धार
भोजशाला
के
सर्वे
का
आज
24वां
दिन
है।
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
धार
भोजशाला
में
चल
रहे
भारतीय
पुरातत्व
सर्वे
(एएसआई)
के
सर्वे
को
पूरा
करने
के
लिए
एएसआई
ने
आठ
सप्ताह
का
अतिरिक्त
समय
मांगा
है।
एएसआई
का
कहना
है
कि
वर्तमान
ढांचे
को
सुरक्षित
रखते
हुए
सर्वे
किया
जा
रहा
है।
यह
अत्यंत
धीमी
प्रक्रिया
है।
सर्वे
में
जीपीआर
मशीन
इस्तेमाल
की
जाना
है।
इसके
लिए
नेशनल
ज्योग्राफिकल
रिसर्च
इंस्टीट्यूट
आफ
इंडिया
(एनजीआरआइ)
से
संपर्क
किया
है।
इसलिए
उसे
अतिरिक्त
आठ
सप्ताह
दिए
जाएं।
हाई
कोर्ट
एएसआई
को
अतिरिक्त
समय
देगी
या
नहीं,
इस
मुद्दे
को
लेकर
सोमवार
को
मप्र
हाई
कोर्ट
की
इंदौर
खंडपीठ
सुनवाई
होना
है।
सोमवार
ही
भोजशाला
मामले
को
लेकर
हाई
कोर्ट
के
समक्ष
चल
रही
चार
जनहित
याचिकाओं
में
एक
साथ
सुनवाई
भी
होना
है।
न्यायमूर्ति
एसए
धर्माधिकारी
और
न्यायमूर्ति
गजेंद्र
सिंह
की
युगलपीठ
के
समक्ष
इस
मामले
में
सुनवाई
होना
है।
22
मार्च
से
चल
रहा
सर्वे
का
काम
हाई
कोर्ट
ने
11
मार्च
को
इस
मामले
में
आदेश
दिया
था।
इसमें
कहा
गया
था
कि
एएसआई
वैज्ञानिक
भोजशाला
के
50
मीटर
के
दायरे
में
सर्वे
करें।
इसके
लिए
आवश्यकता
हो
तो
वह
अत्याधुनिक
मशीनों
की
मदद
भी
लें।
हाई
कोर्ट
ने
छह
सप्ताह
में
एएसआई
को
सर्वे
पूरा
करने
के
लिए
कहा
था।
22
मार्च
से
कोर्ट
के
आदेश
के
बाद
भोजशाला
में
सर्वे
शुरू
हुआ।
तभी
से
यह
लगातार
चल
रहा
है।
रोज
सर्वे
को
लेकर
नई-नई
जानकारियां
सामने
आ
रही
हैं।
हिंदू
और
मुस्लिम
दोनों
ही
पक्षों
के
इस
पर
अपने
दावे
हैं।
हालांकि
एएसआई
की
तरफ
से
अब
तक
इस
मामले
में
कोई
अधिकृत
बयान
नहीं
आया
है।