सीएम
मोहन
यादव
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री
डॉ
मोहन
यादव
देर
रात
ग्वालियर
पहुंचे,
जहां
उन्होंने
जातिगत
समीकरण
को
साधने
के
लिए
यादव
समाज
के
साथ
बैठक
ली।
इस
दौरान
उन्होंने
कहा
कि
चुनाव
चल
रहा
है,
खासकर
के
मैं
लोकसभा
चुनाव
के
दरमियान
में
चंबल
के
दौरे
पर
हूं।
भिंड,
ग्वालियर,
सागर
इत्यादि
स्थान
से
होता
हुआ
आज
ग्वालियर
आया
हूं।
मुझे
इस
बात
की
प्रसन्नता
है
कि
लगातार
भाजपा
का
ग्राफ
धीरे-धीरे
बढ़ता
जा
रहा
है।
जिस
प्रकार
का
वातावरण
बना
है,
हम
सब
देख
रहे
हैं
कि
कांग्रेस
का
मनोबल
गिरा
हुआ
है।
वहीं
डॉक्टर
मोहन
यादव
ने
राहुल
गांधी
पर
भी
जमकर
निशाना
साधा।
मुख्यमंत्री
मोहन
यादव
ने
कहा
कि
कांग्रेस
के
नेता
ने
अपने
बीच
में
प्रदेश
के
अंदर
जिस
ढंग
से
बात
की
है,
वह
प्रदेश
की
गरिमा
को
गिराने
वाली
है।
राहुल
गांधी
जी
को
माफी
मांगनी
चाहिए,
राहुल
गांधी
ने
संविधान
संशोधन
की
बात
की
है,
संविधान
संशोधन
उनके
परिवार
के
द्वारा
किया
गया।
जिसमें
इंदिरा
जी
द्वारा
29
बार,
नेहरू
जी
द्वारा
17
बार
और
सोनिया
जी
द्वारा
इनडायरेक्टली
10
बार,
यानि
100
बार
से
ज्यादा
संविधान
का
संशोधन
उनके
परिवार
के
द्वारा
किया
गया
है।
ये
बात
कर
रहे
हैं
कि
संविधान बदल
देंगे।
10
साल
से
हमारी
सरकार
है,
हमने
कौन
सा
संविधान
बदल
दिया।
हमारी
सरकार
तो
बनी
बनाई
है
और
वह
झूठ
बोलकर
कहते
हैं
कि
उनकी
सरकार
(भाजपा)
बनेगी
तो
संविधान
बदल
देंगे।
मैं
उम्मीद
करता
हूं
कि
राहुल
गांधी
जी
को
माफी
मांगनी
चाहिए।
इतना
ही
नहीं
मुख्यमंत्री
डॉ
मोहन
यादव
ने
राहुल
गांधी
की
तुलना
रॉकेट
से
कर
डाली।
उन्होंने
कहा
कि
वह
ऐसा
रॉकेट
है,
उसे
बार-बार
लॉन्च
करते
हैं,
बार-बार
नीचे
गिरता
है,
मैं
उम्मीद
करता
हूं
राहुल
गांधी
सबक
लेंगे।
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इसी
प्रकार
कांग्रेस
के
प्रदेश
इकाई
के
अध्यक्ष,
ओबीसी
वर्ग
का
अपमान
कर
रहे
हैं।
पहली
बार
CM
को
लेकर
उन्होंने
बड़े
वर्ग
का
अपमान
किया
है।
सुप्रीम
कोर्ट
ने
यौन
अपराध,
बाल
अपराध
को
रोकने
के
लिए
जो
कानून
बनाया
है,
इस
आधार
पर
इन
बच्चियों
का
जीवन
बचाने
के
लिए
सुप्रीम
कोर्ट
2012
के
नियम
को
तोड़कर
वह
अपने
अहंकार
की
पराकाष्ठा
तोड़
रहे
हैं।
उनको
भी
माफी
मांगनी चाहिए।
जिस
ढंग
से
उन्होंने
व्यवहार
किया,
जिन
यौन
अपराध
पीड़ित
बच्चियों
की
पहचान
उजागर
की
है,
उसके
लिए
कानून
अपना
काम
करेगा।
बच्चियों
की
पहचान
छुपाने
की
आवश्यकता
है।
इन
घटनाओं
पर
सरकार
कठोर
कार्रवाई
करती
है।
चुनाव
के
बाद
भी
सरकार
रहेगी,
लेकिन
इन
मामलों
पर
राजनीति
करना
इतना
हल्कापन
लाकर
बात
करना,
यह
निंदनीय
है।