Indore News:घोटाले का पैसा बैंक में जाने के बाद नकद निकल कर बंटता था, विभागीय जांच पूरी

Indore News:घोटाले का पैसा बैंक में जाने के बाद नकद निकल कर बंटता था, विभागीय जांच पूरी
Indore News: After the scam money went to the bank, it was withdrawn in cash and distributed, departmental inv

इंदौर
नगर
निगम
में
घोटाला।


फोटो
:
अमर
उजाला

विस्तार

नगर
निगम
में
हुए
ड्रेनेज
घोटाले
की
विभागीय
जांच
लगभग
पूरी
हो
चुकी
है।
उसे
प्रदेश
सरकार
को
भेजा
जा
रहा
है।
इस
घोटाले
का
मास्टर
माइंड
नगर
निगम
का
इंजीनियर
अभय
राठौर
है।
उसके
ही
इशारों
पर
ठेकेदार
फर्जी
फाइल
तैयार
करते
थे
और लेखा
विभाग
के
कर्मचारी
उन्हें
मंजूर
कराने
में
मदद
करते
थे।
पांच
फर्मों
के
ठेकेदारों
के
दस
सालों
के
कामों
की
फिलहाल
जांच
के
दायरे
में
लिया
हैै।
इन
फर्मों
की
188
फाइलों
की
जांच
की
जा
रही
है।

जांच
में
यह
पता
चला
है
कि
नगर
निगम
से
जैसे
ही
ठेकेदारों
के
बैंक
खातों
में
पैसा
जाता
था,
उसे
तत्काल
नकद
के
रुप
में
निकाल
लिया
जाता
था।
उन
खातों
से
आनलाइन
ट्रांजेक्शन
नहीं
होता
था।
इस
वजह
से
अफसर
यह
नहीं
पता
कर
पा
रहे
है
कि
घोटाले
का
पैसा
कहां-कहां
बांटा
जाता
था।

जांच
कर
रहे
अफसरों
को
यह
पता
चला
है
कि
ठेकेदारों
को
भी
पूरा
पैसा
नहीं
मिलता
था।
घोटाले
की
राशि
मेें
सबसे
ज्यादा
पैसा
इंजीनियर
अभय
राठौर
रखता
था।
इसके
अलावा
लेखा
विभाग
का
इंजीनियर
राजकुमार
सालवी

अन्य
कर्मचारियों
को
भी
राशि
मिलती
थी।
इसके
बाद
ठेकेदारों
को
पैसा
मिलता
था।


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जिस
विभाग
में
भेजा
वहां
घोटाले
किए

इंजीनियर
अभय
राठौर
लंबे
समय
तक
जल
यंत्रालय
में
रहा।
यहां
किराए
के
टैंकर
लगाने
का
जिम्मा
उसके
पास
रहता
था।
वह
कागजों
पर
अपने
रिश्तेदारों
के
टैंकर
किराए
पर
लगाता
था।
15
साल
पहले
हुए
यशवंत
सागर
पाइप
घोटाले
में
भी
वह
निलंबित
हो
चुका
था।


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स्वच्छता
मिशन
के
काम
की
जिम्मेदारी
मिली
तो
वहां
भी
इन
ठेकेदारों
के
जरिए
घोटाले
किए।
ड्रेनेज
विभाग
मेें
फर्जी
फाइल
बनाने
की
जांच
चल
ही
रही
है।
लोकायुक्त
छापे
के
बाद
राठौर
को
फिर
निलंबित
किया
गया
और उसे
ट्रेंचिंग
ग्राउंड
भेजा
गया
था।
तब
उसने
वहां
भी
चार
करोड़
के
घोटाले
को
अंजाम
दे
डाला।


दस
सालों
के
कामों
की
जांच

पांच
फर्मों
को
दस
सालों
में
जितने
काम
दिए
गए।
उसे
जांच
के
दायरे
मेें
लिया
गया
है।
ठेकेदारों
के
बैंक
खाते
और ट्रांजेक्शन
की
जांच
भी
जा
रही
है।
जांच
रिपोर्ट
लगभग
तैयार
हो
चुकी
है।
उसे
गुरुवार
को
राज्य
सरकार
को
भेजा
जाएगा।-शिवम
वर्मा,
निगमायुक्त


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