
Lok
sabha
election
2024
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
के
करिश्माई
व्यक्तित्व
के
सहारे
राष्ट्रीय
जनतांत्रिक
गठबंधन
ने
मौजूदा
आम
चुनाव
में
400
से
अधिक
सीटें
जीतने
का
लक्ष्य
तय
किया
है,
मगर
कांग्रेस
यह
करिश्मा
चार
दशक
पहले
ही
कर
चुकी
है।
1984
के
आम
चुनाव
में
देश
में
कांग्रेस
की
सुनामी
में
कई
सियासी
सूरमाओं
को
धूल
चाटनी
पड़ी
थी।
पूर्वांचल
समेत
समूचे
देश
में
कांग्रेस
ने
अप्रत्याशित
प्रदर्शन
करते
हुए
लोकसभा
की
414
सीटों
पर
कब्जा
जमाया
था।
पूर्व
प्रधानमंत्री
इंदिरा
गांधी
की
हत्या
के
तुरंत
बाद
देश
में
आम
चुनाव
हुए
थे।
एनटी
रामाराव
की
तेलुगू
देशम
पार्टी
30
सीटें
जीतकर
दूसरी
सबसे
बड़ी
पार्टी
बनी
थी।
अगर
पूर्वांचल
की
तस्वीर
की
चात
करें
तो
1984
के
आम
चुनाव
में
वाराणसी
सीट
से
श्यामलाल
यादव
ने
कांग्रेस
के
टिकट
पर
जीत
दर्ज
की
थी।
उन्होंने
सीपीआई-एम
के
ऊदल
को
94.630
मतों
से
हराया
था।
श्यामलाल
यादव
को
1,53,076
मत
मिले
थे
जबकि
ऊदल
को
58,646
मत
प्राप्त
हुए
थे।
उधर,
चंदौली
सीट
पर
पूर्व
मुख्यमंत्री
पंडित
कमलापति
त्रिपाठी
की
पुत्रवधू
चंद्रा
त्रिपाठी
ने
कांग्रेस
के
टिकट
पर
जीत
दर्ज
की
थी।
वहीं
रॉबट्सगंज
लोकसभा
सीट
से
कांग्रेस
के
रामप्यारे
पनिका
को
जीत
हासिल
हुई
थी।
विज्ञापन