PM मोदी-राहुल के चुनावी भाषणों पर EC का नोटिस: भाषण में नफरत फैलाने का आरोप, भाजपा-कांग्रेस पार्टी के अध्यक्षों से 29 अप्रैल तक जवाब मांगा

PM मोदी-राहुल के चुनावी भाषणों पर EC का नोटिस: भाषण में नफरत फैलाने का आरोप, भाजपा-कांग्रेस पार्टी के अध्यक्षों से 29 अप्रैल तक जवाब मांगा


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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की ये तस्वीर 10 दिसंबर 2015 की है। दोनों ने शरद पवार के जन्मदिन पर एक-दूसरे से हाथ मिलाया था। - Dainik Bhaskar


प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
और
राहुल
गांधी
की
ये
तस्वीर
10
दिसंबर
2015
की
है।
दोनों
ने
शरद
पवार
के
जन्मदिन
पर
एक-दूसरे
से
हाथ
मिलाया
था।

चुनाव
आयोग
ने
गुरुवार
को
PM
नरेंद्र
मोदी
और
राहुल
गांधी
के
भाषणों
पर
नोटिस
जारी
किया।
यह
नोटिस
आचार
संहिता
के
उल्लंघन
की
शिकायतों
पर
जनप्रतिनिधि
कानून
के
सेक्शन
77
के
तहत
इश्यू
किया
गया
है।
आयोग
ने
भाजपा
अध्यक्ष
नड्डा
और
कांग्रेस
अध्यक्ष
खड़गे
से
29
अप्रैल
सुबह
11
बजे
तक
जवाब
मांगा
है।

चुनाव
आयोग
को
PM
मोदी
और
राहुल
गांधी
के
भाषण
में
आचार
संहिता
के
उल्लंघन
की
शिकायत
की
गई
थी।
शिकायत
में
कहा
गया
कि
ये
लीडर्स
धर्म,
जाति,
समुदाय
और
भाषा
के
आधार
पर
लोगों
को
बांटने
और
नफरत
फैलाने
का
काम
कर
रहे
हैं।



राजस्थान
​​​में
मोदी
बोले
थे

कांग्रेस
आपकी
संपत्ति
ज्यादा
बच्चे
वालों
में
बांट
देगी


नेता:

नरेंद्र
मोदी


जगह:

बांसवाड़ा,
राजस्थान


तारीख:

21
अप्रैल,
2024


बयान:

PM
मोदी
ने
को
राजस्थान
के
बांसवाड़ा
में
कहा
था
कि
अगर
कांग्रेस
सत्ता
में
आई
तो
लोगों
की
संपत्ति
को
ज्यादा
बच्चे
वालों
में
बांट
देगी।
साथ
ही
PM
ने
पूर्व
प्रधानमंत्री
मनमोहन
सिंह
की
उस
टिप्पणी
का
भी
जिक्र
किया
था,
जिसमें
उन्होंने
कहा
था
कि
देश
के
संसाधनों
पर
पहला
अधिकार
अल्पसंख्यकों
का
है।


शिकायत:

कांग्रेस
ने
इस
बयान
को
विभाजनकारी,
दुर्भावना
से
भरा
और
समुदाय
विशेष
को
टारगेट
करने
वाला
बताया।
पार्टी
ने
कहा-
चुनाव
आयोग
‘संपत्ति
का
बंटवारा’
वाले
बयान
पर
एक्शन
लें।
PM
के
संपत्ति
जब्त
करने
वाले
बयान
के
खिलाफ
कांग्रेस
और
CPI-M
ने
अलग-अलग
शिकायत
दर्ज
कराई
थी।

यह चुनाव आयोग के नोटिस का वो हिस्सा है जिसमें भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से जवाब मांगा गया है।


यह
चुनाव
आयोग
के
नोटिस
का
वो
हिस्सा
है
जिसमें
भाजपा
अध्यक्ष
जेपी
नड्डा
से
जवाब
मांगा
गया
है।


केरल

में
राहुल
बोले
थे-
कांग्रेस
सत्ता
में
आई
तो
एक
झटके
मे
ंगरीबी
दूर
कर
देंगे


नेता:

कांग्रेस
सांसद
राहुल
गांधी


जगह:

केरल


तारीख:

18
अप्रैल,
2024


बयान:

राहुल
ने
12
अप्रैल
को
केरल
की
चुनावी
सभा
में
गरीबी
बढ़ने
की
बात
कही
थी।
उन्होंने
यह
भी
कहा
था
कि
22
लोग
भारत
के
70
करोड़
लोगों
से
ज्यादा
अमीर
हैं।
साथ
ही
उन्होंने
कहा
था
कि
अगर
उनकी
सरकार
आती
है
तो
एक
झटके
में
गरीबी
खत्म
हो
जाएगी।


शिकायत:

भाजपा
ने
नीति
आयोग
की
रिपोर्ट
का
हवाला
देते
हुए
कहा
कि
मोदी
सरकार
के
कार्यकाल
में
करीब
25
करोड़
लोग
गरीबी
रेखा
से
ऊपर
उठे
हैं।
राहुल
गरीबी
बढ़ने
का
झूठा
दावा
कर
रहे
हैं।

चुनाव आयोग के नोटिस में राहुल गांधी की स्पीच पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जवाब मांगा है।


चुनाव
आयोग
के
नोटिस
में
राहुल
गांधी
की
स्पीच
पर
कांग्रेस
अध्यक्ष
मल्लिकार्जुन
खड़गे
से
जवाब
मांगा
है।


चुनाव
आयोग
ने
दोनों
पार्टियों
के
अध्यक्षों
को
जिम्मेदार
माना

ये
शिकायतें
मिलने
के
बाद
इलेक्शन
कमीशन
ने
भाजपा
और
कांग्रेस
पार्टियों
के
अध्यक्षों
को
नोटिस
भेजा।
आयोग
ने
स्टार
प्रचारकों
की
फौज
उतारने
के
लिए
पहली
नजर
में
पार्टी
अध्यक्षों
को
ही
जिम्मेदार
ठहराया
है।
आयोग
ने
कहा,
“अपने
प्रत्याशियों
के
कामों
के
लिए
राजनीतिक
दलों
को
ही
पहली
जिम्मेदारी
उठानी
चाहिए,
खासतौर
पर
स्टार
कैंपेनर्स
के
मामले
में।
ऊंचे
पद
पर
बैठे
लोगों
के
चुनावी
भाषणों
का
असर
ज्यादा
गंभीर
होता
है।”


चुनाव
आयोग
AAP
नेता
आतिशी
को
भी
नोटिस
भेज
चुका
है

चुनाव
आयोग
ने
5
अप्रैल
को
आम
आदमी
पार्टी
की
नेता
आतिशी
सिंह
को
भी
नोटिस
जारी
किया
था।
आतिशी
ने
कहा
था
कि
उन्हें
भारतीय
जनता
पार्टी
में
शामिल
होने
का
ऑफर
मिला
था
और
ऐसा
नहीं
करने
पर
जेल
जाने
की
धमकी
दी
गई
थी।
चुनाव
आयोग
ने
इसकी
सच्चाई
पर
सवाल
खड़े
किए
थे।

तेलंगाना
के
पूर्व
CM
के
चंद्रशेखर
राव
ने
कांग्रेस
नेताओं
पर
आपत्तिजनक
टिप्पणी
की
थी।
इसे
लेकर
भी
चुनाव
आयोग
ने
उन्हें
नोटिस
भेजा
था।
कांग्रेस
के
गणेश
गोदियाल
और
रघुबीर
सिंह
कदियान
को
भी
चुनाव
आयोग
नोटिस
भेज
चुका
है।


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चुनाव
आयोग
का
शिवसेना
उद्धव
गुट
को
नोटिस:
कैंपेन
सॉन्ग
से
भवानी
शब्द
हटाने
को
कहा,
उद्धव
बोले-
नहीं
हटाऊंगा,
जो
करना
है
करें

चुनाव
आयोग
ने
शिवसेना
(उद्धव
गुट)
को
नोटिस
भेजकर
कैंपेन
सॉन्ग
से
‘भवानी’
शब्द
हटाने
को
कहा
है।
आयोग
ने
कहा
कि
यह
शब्द
हिंदू
देवी
से
जुड़ा
हुआ
शब्द
है।
इलेक्शन
में
इस
तरह
के
धार्मिक
नारे
का
इस्तेमाल
नहीं
कर
सकते।
आयोग
के
नोटिस
पर
उद्धव
ठाकरे
ने
नाराजगी
जाहिर
करते
हुए
कहा
कि
वे
अपने
थीम
सॉन्ग
से
भवानी
शब्द
नहीं
हटाएंगे।
आयोग
को
जो
कार्रवाई
करनी
है
करे।


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