खड़गे ने मोदी से दूसरी बार मिलने का वक्त मांगा: चिट्ठी लिखकर कहा- आपको कांग्रेस का मेनिफेस्टो समझाना चाहता हूं, ताकि आप गलत बयान न दें

खड़गे ने मोदी से दूसरी बार मिलने का वक्त मांगा: चिट्ठी लिखकर कहा- आपको कांग्रेस का मेनिफेस्टो समझाना चाहता हूं, ताकि आप गलत बयान न दें


नई
दिल्ली
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दो पेज के इस पत्र में खड़गे ने लिखा कि पीएम ने हालिया भाषणों में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, उससे वे बिल्कुल हैरान नहीं हैं।  - Dainik Bhaskar


दो
पेज
के
इस
पत्र
में
खड़गे
ने
लिखा
कि
पीएम
ने
हालिया
भाषणों
में
जिस
तरह
की
भाषा
का
इस्तेमाल
किया
है,
उससे
वे
बिल्कुल
हैरान
नहीं
हैं। 

कांग्रेस
अध्यक्ष
मल्लिकार्जुन
खड़गे
ने
4
दिन
में
दूसरी
बार
मोदी
से
मिलने
का
वक्त
मांगा।
गुरुवार
को
उन्होंने
पीएम
को
चिट्‌ठी
लिखी।
इसमें
कहा
कि
वे
पीएम
को
कांग्रेस
का
न्याय
पत्र
(मेनिफेस्टो)
समझाना
चाहते
हैं,
ताकि
वे
देश
के
प्रधानमंत्री
के
तौर
पर
ऐसे
बयान

दें
जो
गलत
हैं।

दो
पेज
के
इस
पत्र
में
उन्होंने
लिखा
कि
पीएम
ने
हालिया
भाषणों
में
जिस
तरह
की
भाषा
का
इस्तेमाल
किया
है,
उससे
वे
बिल्कुल
हैरान
या
अचंभित
नहीं
हैं।
इससे
पहले
22
अप्रैल
को
पीएम
से
समय
मांगा
था।

खड़गे
ने
कहा
कि
आपके
सलाहकार
आपको
उन
चीजों
के
बारे
में
गलत
जानकरी
दे
रहे
हैं,
जो
हमारे
न्याय
पत्र
में
हैं
भी
नहीं।
इसलिए
मुझे
आपसे
व्यक्तिगत
तौर
पर
मिलकर
आपको
अपना
मेनिफेस्टो
समझाने
में
खुशी
मिलेगी।


खड़गे
के
पत्र
की
बातें
सिलसिलेवार…

1.
इस
बात
की
उम्मीद
थी
कि
पहले
फेज
की
वोटिंग
में
भाजपा
का
खराब
प्रदर्शन
देखकर
आप
और
आपकी
पार्टी
के
नेता
इसी
तरह
की
भाषा
में
बात
करेंगे।
कांग्रेस
गरीबों
और
उनके
न्याय
की
बात
करती
आई
है।
हमें
पता
है
कि
आप
और
आपकी
सरकार
को
गरीब
और
वंचितों
की
कोई
परवाह
नहीं
है।

2.
आपकी
सूट-बूट
की
सरकार
कॉर्पोरेट
के
लिए
काम
करती
है,
जिसके
टैक्स
आपने
कम
कर
दिए
हैं,
जबकि
सैलरी
क्लास
को
ज्यादा
टैक्स
देना
पड़
रहा
है।
गरीब
को
खाने
और
नमक
पर
भी
ज्यादा
GST
देना
पड़
रहा
है,
जबकि
अमीर
कॉर्पोरेट
GST
रिफंड
क्लेम
कर
रहा
है।
इसलिए
जब
हम
गरीब
और
अमीर
के
बीच
बराबरी
की
बात
करते
हैं,
तो
आप
उसे
जानबूझकर
हिंदू
और
मुस्लिम
पर
ले
जाते
हैं।

3.
हमारा
मेनिफेस्टो
देश
के
लोगों
के
लिए
हैं,
चाहे
वे
हिंदू,
मुस्लिम,
सिख,
ईसाई,
जैन
या
बौद्ध
हों।
मुझे
लगता
है
कि
आप
अब
तक
आजादी
के
पहले
के
अपने
साथियों-
मुस्लिम
लीग
और
अंग्रेजों
को
नहीं
भूले
हैं।
कांग्रेस
ने
हमेशा
गरीबों
को
सशक्त
करने
के
लिए
काम
किया
है
और
मोदी
सरकार
ने
नोटबंदी
के
जरिए
गरीबों
का
पैसा
लूटने
का
काम
किया
है।

