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PM
Narendra
Modi
Disqualification
Case
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Delhi
High
Court
Hearing
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दिल्ली7
मिनट
पहले
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PM
मोदी
पर
आरोप
है
कि
उन्होंने
9
अप्रैल
को
UP
के पीलीभीत
में
अपने
भाषण
के
दौरान
हिंदू देवी-देवताओं, सिख
देवताओं
और
उनके
पूजा
स्थलों
के
नाम
पर
वोट
मांगे।
दिल्ली
हाईकोर्ट
ने
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
पर
6
साल
के
लिए
चुनावी
बैन
की
मांग
वाली
याचिका
खारिज
कर
दी।
याचिकाकर्ता
एडवोकेट
आनंद
एस
जोंधले
का
आरोप
था
कि
PM
नरेंद्र
मोदी
ने
आचार
संहिता
का
उल्लंघन
किया।
चुनाव
आयोग
की
तरफ
से
एडवोकेट
सिद्धांत
कुमार
ने
पैरवी
की।
कोर्ट
ने
कहा
कि
याचिका
कई
कारणों
से
पूरी
तरह
से
गलत
है।
याचिकाकर्ता
का
मानना
है
कि
आचार
संहिता
का
उल्लंघन
हुआ,
लेकिन
हमारे
लिए
चुनाव
आयोग
को
किसी
शिकायत
पर
कोई
विशेष
नजरिया
अपनाने
का
निर्देश
देना
सही
नहीं
है।
चुनाव
आयोग
जोंधले
की
शिकायत
पर
कानून
के
मुताबिक
एक्शन
लेगा।
हम
ये
याचिका
करते
हैं।
जोंधले
ने
15
अप्रैल
को
अपनी
याचिका
में
कहा
था
कि
PM
मोदी
भगवान
और
मंदिरों
के
नाम
पर
लोगों
से
वोट
मांग
रहे
हैं।
उन्होंने
कहा-
PM
ने
9
अप्रैल
को
UP
के
पीलीभीत
में
अपने
भाषण
के
दौरान
हिंदू
देवी-देवताओं,
सिख
देवताओं
और
उनके
पूजा
स्थलों
के
नाम
पर
वोट
मांगे।
इसी
स्पीच
को
एडवोकेट
जोंधले
ने
याचिका
का
आधार
बनाया।
कोर्टरूम
लाइव…
याचिकाकर्ता
जोंधले-
यह
बहुत
खतरनाक
भाषण
है,
जो
देश
को
बांट
सकता
है।
हाईकोर्ट-
आपकी
शिकायत
चुनाव
आयोग
में
लंबित
है।
चुनाव
आयोग
के
वकील
सिद्धांत
कुमार-
यह
21
अप्रैल
का
भाषण
है।
चुनाव
आयोग
को
ऐसी
शिकायतें
रोजाना
मिल
रही
हैं।
जोंधले-
नोटिस
में
अपराधी
का
नाम
नहीं
लिखा
है।
उन्होंने
मेरी
शिकायत
की
पावती
(रीसिप्ट)
भी
नहीं
ली।
कोर्ट-
आप
यह
चाहते
हैं
कि
चुनाव
आयोग
को
इस
तरह
से
कार्रवाई
करनी
चाहिए
जैसे
कि
वे
अपराधी
हों।
वैसे
भी
मैं
उनकी
दलीलों
पर
ध्यान
दूंगा।
कुमार-
चुनाव
आयोग
एक
संवैधानिक
संस्था
है।
उन्होंने
अपना
आवेदन
दाखिल
कर
दिया
है
और
हम
इस
पर
कार्रवाई
करेंगे।
कोर्ट-
याचिका
कई
कारणों
से
पूरी
तरह
से
गलत
है।
याचिकाकर्ता
का
मानना
है
कि
आचार
संहिता
का
उल्लंघन
हुआ,
लेकिन
हमारे
लिए
चुनाव
आयोग
को
किसी
शिकायत
पर
कोई
विशेष
नजरिया
अपनाने
का
निर्देश
देना
सही
नहीं
है।
चुनाव
आयोग
जोंधले
की
शिकायत
पर
कानून
के
मुताबिक
एक्शन
लेगा।
हम
ये
याचिका
करते
हैं।
PM
की
कुछ
टिप्पणियां
नफरत
पैदा
करती
हैं-
याचिकाकर्ता
जोंधले
के
मुताबिक,
मोदी
ने
कहा
कि
उन्होंने
राम
मंदिर
का
निर्माण
करवाया।
करतारपुर
साहिब
कॉरिडोर
का
विकास
करवाया।
PM
ने
कहा
कि
उन्होंने
गुरुद्वारों
में
परोसे
जाने
वाले
लंगर
में
इस्तेमाल
होने
वाले
सामान
से
GST
हटाया।
साथ
ही
अफगानिस्तान
से
गुरु
ग्रंथ
साहिब
की
प्रतियां
वापस
मंगवाईं।
याचिकाकर्ता
जोंधले
ने
कहा
कि
आचार
संहिता
के
तहत
कोई
भी
पार्टी
या
उम्मीदवार
किसी
भी
ऐसी
गतिविधि
में
शामिल
नहीं
हो
सकता,
जो
दो
जातियों
या
समुदायों
के
बीच
तनाव
पैदा
कर
सकती
है
उन्होंने
बताया
कि
वे
मोदी
की
शिकायत
लेकर
चुनाव
आयोग
के
पास
भी
गए
थे
और
IPC
की
धारा
153
ए
(समूहों
के
बीच
दुश्मनी
को
बढ़ावा
देना)
के
तहत
कार्रवाई
की
मांग
भी
की
थी।
हालांकि,
आयोग
ने
कोई
एक्शन
नहीं
लिया।

