ही
दिया
था।
क्या
मैं
तथ्य
नहीं
बता
सकता?
मैंने
कहा
कि
ये
ऐसे
मुद्दे
हैं
जिन
पर
चर्चा
करने
की
जरूरत
है।
इसका
कांग्रेस
सहित
किसी
भी
पार्टी
की
नीति
से
कोई
लेना-देना
नहीं
है।


अब
पढ़िए
संपत्ति
बंटवारे
को
लेकर
सियासत
कैसे
शुरू
हुई…


पहले
राहुल
के
3
बयान,
जिसमें
जाति
जनगणना
और
आर्थिक
सर्वे
का
जिक्र


12
मार्च:

भारत
जोड़ो
न्याय
यात्रा
के
आखिरी
चरण
में
महाराष्ट्र
के
नंदुरबार
में
राहुल
गांधी
ने
कहा
कि
अगर
उनकी
पार्टी
की
सरकार
बनी
तो
जाति
जनगणना
और
आर्थिक
सर्वे
कराएगी।
साथ
ही
वन
अधिकार
अधिनियम
को
भी
मजबूत
करेगी।


6
अप्रैल:

राहुल
ने
हैदराबाद
में
कांग्रेस
मैनिफेस्टो
जारी
करने
के
दौरान
कहा
था,
‘देश
का
X-Ray
कर
देंगे,
दूध
का
दूध
और
पानी
का
पानी
हो
जाएगा।
पिछड़े
वर्ग
को,
दलितों
को,
आदिवासियों
को,
गरीब
जनरल
कास्ट
के
लोगों
को
माइनॉरिटीज
को
पता
चल
जाएगा
कि
इस
देश
में
उनकी
भागीदारी
कितनी
है।
इसके
बाद
हम
फाइनेंशियल
और
इंस्टीट्यूशनल
सर्वे
करेंगे।
ये
पता
लगाएंगे
हिंदुस्तान
का
धन
किसके
हाथों
में
है,
कौन
से
वर्ग
के
हाथ
में
है।
इस
ऐतिहासिक
कदम
के
बाद
हम
क्रांतिकारी
काम
शुरू
करेंगे।
जो
आपका
हक
बनता
है,
आपके
लिए
आपको
देने
का
काम
करेंगे।’


8
अप्रैल:

राहुल
गांधी
ने
कहा
कि
अगर
कांग्रेस
सत्ता
में
हम
इकोनॉमिक
सर्वे
कराएंगे।
33
साल
के
बाद
हमें
इकोनॉमिक
पॉलिसी
का
नया
सेट
चाहिए।
हमें
नव
संकल्प
इकोनॉमिक
पॉलिसी
चाहिए।
कांग्रेस
ने
अपने
मेनिफेस्टो
में
भी
इस
बात
का
जिक्र
किया
कि
कांग्रेस
राष्ट्रव्यापी
आर्थिक-सामाजिक
जाति
जनगणना
करवाएगी।
इसके
माध्यम
से
कांग्रेस
जातियों,
उपजातियों
और
उनकी
आर्थिक-सामाजिक
स्थिति
का
पता
लगाएगी।


मोदी
के
3
बयान,
जिनमें
उन्होंने
कांग्रेस
मैनिफेस्टो
का
जिक्र
किया


8
अप्रैल:

पीएम
मोदी
ने
महाराष्ट्र
के
चंद्रपुर
में
रैली
में
कहा
कि
कांग्रेस
और
INDI
गठबंधन
है,
जिसका
मंत्र
है
कि
जहां
भी
सत्ता
पाओ
खूब
मलाई
खाओ।
कांग्रेस
पार्टी
अपने
कुकर्मों
के
कारण
देश
में
जनता
का
समर्थन
खो
चुकी
है।
नतीजतन,
वे
अब
फूट
डालो
और
राज
करो
की
रणनीति
अपना
रहे
हैं।

उन्होंने
अपने
घोषणापत्र
में
मुस्लिम
लीग
की
याद
दिलाने
वाली
भाषा
का
इस्तेमाल
किया
है।
साथ
ही
उनका
एक
सांसद
भारत
के
विभाजन
की
मांग
कर
रहा
है।


22
अप्रैल:
PM
मोदी
ने
यही
बात
UP
में
दोहराई

मोदी
ने
22
अप्रैल
को
अलीगढ़
की
रैली
में
कहा
कि
इंडी
गठबंधन
की
नजर
आपकी
संपत्ति
पर
है।
कांग्रेस
आपकी
संपत्ति
का
सर्वे
कराएगी।
यह
आपकी
संपत्ति
को
छीनकर
बांटने
की
बात
कर
रही
है।
अगर
आपके
गांव
में
पैतृक
घर
है,
तो
यह
लोग
उसे
दो
घर
बताकर
छीन
लेंगे।


पूरी
खबर
पढ़ें
….