4.
आपकी
सरकार
ने
गरीबों
का
जमा
कराया
हुआ
पैसा
अमीरों
को
लोन
के
तौर
पर
ट्रांसफर
करने
के
लिए
नोटबंदी
को
व्यवस्थित
लूट
और
कानूनी
डकैती
के
रूप
में
इस्तेमाल
किया।
2014
से
अब
तक
आपकी
सरकार
ने
लाखों
करोड़ों
के
कॉर्पोरेट
लोन
माफ
किए
हैं,
वही
गरीब
से
अमीर
को
किया
गया
संपत्ति
का
ट्रांसफर
है।
आपने
किसी
किसान
का
लोन,
कारीगर
का
लोन,
MSME
का
लोन
या
स्टूडेंट
का
लोन
माफ
नहीं
किया।

5.
भाजपा
सरकार
ने
लगातार
गरीबों
और
पिछड़े
वर्ग
की
महिलाओं
पर
हो
रहे
अत्याचारों
से
मुंह
फेरा
है।
आज
आप
मंगलसूत्र
की
बात
करते
हैं।
क्या
आपकी
सरकार
मणिपुर
की
महिलाओं,
दलित
लड़कियों
पर
हुए
अत्याचार
और
बलात्कारियों
को
माला
पहनाने
के
लिए
जिम्मेदार
नहीं
है?
जब
आपकी
सरकार
में
किसान
आत्महत्या
कर
रहे
हैं,
तो
आप
उनके
बीवी-बच्चों
को
कैसे
सुरक्षा
दे
रहे
हैं?
मेरी
आपसे
रिक्वेस्ट
है
कि
आप
उस
नारी
न्याय
के
बारे
में
पढ़ें,
जिसे
हम
अपनी
सरकार
बनने
पर
अमल
में
लाएंगे।

6.
ये
आपकी
आदत
बन
गई
है
कि
आप
पूरी
बात
में
से
कुछ
शब्द
उठाकर
उसे
गलत
तरीके
से
पेश
करते
हैं
और
उससे
सांप्रदायिक
बंटवारा
करते
हैं।
आप
ऐसी
बातें
करके
प्रधानमंत्री
पद
की
गरिमा
कम
कर
रहे
हैं।
जब
ये
सब
खत्म
हो
जाएगा,
तो
लोग
याद
रखेंगे
कि
देश
के
प्रधानमंत्री
ने
एक
चुनाव
में
हार
के
डर
से
इतनी
अभद्र
भाषा
का
प्रयोग
किया।


मोदी
के
3
बयान,
जिनमें
उन्होंने
कांग्रेस
मैनिफेस्टो
पर
हमला
किया


8
अप्रैल:

पीएम
मोदी
ने
महाराष्ट्र
के
चंद्रपुर
में
रैली
में
कहा
कि
कांग्रेस
और
INDI
गठबंधन
है,
जिसका
मंत्र
है
कि
जहां
भी
सत्ता
पाओ
खूब
मलाई
खाओ।
कांग्रेस
पार्टी
अपने
कुकर्मों
के
कारण
देश
में
जनता
का
समर्थन
खो
चुकी
है।
नतीजतन,
वे
अब
फूट
डालो
और
राज
करो
की
रणनीति
अपना
रहे
हैं।

उन्होंने
अपने
घोषणापत्र
में
मुस्लिम
लीग
की
याद
दिलाने
वाली
भाषा
का
इस्तेमाल
किया
है।
साथ
ही
उनका
एक
सांसद
भारत
के
विभाजन
की
मांग
कर
रहा
है।


22
अप्रैल:
PM
मोदी
ने
यही
बात
UP
में
दोहराई

मोदी
ने
22
अप्रैल
को
अलीगढ़
की
रैली
में
कहा
कि
इंडी
गठबंधन
की
नजर
आपकी
संपत्ति
पर
है।
कांग्रेस
आपकी
संपत्ति
का
सर्वे
कराएगी।
यह
आपकी
संपत्ति
को
छीनकर
बांटने
की
बात
कर
रही
है।
अगर
आपके
गांव
में
पैतृक
घर
है,
तो
यह
लोग
उसे
दो
घर
बताकर
छीन
लेंगे।


पूरी
खबर
पढ़ें
….


21
अप्रैल:

राजस्थान
के
बांसवाड़ा
में
21
अप्रैल
को
चुनावी
रैली
में
PM
मोदी
ने
कहा
कि
अगर
कांग्रेस
की
सरकार
आई
तो
वो
लोगों
की
संपत्तियां
लेकर
ज्यादा
बच्चों
वालों
और
घुसपैठियों
को
बांट
देगी।
उन्होंने
आगे
कहा
कि
पहले
जब
इनकी
सरकार
थी,
तब
उन्होंने
कहा
था
कि
देश
की
संपत्ति
पर
पहला
हक
मुसलमानों
का
है।
इसका
मतलब
ये
संपत्ति
इकट्ठा
करके
किसको
बांटेंगे?
जिनके
ज्यादा
बच्चे
हैं,
उनको
बांटेंगे
घुसपैठियों
को
बांटेंगे।
क्या
आपकी
मेहनत
का
पैसा
घुसपैठियों
को
दिया
जाएगा?
आपको
मंजूर
है
ये?


