गांव
में
बनी
पक्की
सड़क
पर
खड़े
ग्रामीण
विस्तार
दमोह
जिले
के
तेंदूखेड़ा
ब्लाक
के
बादीपुरा
गांव
में
पहली
बार
सड़क
का
निर्माण
हुआ
है।
यह
भी
तब
हुआ
जब
गांव
में
हैजा
की
बीमारी
फैलने
पर
स्वास्थय
अधिकारी
गांव
पहुंचे
और
सड़क
न
होने
पर
एंबुलेंस
भी
नहीं
पहुंच
पाई।
तब
उन्होंने
इलाज
करने
के
बाद
जिला
प्रशासन
को
सड़क
की
समस्या
से
अवगत
कराया।
तब
यहां
सड़क
बनी
है,
जिसे
देख
ग्रामीणों
की
खुशी
का
ठिकाना
नहीं
है।
ग्रामीणों
ने
पहली
बार
देखी
सड़क
ग्रामीणों
ने
अपने
गांव
में
कभी
सड़क
नहीं
देखी
थी
और
आलम
यह
था
कि
यहां
किसी
के
बीमार
होने
पर
एंबुलेंस
भी
नहीं
पहुंच
पाती
थी।
बारिश
के
मौसम
में
जब
गांव
में
हैजा
फैला,
जिसमें
एक
महिला
की
मौत
हो
गई
और
सैकड़ों
लोग
बीमार
हुए।
तब
स्वास्थ्य
विभाग
की
टीम
कीचड़
से
होकर
गांव
पहुंची
थी
और
उन्होंने
यह
माना
था
कि
गांव
में
सड़क
नहीं
है।
गंदगी
की
वजह
से
हैजा
फैला
है।
अब
जैसे
ही
शासन
के
द्वारा
राशि
जारी
की
गई,
गांव
में
सबसे
पहले
सड़क
निर्माण
करवाया
गया।
यहां
तक
हुआ
निर्माण
बादीपुरा
गांव
में
राशि
आने
के
बाद
जैन
मंदिर
से
लेकर
बजरंगबली
चौराहे
तक
सीसी
रोड
का
निर्माण
कराया
गया
है।
इस
मार्ग
पर
पूर्व
में
पक्की
सड़क
नहीं
थी
और
सबसे
ज्यादा
दलदल
इसी
मार्ग
पर
बना
रहता
था।
घर
से
निकलते
ही
लोगों
को
कीचड़
से
आवागमन
करना
पड़ता
था।
पक्की
सड़क
निर्माण
होने
के
बाद
ग्रामीणों
ने
भी
राहत
की
सांस
ली
है,
क्योंकि
अब
उनके
घरों
के
सामने
बहने
वाले
कीचड़
की
जगह
पक्की
सड़क
का
निर्माण
हो
गया
है।
सरपंच
जयश्री
जैन
ने
बताया
कि
सड़क
के
अभाव
में
अनेक
परेशानियों
का
सामना
ग्रामीणों
को
करना
पड़ता
था।
इसी
मार्ग
पर
बजरंगबली
चौराहा
और
जैन
मंदिर
है।
जहां
पर
प्रतिदिन
लोगों
को
भी
भगवान
के
दर्शन
करने
के
लिए
गंदगी
में
से
होकर
गुजरना
पड़ता
था।
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