शिकायत
लेकर
कोतवाली
थाने
पहुंचे
रहवासी
विस्तार
राजगढ़
शहर
के
मध्य
में
स्थित
शहर
की
प्रतिष्ठित
कॉलोनियों
में
से
एक
पीटी
कंपनी
के
रहवासी
इस
समय
बढ़ी
दुविधा
में
है।
एक
ओर
जहां
वे
मोहल्ले
में
आवारा
कुत्तों
के
आतंक
से
परेशान
हैं
वहीं
दूसरी
ओर
उन्हें
संरक्षण
प्रदान
करने
वाली
महिलाएं
से
भी
परेशान
हैं।
क्योंकि,
उक्त
महिलाओं
को
आवारा
कुत्ते
घर
में
कैद
न
करने
और
पालतू
कुत्ते
को
खुला
न
छोड़ने
को
लेकर
समझाइश
देने
पर
वे
झूठे
केस
में
फंसाने
की
धमकियां
देती
हैं।
दरअसल,
यह
पूरा
मामला
शहर
की
पीटी
कंपनी
में
स्थित
मदीना
मस्जिद
के
पिछले
हिस्से
में
निवास
करने
वाले
रहवासियों
का
है,
जो
की
मोहल्ले
में
घूमने
वाले
आवारा
कुत्तों
से
तो
परेशान
हैं
ही,
साथ
ही
उन्हें
दाना
पानी
देकर
संरक्षण
करने
वाली
पड़ोस
की
दो
महिलाओं
से
भी
वे
परेशान
हैं।
जिसकी
एक
शिकायत
वे
पूर्व
में
कोतवाली
थाने
में
दर्ज
करा
चुके
हैं,
इसके
बाद
भी
महिलाओं
की
दबंगई
और
मनमानी
जारी
है।
शनिवार
की
रात
स्थानीय
रहवासी
दोबारा
एकत्रित
होकर
कोतवाली
थाने
पहुंचे
और
शिकायती
आवेदन
देते
हुए
सबंधित
महिलाओं
सुधा
तोमर
और
उसकी
पुत्री
अपूर्वा
तोमर
के
विरुद्ध
कार्रवाई
की
मांग
की।
शिकायत
में
बताया
गया
कि
शहर
की
पीटी
कंपनी
में
मदीना
मस्जिद
के
पीछे
निवास
करने
वाली
महिला
सुधा
तोमर
और
उसकी
बेटी
अपूर्वा
तोमर
के
द्वारा
पालतू
कुत्ते
के
साथ
मोहल्ले
के
आवारा
कुत्ते
भी
पाले
जा
रहे
हैं,
जो
पूर्व
में
बच्चों
को
अपना
निशाना
बना
चुके
हैं।
उक्त
महिला
के
कारण
मोहल्ले
में
दिनभर
आवारा
कुत्तों
का
जमावड़ा
लगा
रहता
है,
जिससे
बच्चे
भी
अपने
घरों
से
बाहर
नहीं
निकल
पाते
हैं
और
न
ही
घर
के
बाहर
खेल
सकते
हैं।
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इन
महिलाओं
को
रहवासियों
ने
समझाइश
की
कोशिश
की
तो
वे
उल्टा
उन्हें
झूठे
केस
में
फंसाने
की
धमकी
देने
लगी।
जिसकी
शिकायत
रहवासियों
के
द्वारा
पूर्व
में
भी
कोतवाली
थाने
में
की
गई
थी,
जिस
पर
प्रकरण
भी
दर्ज
किया
गया
था।
नगरपालिका
की
टीम
कुत्तों
को
पकड़ने
के
लिए
आई
भी,
लेकिन
महिलाओं
ने
उन्हें
अपने
घरों
में
छिपा
लिया।
जिस
कारण
टीम
को
खाली
हाथ
लौटना
पड़ा।
करीब
4
माह
बीतने
और
महिलाओं
को
समझाइश
देने
के
बाद
भी
वे
अपनी
हरकतों
से
बाज
नहीं
आ
रही
हैं,
उल्टा
रहवासियों
को
झूठे
केस
में
फसाने
की
धमकियां
दे
रही
हैं।
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कॉलोनी
के
रहवासियों
ने
बताया
कि
उन्होंने
सुरक्षा
की
दृष्टि
से
कोतवाली
थाने
में
आवेदन
दिया
है।
इस
आवेदन
की
कॉपियां,
कलेक्टर
और
नगरपालिका
में
भी
देंगे।
ताकि,
आवारा
कुत्तों
से
निजात
मिले
और
मोहल्ले
में
स्वच्छता
का
वातावरण
बना
रहे।
हमारे
बच्चे
भी
बिना
डरे
सुरक्षित
तरीके
से
घर
के
बाहर
खेल
सकें।