
09:40
AM3
अप्रैल
2024
-
कॉपी
लिंक
शराब
नीति
लागू
होने
से
रद्द
होने
तक
AAP
के
तीन
बड़े
नेताओं
की
गिरफ्तारी
की
कहानी..

4
अक्टूबर
को
गिरफ्तारी
से
पहले
AAP
सांसद
संजय
सिंह
ने
अपनी
मां
के
पैर
छुए
थे
और
आशीर्वाद
लिया
था।.
नवंबर
2021:
नई
शराब
नीति
लागू
हुई
दिल्ली
के
डिप्टी
सीएम
मनीष
सिसोदिया
ने
22
मार्च
2021
को
नई
शराब
नीति
का
ऐलान
किया।
उन्होंने
कहा
कि
इस
नीति
से
शराब
की
दुकानें
निजी
हाथों
में
चली
जाएंगी।
सिसोदिया
से
जब
नई
नीति
लाने
का
मकसद
पूछा
गया
तो
उन्होंने
दो
तर्क
दिए।
पहला-
माफिया
राज
खत्म
होगा।
दूसरा-
सरकारी
खजाना
बढ़ेगा।
17
नवंबर
2021
को
नई
शराब
नीति
2021-22
लागू
कर
दी
गई।
इससे
शराब
कारोबार
से
सरकार
से
बाहर
हो
गई
और
ये
बिजनेस
निजी
हाथों
में
चला
गया।
कई
बड़े
डिस्काउंट
देने
से
शराब
की
जमकर
बिक्री
हुई।
इससे
सरकारी
खजाना
तो
बढ़ा,
लेकिन
इस
नई
नीति
का
विरोध
होने
लगा।
जुलाई
2022
:
शराब
नीति
में
घोटाले
का
आरोप
लगा
8
जुलाई
2022
को
दिल्ली
के
मुख्य
सचिव
नरेश
कुमार
ने
नई
शराब
नीति
में
घोटाला
होने
का
आरोप
लगाया।
उन्होंने
इससे
जुड़ी
एक
रिपोर्ट
एलजी
वीके
सक्सेना
को
रिपोर्ट
सौंपी।
इसमें
बताया
गया
कि
सिसोदिया
ने
लाइसेंसधारी
शराब
कारोबारियों
को
अनुचित
लाभ
पहुंचाया।
उधर,
LG
ने
भी
कहा
है
कि
उनकी
और
कैबिनेट
की
मंजूरी
के
बिना
ही
शराब
नीति
में
बदलाव
कर
दिए।
अगस्त
2022:
CBI
और
ED
ने
केस
दर्ज
किया
एलजी
सक्सेना
ने
मुख्य
सचिव
की
रिपोर्ट
के
आधार
पर
CBI
जांच
की
मांग
की।
17
अगस्त
2022
को
जांच
एजेंसी
ने
केस
दर्ज
किया।
इसमें
मनीष
सिसोदिया,
तीन
रिटायर्ड
सरकारी
अफसर,
9
बिजनेसमैन
और
दो
कंपनियों
को
आरोपी
बनाया
गया।
सभी
पर
भ्रष्टाचार
से
जुड़ी
धाराओं
के
तहत
केस
दर्ज
किया।
19
अगस्त
को
सिसोदिया
के
घर
और
दफ्तर
समेत
सात
राज्यों
के
31
ठिकानों
पर
छापेमारी
की।
इस
पर
सिसोदिया
ने
दावा
किया
कि
सीबीआई
को
कुछ
नहीं
मिला।
इधर,
22
अगस्त
को
प्रवर्तन
निदेशालय
(ED)
ने
CBI
से
मामले
की
जानकारी
लेकर
मनी
लॉन्ड्रिंग
का
केस
दर्ज
कर
लिया।
जुलाई
2022:
सरकार
ने
नई
नीति
को
रद्द
किया
विवाद
बढ़ता
देख
28
जुलाई
2022
को
दिल्ली
सरकार
ने
नई
शराब
नीति
को
रद्द
कर
दिया।
फिर
से
पुरानी
नीति
लागू
करने
का
फैसला
लिया।
31
जुलाई
को
सरकार
ने
कैबिनेट
नोट
में
बताया
कि
शराब
की
ज्यादा
बिक्री
के
बाद
भी
सरकार
की
कमाई
कम
हुई,
क्योंकि
खुदरा
और
थोक
कारोबारी
शराब
के
धंधे
से
हट
रहे
थे।
26
फरवरी,
2023:
CBI
ने
सिसोदिया
को
गिरफ्तार
किया
सिसोदिया
के
पास
एक्साइज
डिपार्टमेंट
था,
इसलिए
उन्हें
कथित
तौर
पर
इस
घोटाले
का
मुख्य
आरोपी
बनाया
गया।
कई
बार
पूछताछ
के
बाद
जांच
एजेंसी
ने
26
फरवरी
को
उन्हें
गिरफ्तार
कर
लिया।
फिलहाल
वे
जेल
में
हैं।
CBI
ने
सिसोदिया
पर
आरोप
लगाया
कि
एक्साइज
मिनिस्टर
होने
के
नाते
उन्होंने
मनमाने
और
एकतरफा
फैसले
लिए,
जिससे
खजाने
को
भारी
नुकसान
पहुंचा
और
शराब
कारोबारियों
को
फायदा
हुआ।