झांसी लोकसभा चुनाव: मैदान में कांग्रेस, 2019 में भाजपा उम्मीदवार को मिली थी एकतरफा जीत

झांसी लोकसभा चुनाव: मैदान में कांग्रेस, 2019 में भाजपा उम्मीदवार को मिली थी एकतरफा जीत

Jhansi
Loksabha
Seat:
लोकसभा
चुनाव
2024
के
पांचवे
चरण
में
20
मई
को
झांसी
लोकसभा
सीट
पर
वोटिंग
होगी.
बुंदेलखंड
इलाके
की
यह
सीट
बीते
करीब
तीन
दशक
से
भाजपा
का
गढ़
है.
यहां
पहली
बार
1989
में
भाजपा
को
जीत
मिली.
तब
से
यह
भाजपा
के
प्रभाव
वाली
अहम
सीट
है.
यहां
से
भाजपा
की
फायरब्रांड
नेता
रही
उमा
भारती
2014
में
सांसद
चुनी
गई
थीं.
हालांकि,
मजेदार
बात
यह
है
कि
उत्तर
प्रदेश
में
करीब-करीब
हर
जगह
से
कांग्रेस
के
खात्मे
के
बावजूद
इस
सीट
पर
उसका
ठीक-ठाक
प्रभाव
बताया
जाता
है.


झांसी
का
इतिहास

देश
के
पहले
आम
चुनाव
यानी
1952
से
ही


झांसी

एक
संसदीय
सीट
है.
यहां
के
पहले
सांसद
कांग्रेस
पार्टी
के
रघुनाथ
विनायक
धुलकर
थे.
फिर
1957,
1962
और
1971
में
तीन
बार
सुशीला
नय्यर
सांसद
बनीं.
फिर
1971
में
गोविंद
दास
रिछारिया
और
फिर
1977
में
सुशीला
नय्यर
यहां
से
सांसद
बनीं.

1975
के
आपातकाल
के
बाद
1977
में
हुए
चुनाव
में
यहां
भी
कांग्रेस
का
सफाया
हो
गया.
लेकिन,
जनता
पार्टी
के
टिकट
पर
सुशीला
नय्यर
ही
फिर
सांसद
बनीं.
वर्ष
1980
में
विश्वनाथ
शर्मा
और
1984
में
सुजान
सिंह
बुंदेला
सांसद
बने.
1989
में
यह
सीट
भाजपा
के
कब्जे
में

गई.
फिर
1991,
1996
और
1998
में
यहां
से
भाजपा
के
राजेंद्र
अग्निहोत्री
विजयी
हुए.


वाजपेयी
लहर
में
कांग्रेस
जीती

1999
में
केंद्र
में
अटल
बिहारी
वाजपेयी
की
सरकार
केवल
एक
मत
से
गिर
गई
थी.
फिर
हुए
उपचुनाव
में
उत्तर
भारत
में
पार्टी
को
अच्छी
जीत
मिली
थी.
लेकिन,
उसने


झांसी

सीट
गंवा
दी.
यहां
से
कांग्रेस
के
सुजान
सिंह
बुंदेला
विजयी
हुए
थे.
2004
में
यह
सीट
सपा
के
खाते
में
गई
और
चंद्रपाल
सिंह
यादव
विजयी
हुए.
2009
में
कांग्रेस
के
प्रदीप
जैन
आदित्य
विजयी
हुए.


फिर
लौटा
भाजपा
का
दौर

2014
के
मोदी
लहर
में
इस
सीट
पर


भाजपा

को
बड़ी
जीत
मिली.
फायरब्रांड
नेता
उमा
भारती
यहां
से
संसद
पहुंची.
2019
के
चुनाव
में
अनुराग
शर्मा
भाजपा
के
टिकट
पर
सांसद
बने.


2024
की
लड़ाई

2024
के
लोकसभा
चुनाव
में


सपा-कांग्रेस
गठबंधन

के
तहत
यह
सीट
कांग्रेस
के
खाते
में
गई.
पार्टी
ने
अपने
पूर्व
सांसद
प्रदीप
जैन
को
मैदान
में
उतारा
है.
दूसरी
तरफ
भाजपा
के
मौजूदा
सांसद
अनुराग
शर्मा
मैदान
में
हैं.
2019
में
अनुराग
शर्मा
ने
3.65
लाख
से
अधिक
वोटों
के
अंतर
से
बड़ी
जीत
दर्ज
की
थी.
ऐसा
तब
हुआ
था
जब
उस
चुनाव
में
सपा
और
बसपा
ने
गठबंधन
के
तहत
चुनाव
लड़ा
था.
अनुराग
शर्मा
को
करीब
8.10
लाख
वोट
मिले
थे.


2022
का
विधानसभा
चुनाव

इस
लोकसभा
में
झांसी
जिले
की
तीन
और
ललितपुर
जिले
की
दो
विधानसभा
सीटें
हैं.
लेकिन,
इन
पांच
में
से
किसी
भी
सीट
पर

तो
सपा
और

ही
कांग्रेस
के
उम्मीदवार
को
जीत
मिली
थी.
चार
सीटों
पर
भाजपा
के
विधायक
हैं.
एक
सीट
मउरानीपुर
सुरक्षित
से
अपना
दल
की
रश्मि
आर्य
विधायक
हैं.

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