जबलपुर
में
स्क्रैप
यार्ड
में
धमाके
में
बिल्डिंग
पूरी
तरह
तबाह
हो
गई।
–
फोटो
:
सोशल
मीडिया
विस्तार
उच्च
स्तरीय
बारूद
के
कारण
स्क्रैप
यार्ड
में
जोरदार
धमाका
हुआ
था।
धमाके
में
दो
व्यक्तियों
के
परखच्चे
उड़
गए
थे।
घटना
में
मृतक
की
संख्या
स्पष्ट
नहीं
हो
पाई
है।
इसके
कारण
घटनास्थल
में
मिले
मानव
शरीर
के
टुकड़ों
को
डीएनए
जांच
के
लिए
भेजा
गया
है।
एनआईए
की
टीम
धमाके
की
जांच
कर
रही
है
और
उनकी
कार्रवाई
रविवार
को
भी
जारी
रहेगी।
गौरतलब
है
कि
गुरुवार
की
दोपहर
लगभग
12.15
बजे
खजरी-खिरिया
बायपास
स्थित
मोहम्मद
शमीम
के
स्क्रैप
यार्ड
में
धमाका
हो
गया।
धमाका
इतना
तेज
था
कि
यार्ड
की
छत
तथा
दीवार
पूरी
तरह
से
क्षतिग्रस्त
हो
गई।
ब्लास्ट
जिस
स्थान
पर
हुआ
है,
वहां
बड़ा
सा
गड्ढा
हो
गया
है।
उच्च
स्तरीय
बारूद
के
कारण
इतना
शक्तिशाली
धमाका
हुआ
था।
प्रारंभिक
जांच
में
यह
बात
सामने
आई
है
कि
धमाके
में
यार्ड
में
कार्यरत
दो
मजदूरों
के
परखच्चे
उड़
गए
थे।
धमाके
में
कितने
व्यक्तियों
की
मौत
हुई
उसकी
पुष्टि
के
लिए
घटनास्थल
में
मिले
मानव
अंगों
को
डीएनए
जांच
के
लिए
भेजा
गया
है।
स्क्रैप
यार्ड
के
अंदर
सेना
में
उपयोग
किए
जाने
वाले
बम
के
खोखे
मिले
हैं।
विस्फोट
इतना
तेज
था
कि
उसकी
आवाज
पांच
किलोमीटर
दूर
तक
सुनी
गई
थी।
विस्फोट
के
कारण
उठते
धुएं
को
कई
किलोमीटर
दूर
से
देखा
जा
सकता
था।
विस्फोट
के
कारण
लोगों
को
ऐसा
लगा
कि
भूकंप
आ
गया
है।
पुलिस
महानिरीक्षक
अनिल
सिंह
कुशवाह
ने
बताया
कि
अधारताल
थाने
में
यार्ड
संचालक
सहित
अन्य
के
खिलाफ
धारा
304,
120
तथा
विस्फोटक
एक्ट
के
तहत
प्रकरण
दर्ज
कर
लिया
है।
पुलिस
ने
यार्ड
संचालक
मोहम्मद
शमीम
के
बेटे
फहीम
तथा
सुपरवाइजर
सुल्तान
को
गिरफ्तार
किया
है।
दोनों
को
न्यायालय
में
पेश
कर
पूछताछ
के
लिए
पांच
दिनों
के
पुलिस
रिमांड
पर
लिया
गया
है।
यार्ड
में
मिले
सेना
में
उपयोग
किए
जाने
वाले
बमों
के
खाली
खोखे
मिले
थे,
जिसके
संबंध
में
भी
जांच
जारी
है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आज
भी
होगी
जांच
एनआईए
ने
शुक्रवार
को
जबलपुर
पहुंचकर
जांच
प्रारंभ
कर
दी
थी।
एनआईए
ने
शनिवार
को
भी
यार्ड
की
बारीकी
से
जांच
की।
धमाका
इतना
तेज
था
कि
उच्च
स्तरीय
बारूद
से
ही
संभव
है।
एनआईए
इस
बात
की
जांच
कर
रही
है
कि
धमाका
किस
बारूद
से
हुआ।
एनआईए
टीम
की
कार्रवाई
रविवार
को
भी
जारी
रहेगी।
विज्ञापन
सेना
व
ओएफके
भी
जांच
में
जुटी
यार्ड
में
मिले
सेना
में
उपयोग
किए
जाने
वाले
खाली
बमों
के
खोखे
तथा
विस्फोटक
के
संबंध
में
पुलिस
ने
सेना
व
ओएफके
से
जानकारी
मांगी
है।
सेना
व
ओएफके
की
विशेषज्ञों
की
टीम
ने
भी
घटनास्थल
में
पहुंचकर
जांच
की।
यार्ड
संचालक
के
कर्मचारियों
द्वारा
बताया
गया
था
कि
सेना
के
बम
नीलामी
में
खरीदे
गए
थे,
परंतु
इस
संबंध
में
उनकी
तरफ
से
कोई
दस्तावेज
नहीं
प्रस्तुत
किए
गए
हैं।
बमों
के
खाली
खोखे
के
संबंध
में
भी
सेना
व
ओएफके
जांच
कर
रही
है।