मरीजों
का
इलाज
करता
डाक्टर
–
फोटो
:
अमर
उजाला
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दमोह
जिले
के
तेंदूखेड़ा
में
सरकार
नामक
झोलाछाप
डाक्टर
के
द्वारा
मरीजों
का
इलाज
किया
जा
रहा
था।
प्रशासनिक
अधिकारियों
के
पास
लगातार
शिकायत
पहुंचने
के
बाद
बुधवार
को
झोलाछाप
डाक्टर
की
अस्पताल
पर
कार्रवाई
की
गई
तो
हड़कंप
मच
गया।
उस
दौरान
कई
मरीज
अपना
इलाज
करा
रहे
थे।
स्वास्थ्य
विभाग
और
जिला
प्रशासन
के
अधिकारियों
ने
अवैध
दवाओं
को
जब्त
कर
डाक्टर
पर
कार्रवाई
करने
की
बात
कही।
बता
दें
पूरे
जिले
में
झोलाछाप
डाक्टरों
की
संख्या
बढ़ती
जा
रही
है।
इनकी
तादात
शहरी
क्षेत्र
की
अपेक्षा
ग्रामीण
क्षेत्रों
में
ज्यादा
ग्रामीण
कम
पैसों
में
इलाज
कराने
यहां
पहुंच
जाते
हैं
और
यह
झोलाछाप
बिना
किसी
डिग्री
के
लोगों
को
इंजेक्शन
और
बाटल
तक
लगा
देते
हैं
और
दवाएं
दे
देते
हैं।
तेंदूखेड़ा
में
भी
यह
जाल
नगरीय
क्षेत्र
के
साथ
ग्रामीण
क्षेत्रों
में
फैला
है।
इसी
तरह
की
शिकायत
मिलने
के
बाद
तेंदूखेड़ा
तहसीलदार
सोनम
पांडे,
तेंदूखेड़ा
सीबीएमओ
आरआर
बागरी
डाक्टर
की
अस्पताल
पहुंचे।
डॉक्टर
से
दस्तावेज
मांगे
जो
उसके
पास
नहीं
मिले।
इसके
बाद
अधिकारियों
ने
इंजेक्शन
और
दवाएं
जब्त
की।
इस
बात
की
जानकारी
जैसे
ही
अन्य
झोलाछाप
डाक्टरों
को
लगी
तो
उन्होंने
दुकान
पर
ताला
लगा
दिया।
सरकार
डाक्टर
नाम
से
यह
झोलाछाप
डाक्टर
मरीजों
का
इलाज
कर
रहा
था।
स्वास्थ्य
विभाग
की
टीम
के
साथ
तेंदूखेड़ा
तहसीलदार
सोनम
पांडे,
नायब
तहसीलदार
चंदशेखर
शिल्पी
कार्रवाई
करने
पहुंचे।
इस
दौरान
कुछ
मरीज
भी
मिले
जो
इलाज
करा
रहे
थे।
तेंदूखेड़ा
सीबीएमओ
आरआर
बागरी
और
फार्मासिस्ट
सतीश
वर्मा,
आरआई
करन
सिंह
ने
बयान
दर्ज
किए।
यहां
रखी
दवाओं
का
पंचनामा
बनाकर
उन्हे
जब्त
किया
गया।
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दवाइयों
के
साथ
ड्रिप
हुई
बरामद
नगर
के
वार्ड
दो
में
यह
कार्रवाई
की
गई
है।
झोलाछाप
डाक्टर
के
पास
से
बड़ी
मात्रा
में
दवाइयों
और
ड्रिप
बरामद
की
गई
है।
डाक्टर
दवाओं
के
बिल
और
कोई
डिग्री
नहीं
दे
सका।
तेंदूखेड़ा
तहसीलदार
सोनम
पांडे
ने
बताया
कि
कलेक्टर
कार्यलय
में
शिकायत
हुई
थी
और
कलेक्टर
के
निर्देश
पर
वह
स्वास्थ
विभाग
के
सीबीएमओ,
नायब
तहसीलदार
चंद्रशेखर
शिल्पी
के
साथ
मौके
पर
गई
थी।
डाक्टर
के
पास
कोई
डिग्री
और
दवाओं
के
बिल
नहीं
मिले,
जिसके
बाद
पंचनामा
कार्रवाई
की
गई।