596
गौवंश
बरामद
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
इस
मामले
में
करीब
100
से
अधिक
आरोपियों
को
हिरासत
में
लिया
है।
पकड़े
गए
गौवंश
को
गौशाला
भिजवाया
है।
घटनास्थल
पर
कुछ
ट्रकों
के
कांच
हिन्दू
संगठन
कार्यकर्ताओं
फोड़
दिए।
ट्रकों
में
सवार
ड्राइवरों
के
पास
नागौर
कलेक्टर
व
नीमच
कलेक्टर
के
पत्र
भी
मिले
है,
जिसमें
उक्त
पशु
श्री
बलदेव
पशु
मेला
मेडता
सिटी
से
पशु
पालकों
द्वारा
क्रय
किए
जाने
व
इनके
परिवहन
के
संबंध
में
लिखा
गया
है
और
पत्र
दिखाने
पर
किसी
भी
संगठन
द्वारा
परेशान
नहीं
किए
जाने
का
जिक्र
है।
वहीं
ट्रक
के
आगे
कांच
पर
बलदेव
पशु
मेला
मेडता
सिटी
2024
रवाना
टोकन
लगा
हुआ
था,
जिस
पर
ट्रक
नंबर अंकित
है।
वहीं
मेला
अधिकारी
महेश्कुमार
मीणा,
मेला
मजिस्ट्रेट
श्रीमती
पूनम,
मेडता
उप
पुलिस
अधीक्षक
पिन्टूसिंह
के
नाम
व
मोबाइल
नंबर
अंकित
है।
हालांकि
ट्रकों
में
ड्राइवरों
के
पास
गौवंश
के
परिवहन
संबंधी
दस्तावेज
प्राप्त
हुए
है,
लेकिन
इसमें
अनियमितता
होने
ट्रकों
में
पानी,
चारे
की
व्यवस्था
नहीं
होने
पर
पुलिस
ने
इनके
खिलाफ
कार्रवाई
की
है।
जानकारी
के
अनुसार
सुबह
9
बजे
करीब
पिपलिया
के
बही
टोल
टैक्स
पर
हिन्दू
संगठन
कार्यकर्ताओं
ने
गौवंश
से
भरी
ट्रकों
को
रोका,
जिसमें
गौवंश
भरे
होने
पर
हिन्दू
संगठन
कार्यकर्ताओं
ने
हंगामा
कर
दिया,
ट्रकें
इतनी
संख्या
में
थी
कि
इन्हें
रोका
तो
पूरे
मार्ग
पर
कतार
लग
गई।
ट्रक
ड्राइवरों
ने
बताया
कि
वह
उक्त
गौवंश
मेड़ता
सिटी
राजस्थान
से
लेकर
महाराष्ट्र
व
मध्यप्रदेश
के
खंडवा,
बडवा,
बडगांव
आकोद,
सिंगोट,
खरगोन,
छिंदवाड़
सहित
विभिन्न
क्षेत्र
में
किसानों
को
उक्त
गौवंश
देने
जा
रहे
है,
जबकि
हिन्दू
संगठन
कार्यकर्ताओं
का
आरोप
है
कि
उक्त
गौवंश
कटने
के
लिए
ले
जा
रहे
है।
हिन्दू
संगठन
कार्यकर्ताओं
के
विरोध
के
बाद
पुलिस
सभी
ट्रकों
को
पिपलिया
थाने
पर
ले
गई।
इसमें
विवेचना
के
दौरान
करीब
47
ट्रक
निकले,
जिसमें
एक-एक
ट्रक
में
13
से
14
गौवंश
कुल
596
गौवंश
भरे
हुए
थे।
क्षेत्र
में
इतनी
बड़ी
संख्या
में
ट्रकों
से
गौवंश
के
बरामद
होने
की
यह
पहली
घटना
बताई
जा
रही
है।
देर
शाम
तक
मामले
को
लेकर
पुलिस
थाने
पर
कार्रवाई
जारी
रही।
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गौशाला
में
भिजवाए
गौवंश
मल्हारगढ़
एसडीओपी
नरेन्द्र
सोलंकी
ने
बताया
कि
ट्रक
ड्राइवरों
के
पास
पशुओं
को
परिहवन
करने
संबंधी
दस्तावेज
थे,
सभी
गौवंश
अलग-अलग
लोगों
के
नाम
से
टोकन
है,
लेकिन
इसमें
अनियमितताएं
थी,
ट्रकों
में
गौवंश
के
चारे,
पानी
की
व्यवस्था
नहीं
थी,
वहीं
संख्या
भी
अधिक
थी,
इस
कारण
इसे
पशु
क्रूरता
मानते
हुए
प्रकरण
दर्ज
किया
है,
गौवंश
को
मंदसौर
जिले
की
विभिन्न
गौशालाओं
में
भिजवाया
है।
विवेचना
जारी
है।