

7
घंटे
पहलेलेखक:
धर्मेन्द्र
चौहान
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सितंबर
1945
यानी
आजादी
से
करीब
2
साल
पहले।
जिन्ना
की
अगुआई
में
मुस्लिम
लीग
ने
अलग
देश
की
मांग
तेज
कर
दी
थी।
तब
सरदार
वल्लभभाई
पटेल
ने
बयान
दिया,
‘आज
मुस्लिम
लीग
का
कहना
है
कि
कांग्रेस
में
हिंदुओं
का
प्रभुत्व
है।
मुस्लिम
लीग
पाकिस्तान
के
लिए
चिल्ला
रही
है।
वो
चांद
पाने
का
सपना
देख
रही
है।’
जनवरी
1948
यानी
आजादी
से
करीब
4
महीने
बाद।
कबायलियों
की
मदद
से
पाकिस्तान
ने
कश्मीर
पर
हमला
कर
दिया
था।
तब
सरदार
पटेल
ने
लखनऊ
में
बयान
दिया,
‘मुझे
मुसलमानों
का
दुश्मन
माना
जाता
है,
लेकिन
मैं
सीधी
बात
में
भरोसा
रखता
हूं।
मुसलमानों
ने
पाकिस्तानी
हमले
की
निंदा
क्यों
नहीं
की?
दो
घोड़ों
की
सवारी
मत
कीजिए।
एक
चुन
लीजिए।
जो
पाकिस्तान
जाना
चाहते
हैं,
वे
जा
सकते
हैं।’
दोनों
बयानों
से
जाहिर
है
कि
सरदार
पटेल
मुस्लिमों
को
लेकर