इंदौर
में
कई
बूथ
दिन
में
सूने
रहे।
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
मध्य
प्रदेश
का
सबसे
बड़ा
शहर
इंदौर
में
इस
बार
मालवा
निमाड़
के
दूसरे
लोकसभा
क्षेत्रों
से
पिछड़
गया।
इसकी
सबसे
बड़ी
वजह
मैैदान
मेें
कांग्रेस
उम्मीदवार
का
न
होना
रही।
पिछले
लोकसभा
चुनाव
की
तुलना
में
इस
बार
सात
प्रतिशत
मतदान
कम
हुआ।
वर्ष
2019
में
इंदौर
मेें
69
प्रतिशत
मतदान
हुआ था,जबकि
इस
बार
इंदौर
में
62.26
प्रतिशत
मतदान
हुआ है।
कांग्रेस
उम्मीदवार
के
न
होने
के
अलावा
इंदौर
में
मतदान
कम
होने
की
दूसरी
वजह
भी
थी।
दोपहर
में
तेज
गर्मी,
शाम
को
बारिश
के
कारण
मतदाता
बूथों
तक
नहीं
जा
पाए।
इसके
अलावा
वीकेंड
होने
पर
कई
परिवार
शहर
से
बाहर
घूमने
निकल
गए
थेे।
कम
वोटिंग
को
भाजपा
अपने
पक्ष
में
मान
रही
है।
मेयर
पुष्य
मित्र
भार्गव
का
इस
बारे
में
कहना
है
कि
भाजपा
का
परंपरागत
वोटर
वोट
देने
बाहर
निकला,जबकि
कांग्रेस
का
परंपरागत
वोटर
इस
बार
वोट
देने
नहीं
आया।
इस
बार
इंदौर
में
भाजपा
जीत
का
नया
रिकार्ड
बना
रही
है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उधर
कांग्रेस
के
शहर
अध्यक्ष
सुरजीत
सिंह
चड्ढा
का
कहना
है
कि
भाजपा
ने
हमारे
उम्मीदवार
पर
दबाव
बनाकर
उससे
नामांकन
वापस
कराया।
इंदौर
की
जनता
इस
फैसले
से
नाखुश
है
और उन्होंने
नोटा
को
वोट
दिया
है।
विज्ञापन
कांग्रेस
को
जिन
सीटों
पर
उम्मीद
वहां
70
प्रतिशत
से
ज्यादा
मतदान
कांग्रेस
को
मालवा
निमाड़
की
तीन
सीट
खरगोन,
झाबुआ और धार
लोकसभा
सीट
से
उम्मीद
है।
तीनों
सीटें
आदिवासी
बाहुल्य
है।
इन
तीनों
ही
सीटों
पर
70
प्रतिशत
से
ज्यादा
मतदान
हुआ है।
खरगोन
में
आठ
सीटों
में
सर्वाधिक
75.79
प्रतिशत
मतदान
हुआ है,हालांकि
पिछले
लोकसभा
चुनाव
में
इस
सीट
पर
77.82
प्रतिशत
मतदान
हुआ था।
झाबुआ सीट
पर
भी
इस
बार
72.86
प्रतिशत
मतदान
हुआ है।
जो
पिछले
चुनाव
से
तीन
प्रतिशत
कम
है।
इसके
अलावा
धार
में
71
प्रतिशत
मतदान
हुआ है,
जो
वर्ष
2019
के
लोकसभा
चुनाव
की
तुलना
में
चार
प्रतिशत
कम
हुआ है।
मालवा—निमाड़
की
8
लोकसभा
सीट
पर
वोटिंग
प्रतिशत
सीट
मत
%
2014
-2019
-2024
देवास
70.75
-79.46
-74.86
उज्जैन
66.63-
75.4
-73.03
मंदसौर
71.41-
77.84
-74.5
रतलाम
63.62-
75.66
-72.86
धार
64.55
-75.25
-71.5
इंदौर
62.26
-69.31-
60.53
खरगौन
67.67-
77.82
-75.79
खंडवा
71.48
-76.9
-70.72
औसत
67.29-
75.95-
71.72