21
अप्रैल:

राजस्थान
के
बांसवाड़ा
में
21
अप्रैल
को
चुनावी
रैली
में
PM
मोदी
ने
कहा
कि
अगर
कांग्रेस
की
सरकार
आई
तो
वो
लोगों
की
संपत्तियां
लेकर
ज्यादा
बच्चों
वालों
और
घुसपैठियों
को
बांट
देगी।
उन्होंने
आगे
कहा
कि
पहले
जब
इनकी
सरकार
थी,
तब
उन्होंने
कहा
था
कि
देश
की
संपत्ति
पर
पहला
हक
मुसलमानों
का
है।
इसका
मतलब
ये
संपत्ति
इकट्ठा
करके
किसको
बांटेंगे?
जिनके
ज्यादा
बच्चे
हैं,
उनको
बांटेंगे
घुसपैठियों
को
बांटेंगे।
क्या
आपकी
मेहनत
का
पैसा
घुसपैठियों
को
दिया
जाएगा?
आपको
मंजूर
है
ये?


पूरी
खबर
पढ़ें


खड़गे
ने
मोदी
से
समय
मांगा,
प्रियंका
गांधी
ने
कहा-
मोदी
मंगलसूत्र
का
महत्व
समझते
तो
ऐसी
बातें
नहीं
करते


22
अप्रैल:

कांग्रेस
अध्यक्ष
मल्लिकार्जुन
खड़गे
ने
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
से
मुलाकात
का
समय
मांगा।
उन्होंने
कहा,
‘PM
कांग्रेस
मैनिफेस्टो
को
सही
से
समझ
नहीं
पाए
हैं।
उनसे
मिलकर
उन्हें
मैनिफेस्टो
समझाना
है।’
दरअसल,
भाजपा,
कांग्रेस
मैनिफेस्टो
को
मुस्लिम
लीग
का
मैनिफेस्टो
बता
रही
है।
इस
मामले
को
लेकर
कांग्रेस
ने
भाजपा
के
खिलाफ
चुनाव
आयोग
में
17
शिकायतें
दर्ज
कराई
हैं।


23
अप्रैल:

प्रधानमंत्री
मोदी
के
मंगलसूत्र
वाले
बयान
पर
कांग्रेस
महासचिव
प्रियंका
गांधी
ने
कहा-
पिछले
2
दिनों
से
यह
कहा
जा
रहा
है
कि
कांग्रेस
पार्टी
आपसे
आपका
मंगलसूत्र
और
सोना
छीनना
चाहती
है।
अगर
मोदी
जी
‘मंगलसूत्र’
का
महत्व
समझते
तो
ऐसी
बातें
नहीं
करते।

जब
मणिपुर
में
एक
महिला
का
वस्त्रहरण
कर
उसके
वस्त्र
जलाए
गए
तब
भी
मोदी
चुप
थे,
कुछ
नहीं
बोले।
उनके
उस
महिला
के
मंगलसूत्र
के
बारे
में
नहीं
सोचा।
आज
वह
वोट
के
लिए
महिलाओं
से
ऐसी
बातें
कह
रहे
हैं,
उन्हें
डरा
रहे
हैं
ताकि
वे
डरकर
वोट
करें।
उन्हें
शर्म
आनी
चाहिए।


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मोदी
बोले-कांग्रेस
खुद
को
श्रीराम
से
बड़ा
मानती
है,
तुष्टीकरण
की
राजनीति
इनके
DNA
में

प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
के
मुताबिक
कांग्रेस
खुद
को
भगवान
श्रीराम
से
बड़ा
मानती
है।
धर्म
के
नाम
पर
देश
को
बांटने
वाली
कांग्रेस
आजादी
के
बाद
पहले
दिन
से
तुष्टीकरण
में
लगी
हुई
है।
ये
कांग्रेस
की
DNA
में
हैं।
दलितों,
पिछड़ों
और
आदिवासियों
का
हक
छीनना
पड़े
तो
एक
सेकेंड
भी
नहीं
लगाएंगे।
भाजपा
सबका
साथ
सबका
विकास
के
सिद्धांतों
पर
चलने
वाली
पार्टी
है।


पूरी
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