शहडोल
में
रेत
माफियाओं
ने
एएसआई
की
हत्या
कर
दी।
–
फोटो
:
सोशल
मीडिया
विस्तार
कल
तक
पिता
की
गोद
मे
खेलने
वाली
बच्चियों
के
सिर
से
अब
पिता
का
साया
हमेशा
के
लिए
छिन
चुका
है।
वहीं
इनकी
मां
का
सुहाग
भी
अब
उजड़
गया
है।
पिता
के
खून
से
लथपथ
शव
से
लिपटकर
ये
बच्चियां
बिलख
रही
हैं।
वहीं
पत्नी
सुहाग
उजड़
जाने
के
बाद
से
बदहवास
है।
पोस्टमार्टम
के
बाद
अब
ब्योहारी
थाने
में
पदस्थ
एएसआई
महेन्द्र
बागरी
का
शव
उनके
पैतृक
गांव
सतना
जिले
के
ग्राम
मसनहा
भेज
दिया
गया
है।
जहां
राजकीय
सम्मान
के
साथ
कर्तव्य
का
निर्वहन
करते
शहीद
हुए
एएसआई
बागरी
का
अंतिम
संस्कार
किया
जाएगा।
परिजनों
के
साथ
जिला
पुलिस
बल
के
कुछ
पुलिस
अधिकारी
व
जवानों
को
भी
भेजा
गया
है।
शहीद
पुलिसकर्मी
बागरी
की
तीन
बेटियों
मे
आयुषी
(14)
सबसे
बड़ी
है।
जबकि
दूसरी
पुत्री
परी
6
वर्ष
तथा
तीसरी
सबसे
छोटी
बेटी
शिवि
की
उम्र
अभी
महज
तीन
साल
ही
है।
इन
सभी
का
एकलौता
सहारा
थे
शहीद
महेन्द्र
बागरी।
जो
अब
इस
इन
बच्चियों
को
दुनिया
मे
छोड़कर
हमेशा
के
लिए
जा
चुके
हैं।
चालक
व
पायलट
गिरफ्तार,
वाहन
मालिक
फरार
बीते
रात्रि
ब्योहारी
थाना
क्षेत्र
के
खदौली
के
पास
रेत
माफिया
ने
ट्रैक्टर
से
कुचलकर
एएसआई
महेन्द्र
बागरी
को
मौत
के
घाट
उतार
दिया
था।
घटना
के
बाद
रात्रि
में
ही
ट्रैक्टर
चालक
विजय
उर्फ़
राज
रावत
पिता
मोलई
कोल
(19)
निवासी
ग्राम
जामोड़ी
थाना
ब्योहारी
व
रेकी
करने
वाले
पायलट
आशुतोष
सिंह
पिता
सुरेन्द्र
सिंह
बघेल
निवासी
ग्राम
जमोड़ी
थाना
ब्योहारी
को
गिरफ्तार
कर
लिया
था।
वहीं
फरार
आरोपी
सुरेन्द्र
सिंह
जो
कि
घटना
के
बाद
से
फरार
है।
उसके
ऊपर
तीस
हजार
रुपए
का
इनाम
घोषित
किया
गया
है।