
अभिज्ञान
पटेल
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
मध्य
प्रदेश
के
मंत्री
नरेंद्र
शिवाजी
पटेल
के
बेटे
अभिज्ञान
के
साथ
हुए
विवाद
और
उसके
बाद
चार
पुलिसकर्मियों
के
निलंबन
का
एक
नया
पहलू
सामने
आया
है।
अभिज्ञान
का
दावा
है
कि
जिन
चार
पुलिस
वालों
को
निलंबित
किया
है,
उन्होंने
उसके
साथ
मारपीट
की
थी।
अभिज्ञान
ने
तो
मीडिया
के
सामने
कुछ
तस्वीरें
भी
पेश
की
हैं,
जिनमें
उसके
शरीर
पर
चोटें
दिखाई
दे
रही
हैं।
मामला
शनिवार
का
है।
भोपाल
के
शाहपुरा
थाना
क्षेत्र
में
त्रिलंगा
के
रेड
लाइन
रेस्टोरेंट
के
बाहर
वाहन
खड़ा
करने
को
लेकर
अभिज्ञान
का
एक
मीडियाकर्मी
से
विवाद
हो
गया
था।
इसके
बाद
मामला
बढ़ा
और
रेस्टोरेंट
के
संचालक
और
उनकी
पत्नी
भी
इस
विवाद
में
शामिल
हो
गए।
मंत्री
पुत्र
ने
पहले
दोस्तों
के
साथ
मिलकर
मीडियाकर्मी
को
पीटा।
रेस्टोरेंट
संचालक
आलिशा
सक्सेना
और
उसके
पति
डेनिस
मार्टिन
ने
बीचबचाव
किया
तो
मंत्री
पुत्र
के
समर्थकों
ने
उन्हें
भी
बुरी
तरह
पीटा।
मामला
थाने
पहुंचा
था।
और
अभिज्ञान
के
खिलाफ
केस
भी
दर्ज
हुआ
है।
इस
दौरान
मंत्री
नरेंद्र
शिवाजी
पटेल
भी
शाहपुरा
थाना
पहुंचे
थे।
वहां
उनकी
मौजूदगी
की
तस्वीरें
भी
सामने
आई
थी।
मीडिया
में
मंत्री
पुत्र
की
गुंडागर्दी
का
मामला
आया
तो
मंत्री
को
भोपाल
से
लेकर
दिल्ली
तक
नसीहत
मिली।
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव,
प्रदेश
भाजपा
अध्यक्ष
वीडी
शर्मा
से
लेकर
संगठन
महामंत्री
हितानंद
ने
पटेल
को
बेटे
की
गुंडागर्दी
को
लेकर
फटकारा
भी
था। चार
पुलिसकर्मियों
को
निलंबित
किया
गया
तो
मामले
ने
और
तूल
पकड़
लिया।
पार्टी
पदाधिकारियों
का
कहना
है
कि
मंत्री
का
इस
तरह
थाने
में
जाकर
कई
घंटे
बैठना
पार्टी
के
नियमों
का
उल्लंघन
है।
इस
मामले
में
मंत्री
फिलहाल
चुप
है।
अभिज्ञान
का
दावा-
थाने
में
उसे
पीटा
मंत्री
पुत्र
अभिज्ञान
ने
मीडिया
के
सामने
थाने
के
भीतर
पिटे
जाने
के
साक्ष्य
प्रस्तुत
किए
हैं।
इस
मामले
में
पुलिस
अधिकारी
जांच
का
हवाला
देकर
बात
करने
से
बच
रहे
हैं।
हालांकि,
अभिज्ञान
ने फोटो
और
वीडियो
के
माध्यम
से
दावा
किया
कि
शनिवार
रात
की
घटना
के
बाद
थाने
पहुंचने
पर
लॉकअप
में
चार
पुलिसकर्मियों
ने
उनके
साथ
पिटाई
की।
अभिज्ञान
का
कहना
है
कि
पुलिसकर्मियों
ने
पीटा
था,
जिसकी
वजह
से
पिताजी
वहां
आए
थे। अभिज्ञान
ने
कहा
कि
मेरे
दोस्तों
ने
घर
में
फोन
कर
बताया
कि
मुझे
थाने
में
बंद
कर
पीटा
जा
रहा
है।
इसके
बाद
ही
पिता
थाने
आए
थे।
अभिज्ञान
ने
कहा
कि
यह
फोटो
और
वीडियो
वरिष्ठ
अधिकारियों
को
दिए
गए
थे,
जिसके
बाद
चारों
पुलिसकर्मियों
को
निलंबित
किया
गया।
बचाव
में
जारी
कर
रहे
वीडियो-फोटो
राजनीतिक
सूत्रों
की
माने
तो
प्रदेश
के
स्वास्थ्य
राज्यमंत्री
नरेन्द्र
शिवाजी
पटेल
के
थाने
में
जाकर
बैठने
और
बेटे
व
उसके
दोस्तों
की
गुंडागर्दी
का
विरोध
नहीं
करने
से
संगठन
नाराज
है।
प्रदेश
पदाधिकारियों
के
साथ
ही
मामला
दिल्ली
तक
पहुंचा
है। मंत्री
ने
पार्टी
संगठन
के
सामने
यह
जताने
की
कोशिश
की
है
कि
उन्हें
बेटे
को
बचाने
के
लिए
थाने
जाना
पड़ा। पार्टी
के
वरिष्ठ
नेताओं
तक
हकीकत
पहुंचाने
की
कोशिश
की
गई
है।