
विस्तार
अनूपपुर
में
स्वास्थ्य
विभाग
द्वारा
की
गई
उपकरण
खरीदी
में
गड़बड़ी
की
शिकायत
के
बाद
आर्थिक
अपराध
शाखा,
रीवा
ने
केस
दर्ज
कर
लिया
है।
13
लोगों
को
आरोपी
बनाया
है। बुधवार
को
ईओडब्ल्यू
रीवा
की
छह
सदस्यीय
टीम
अनूपपुर
पहुंची
और
इस
मामले
में
जुड़े
दस्तावेजों
को
जब्त
किया।
टीम
ने
इससे
पहले
दस्तावेजों
का
परीक्षण
किया।
अपराध
दर्ज
करने
के
बाद
ईओडब्ल्यू
की
टीम
के
अनूपपुर
पहुंचने
पर
इस
मामले
से
जुड़े
लोगों
की
हलचल
बढ़
गई
है।
वर्ष
2019
में
अनूपपुर
स्वास्थ्य
विभाग
ने
चिकित्सकीय
दवाइयां
एवं
चिकित्सकीय
उपकरण
की
खरीदी
के
लिए
7.11
करोड़
रुपये
की
खरीदी
का
टेंडर
निकाला
था।
यह
टेंडर
भोपाल
के
एक
ही
परिवार
से
जुड़ी
तीन
फर्म
को
दिया
गया
था।
इस
मामले
में
कोलार
रोड
भोपाल
निवासी
योगेंद्र
सिंह
तोमर
ने
आर्थिक
अपराध
शाखा,
रीवा
में
भ्रष्टाचार
की
शिकायत
दर्ज
कराई
थी।
इस
पर
जांच
में
33
लाख
रुपये
की
आर्थिक
गड़बड़ी
पाई
गई
थी।
इस
मामले
में
तत्कालीन
मुख्य
चिकित्सा
एवं
स्वास्थ्य
अधिकारी
डॉक्टर
बी.
सोनवानी
एवं
क्रय
समिति
के
अध्यक्ष
रहे
तत्कालीन
अपर
कलेक्टर
बीडी
सिंह
सहित
11
अन्य
स्वास्थ्य
कर्मचारियों
एवं
दवा
तथा
उपकरण
की
सप्लाई
करने
वाली
फर्म
के
विरुद्ध
केस
दर्ज
किया
गया
था।
ईओडब्ल्यू
शाखा
रीवा
ने
धारा-420,
409,
120-बी
एवं
भ्रष्टाचार
निवारण
अधिनियम
1988
की
विभिन्न
धाराओं
के
तहत
अपराध
दर्ज
किया
है।
बुधवार
को
दस्तावेजों
की
जांच
एवं
जब्त
करने
की
कार्यवाही
करने
के
लिए
ईओडब्ल्यू
रीवा
की
छह
सदस्यीय
टीम
मुख्य
चिकित्सा
एवं
स्वास्थ्य
अधिकारी
कार्यालय
अनूपपुर
पहुंची
थी।
जांच
कार्यवाही
चल
रही
थी।
इस
टीम
में
निरीक्षक
मोहित
सक्सेना,
स्टेनो
संतोष
पांडे,
प्रधान
आरक्षक
पुष्पेंद्र
पटेल,
घनश्याम
त्रिपाठी,
धनंजय
अग्निहोत्री
संतोष
मिश्रा
शामिल
हैं।