पूर्व
सीएम
कमलनाथ
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
कुछ
दिन
पहले
आए
मध्यप्रदेश
बोर्ड
परीक्षाओं
के
खराब
रिजल्ट
नई
शिक्षा
भी
व्यवस्था
पर
सवालिया
निशान
खड़े
कर
रहे
हैं।
इसे
लेकर
मध्यप्रदेश
के
पूर्व
मुख्यमंत्री
कमलनाथ
ने
मध्यप्रदेश
सरकार
और
शिक्षा
विभाग
को
घेरा
है।
कमलनाथ
ने
अपने
सोशल
साइट
एक
पर
लिखा
है
कि
मध्यप्रदेश
की
10वीं
की
बोर्ड
परीक्षा
के
परिणाम
का
जो
विश्लेषण
अब
सामने
आ
रहा
है,
वह
और
भी
ज़्यादा
चिंताजनक
है।
अगर
30
प्रतिशत
बच्चे
ऐसे
हैं,
जो
सभी
विषय
में
फ़ेल
हो
गए
तो
हमें
सोचना
पड़ेगा
कि
मध्यप्रदेश
में
शिक्षा
का
स्तर
क्या
है
और
इसकी
गुणवत्ता
किस
तरह
कमज़ोर
होती
जा
रही
है?
सरकार
झूठ
बोलने
की
जगह
बच्चों
के
भविष्य
की
चिंता
करे।
उन्होंने
आगे
लिखा
कि
मैं
हमेशा
कहता
हूं
कि
हमें
अपने
बच्चों
के
भविष्य
की
चिंता
करनी
है।
अगर
भविष्य
ख़राब
हो
जाएगा
तो
आने
वाली
पीढ़ी
का
क्या
होगा?
लेकिन
दुर्भाग्य
की
बात
है
कि
प्रदेश
में
शिक्षा
का
स्तर
बढ़ाने,
अध्यापकों
की
समुचित
संख्या
तैनात
करने,
अतिथि
शिक्षकों
को
सम्मानजनक
वेतन
देने
की
कोई
पहल
मध्यप्रदेश
सरकार
द्वारा
नहीं
की
जा
रही
है।
मध्यप्रदेश
के
राजनैतिक
नेतृत्व
को
इवेंटबाज़ी
और
विज्ञापनों
से
फ़ुरसत
नहीं
है।
बेहतर
होगा
सरकार
झूठ
के
बल
पर
अपना
चेहरा
चमकाने
के
बजाय
शिक्षा
के
क्षेत्र
में
व्यापक
निवेश
और
सुधार
कर
बच्चों
का
भविष्य
चमकाए।
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