विलुप्त
प्रजाति
गिद्ध
विस्तार
प्रदेश
के
सबसे
बड़े
वीरांगना
रानी
दुर्गावती
टाइगर
रिजर्व
में
सेकेंड
फेज
के
तहत
सोमवार
से
गिद्ध
गणना
शुरू
हो
रही
है।
जबकि
फरवरी
माह
में
एक
गणना
हो
चुकी
है,
जिसमें
पिछली
गणना
की
अपेक्षा
पांच
गुना
ज्यादा
गिद्ध
मिले
थे
और
कल
से
शुरू
हो
रही
गणना
में
इनकी
संख्या
काफी
अधिक
बड़ने
के
आसार
हैं।
इसी
साल
फरवरी
माह
में
गिद्ध
गणना
हुई
थी।
यह
गणना
विश्व
व्यापी
रूप
में
हुई
थी।
जिसमें
गिद्धों
की
प्रजाति
के
साथ
सामन्य
वन
और
अभयारण्य
में
भी
गणना
हुई
थी।
दोनों
मंडलों
में
तीन
दिन
गणना
के
बाद
परिणाम
अच्छे
निकलकर
आये
थे।
यह
गणना
दो
वर्ष
बाद
हुई
थी,
इससे
पूर्व
2021
में
हुई
थी।
उस
समय
नौरादेही
में
गिद्धों
की
संख्या
300
थी
जबकि
फरवरी
माह
में
हुई
गणना
में
यह
सख्या
1500
से
अधिक
पहुंच
गई
थी
जो
दो
साल
में
पांच
गुनी
बड़ी
थी।
यही
आलम
दमोह
के
सामन्य
वनों
में
देखने
मिला
था।
सामान्य
वन
में
भी
गिद्धों
की
संख्या
में
बढ़ोतरी
हुई
थी।
जिस
पर
वन
विभाग
के
अधिकारियों
ने
खुशी
व्यक्त
करते
हुए
कहा
था
कि
भारत
से
विलुप्त
प्रजाति
गिद्ध
यहां
अपना
आशियाना
बना
रही
है।
बलचर
रेस्टोरेंट
की
होनी
थी
शुरूआत
गिद्ध
प्रजाति
के
बचाव
के
लिए
वन
विभाग
अनेक
तरह
के
उपाय
खोज
रहा
है।
लगभग
दो
से
तीन
माह
पूर्व
नौरादेही
के
डीएफओ
ने
एक
प्रस्ताव
उच्च
अधिकारियों
को
भेजा
था,
जिसका
उद्देश्य
विलुप्त
प्रजाति
गिद्धों
की
संख्या
को
नौरादेही
में
बढ़ाने
के
लिए
बलचर
रेस्टोरेंट
चालू
करने
का
हवाला
दिया
गया
था
और
यह
वल्चर
रेस्टोरेंट
नौरादेही
की
दो
रेंज
में
खोले
जाने
थे,
जिसकी
शुरूआत
अप्रैल
माह
से
होनी
थी।
इस
वल्चर
रेस्टोरेंट
का
उद्देश्य
था
कि
वल्चर
रेस्टोरेंट
में
गिद्धों
को
एकत्र
किया
जाएगा,
उनके
लिए
भोजन
दिया
जाएगा।
जिससे
प्रजाति
में
वृद्धि
हो
सके
और
रहवासी
गिद्ध
दूसरे
क्षेत्रों
में
ना
जा
सकें।
यह
बलचर
रेस्टोरेंट
डोगरगांव
और
मुहली
रेंज
में
चालू
होने
की
जानकारी
मिली
थी,
लेकिन
यह
कार्य
अभी
चालू
नहीं
हो
पाया
है।
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विज्ञापन
इसलिए
हो
रही
गणना
मुहली
रेंजर
नीरज
बिसेन
ने
बताया
कि
ग्रीष्मकालीन
गणना
पहली
बार
हो
रही
है।
इस
गणना
का
उदेश्य
है
जो
रहवासी
गिद्ध
हैं
वह
गर्मियों
में
यही
रह
जाते
हैं,
लेकिन
प्रवासी
गिद्ध
इन
दिनों
यहां
से
प्रवास
कर
जाते
हैं।
विभाग
की
यह
मंशा
है
कि
जो
गिद्ध
स्थाई
रूप
से
रहने
वाले
हैं
उनकी
प्रजाति
और
संख्या
की
गणना
की
जाये।
गिद्ध
गणना
लगातार
तीन
दिन
तक
जारी
रहेगी
और
उसमें
रहवासी
गिद्ध
और
प्रवासी
गिद्धों
की
जानकारी
एकत्रित
की
जायेगी।
उन्होंने
बताया
कि
बल्चर
रेस्टोरेंट
शुरू
होने
थे
उनके
प्रस्ताव
भेजे
गये
थे,
लेकिन
अभी
मंजूरी
नहीं
आई
है।
जिसके
कारण
बल्चर
रेस्टोरेंट
का
कार्य
अभी
आरंभ
नहीं
हुआ
है।
आदेश
आने
के
बाद
शुरूआत
होगी।