पूरी
खबर
पढ़ें


खड़गे
ने
मोदी
से
मुलाकात
का
समय
मांगा,
प्रियंका
गांधी
ने
कहा-
मोदी
मंगलसूत्र
का
महत्व
समझते
तो
ऐसी
बातें
नहीं
करते
22
अप्रैल:

कांग्रेस
अध्यक्ष
मल्लिकार्जुन
खड़गे
ने
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
से
मुलाकात
का
समय
मांगा।
उन्होंने
कहा,
‘PM
कांग्रेस
मैनिफेस्टो
को
सही
से
समझ
नहीं
पाए
हैं।
उनसे
मिलकर
उन्हें
मैनिफेस्टो
समझाना
है।’
दरअसल,
भाजपा,
कांग्रेस
मैनिफेस्टो
को
मुस्लिम
लीग
का
मैनिफेस्टो
बता
रही
है।
इस
मामले
को
लेकर
कांग्रेस
ने
भाजपा
के
खिलाफ
चुनाव
आयोग
में
17
शिकायतें
दर्ज
कराई
हैं।


23
अप्रैल:

प्रधानमंत्री
मोदी
के
मंगलसूत्र
वाले
बयान
पर
कांग्रेस
महासचिव
प्रियंका
गांधी
ने
कहा-
पिछले
2
दिनों
से
यह
कहा
जा
रहा
है
कि
कांग्रेस
पार्टी
आपसे
आपका
मंगलसूत्र
और
सोना
छीनना
चाहती
है।
अगर
मोदी
जी
‘मंगलसूत्र’
का
महत्व
समझते
तो
ऐसी
बातें
नहीं
करते।

जब
मणिपुर
में
एक
महिला
का
वस्त्रहरण
कर
उसके
वस्त्र
जलाए
गए
तब
भी
मोदी
चुप
थे,
कुछ
नहीं
बोले।
उनके
उस
महिला
के
मंगलसूत्र
के
बारे
में
नहीं
सोचा।
आज
वह
वोट
के
लिए
महिलाओं
से
ऐसी
बातें
कह
रहे
हैं,
उन्हें
डरा
रहे
हैं
ताकि
वे
डरकर
वोट
करें।
उन्हें
शर्म
आनी
चाहिए।


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PM
मोदी-राहुल
के
चुनावी
भाषणों
पर
EC
का
नोटिस:भाषण
में
नफरत
फैलाने
का
आरोप

चुनाव
आयोग
ने
गुरुवार
को
PM
नरेंद्र
मोदी
और
राहुल
गांधी
के
भाषणों
पर
नोटिस
जारी
किया।
यह
नोटिस
आचार
संहिता
के
उल्लंघन
की
शिकायतों
पर
लोक
प्रतिनिधित्व
कानून
1951
के
सेक्शन
77
के
तहत
इश्यू
किया
गया
है।
आयोग
ने
भाजपा
अध्यक्ष
नड्डा
और
कांग्रेस
अध्यक्ष
खड़गे
से
29
अप्रैल
सुबह
11
बजे
तक
जवाब
मांगा
है।

चुनाव
आयोग
को
PM
मोदी
और
राहुल
गांधी
के
भाषण
में
आचार
संहिता
के
उल्लंघन
की
शिकायत
की
गई
थी।
शिकायत
में
कहा
गया
कि
ये
लीडर्स
धर्म,
जाति,
समुदाय
और
भाषा
के
आधार
पर
लोगों
को
बांटने
और
नफरत
फैलाने
का
काम
कर
रहे
हैं।


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खबर
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कांग्रेस
बोली-
हमारे
मेनिफेस्टो
में
विरासत
टैक्स
का
जिक्र
नहीं:1985
में
प्रधानमंत्री
राजीव
गांधी
ने
इस
टैक्स
को
खत्म
कर
दिया
था

कांग्रेस
लीडर
जयराम
रमेश
ने
गुरुवार
(25
अप्रैल)
को
विरासत
टैक्स
को
लेकर
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
के
बयान
पर
स्पष्टीकरण
दिया।
जयराम
रमेश
प्रेस
कॉन्फ्रेंस
में
कांग्रेस
मेनिफेस्टो
की
बुकलेट
लेकर
पहुंचे।
उन्होंने
कहा
कि
हमारे
घोषणा
पत्र
में
कहीं
भी
विरासत
टैक्स
का
जिक्र
नहीं
है।

जयराम
ने
कहा,
“सच
यह
है
कि
1985
में
प्रधानमंत्री
राजीव
गांधी
ने
इस
विरासत
टैक्स
को
खत्म
कर
दिया
था।
हमने
कभी
भी
विरासत
टैक्स
का
जिक्र
नहीं
किया।
अरुण
जेटली
और
जयंत
सिन्हा
जैसे
भाजपा
नेताओं
ने
विरासत
टैक्स
के
पक्ष
में
वकालत
की
है।
वास्तव
में
यह
हमारा
नहीं,
भाजपा
का
एजेंडा
है।


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