पीलीभीत
में
PM
मोदी
के
भाषण
के
कुछ
अंश…
1.
PM
मोदी
ने
कहा-
500
साल
के
इंतजार
के
बाद
अयोध्या
में
भव्य
राम
मंदिर
बना।
इन
इंडी
गठबंधन
वालों
को
राम
मंदिर
के
निर्माण
से
पहले
भी
नफरत
थी
और
आज
भी
नफरत
है।
इन्होंने
लाख
कोशिश
की,
जिससे
मंदिर
ना
बने।
मंदिरवालों
ने
उनके
सारे
गुनाह
माफ
कर
के
उन्हें
प्राण-प्रतिष्ठा
कार्यक्रम
में
निमंत्रित
किया,
लेकिन
उन्होंने
प्राण-प्रतिष्ठा
के
निमंत्रण
को
ठुकरा
दिया।
2.
मोदी
ने
कहा-
समाजवादी
पार्टी
आज
जिस
कांग्रेस
के
साथ
खड़ी
है,
उस
कांग्रेस
ने
1984
में
हमारे
सिख
भाई-बहनों
के
साथ
क्या
किया
था,
वो
कोई
भूल
नहीं
सकता।
ये
भाजपा
है,
जो
सिखों
के
साथ
पूरी
शक्ति
से
खड़ी
है।
हमें
गर्व
होता
है
जब
लाखों
श्रद्धालु,
जिनके
मन
में
दशकों
से
दर्द
था,
पीड़ा
थी,
वे
करतारपुर
साहिब
कॉरिडोर
से
करतारपुर
साहब
जाकर
मत्था
टेकते
हैं।
भाजपा
ने
लंगर
की
वस्तुओं
पर
से
GST
हटाया।
हमने
श्री
हरमिंदर
साहब
के
लिए
FCRA
रजिस्ट्रेशन
सुनिश्चित
किया,
जिससे
विदेश
के
लोगों
को
भी
सेवा
करने
का
अवसर
मिले।
हमने
वीर
बाल
दिवस
मनाकर
साहिबजादों
के
शौर्य
को
सम्मान
दिया।
3.PM
ने
कहा-
कांग्रेस
ने
जो
घोषणापत्र
बनाया
है,
वो
कांग्रेस
का
नहीं,
ऐसा
लगता
है
कि
मुस्लिम
लीग
का
घोषणापत्र
दिखता
है।
कांग्रेस
और
सपा
CAA
का
विरोध
कर
रही
हैं।
विदेशी
धरती
पर
अत्याचार
की
वजह
से
भागने
के
लिए
मजबूर
हुए
हिंदुओं
और
सिख
भाई
बहनों
को
भारत
अगर
नागरिकता
नहीं
देगा
तो
कोई
और
देगा
क्या?
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PM
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आरोप

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आयोग
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गुरुवार
को
PM
नरेंद्र
मोदी
और
राहुल
गांधी
के
भाषणों
पर
नोटिस
जारी
किया।
यह
नोटिस
आचार
संहिता
के
उल्लंघन
की
शिकायतों
पर
लोक
प्रतिनिधित्व
कानून
1951
के
सेक्शन
77
के
तहत
इश्यू
किया
गया
है।
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बोली-
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में
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का
जिक्र
नहीं:
1985
में
राजीव
गांधी
ने
इसे
खत्म
कर
दिया
था

कांग्रेस
लीडर
जयराम
रमेश
ने
गुरुवार
(25
अप्रैल)
को
विरासत
टैक्स
को
लेकर
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
के
बयान
पर
स्पष्टीकरण
दिया।
जयराम
रमेश
प्रेस
कॉन्फ्रेंस
में
कांग्रेस
मेनिफेस्टो
की
बुकलेट
लेकर
पहुंचे।
उन्होंने
कहा
कि
हमारे
घोषणा
पत्र
में
कहीं
भी
विरासत
टैक्स
का
जिक्र
नहीं
है।
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चुनाव
2024
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