
EOW
ने
अधिकारियों
और
कर्मचारियाें
पर
की
एफआईआर।
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
मुरैना
जिले
की
नगर
परिषद
में
भ्रष्टाचार
का
हैरान
करने
वाला
है।
यहां
एक
दो
नहीं
बल्कि
180
बिलों
का
फर्जी
भुगतान
कर
डेढ़
करोड़
रुपये
का
फर्जीवाड़ा
किया
गया।
मामले
में
आर्थिक
अपराध
प्रकोष्ठ
(EOW)
ने
8
अधिकारी
और
कर्मचारियों
के
खिलाफ
एफआईआर
दर्ज
की
है।
भ्रष्टाचार
के
इस
मामले
की
कहानी
काफी
फिल्मी
है।
इसमें
फर्जी
नियुक्ति
और
ट्रांसफर
का
खेल
भी
सामने
आया
है।
ग्वालियर
ईओडब्ल्यू
इकाई
के
कार्यवाहक
निरीक्षक
जयसिंह
यादव
ने
बताया
कि
बीते
साल
7
फरवरी
2023
को
मुरैना
के
रमेश
उपाध्याय
ने
ग्वालियर
ईओडब्ल्यू
में
शिकायत
की
थी,
जिसमें
कैलारस
नगर
परिषद
में
पैसों
के
गबन
की
बात
कही
गई
थी।
शिकायत
में
बताया
गया
था
कि
कैलारस
नगर
परिषद
में
बिल
वाउचरों
का
फर्जी
भुगतान
कर
शासन
को
चूना
लगाया
जा
रहा
है।
इस
शिकायत
के
आधार
पर
जब
ईओडब्ल्यु
ने
जांच
शुरू
की,
तो
चौंकाने
वाले
खुलासे
हुए।
इस
केस
की
जांच
करने
पर
ईओडब्ल्यू
के
सामने
चौंकाने
वाले
तथ्य
सामने
आए।
मामले
में
एक
आरोपी
ने
फर्जी
तरीके
से
दैनिक
वेतन
भोगी
की
जगह
नियमित
कर्मचारी
का
वेतन
प्राप्त
किया
और
कई
फर्जीवाड़े
किए।
आरोपी
शिवकुमार
शर्मा
को
1989
में
नगर
सुधार
न्यास
मुरैना
में
दैनिक
वेतन
भोगी
कर्मचारी
के
रूप
में
नियुक्त
किया
गया
था
और
वर्ष
1990
में
हटा
दिया
गया
था।
इसके
बाद
1994
में
न्यायालय
के
हस्तक्षेप
के
बाद
उसे
दोबारा
दैनिक
वेतन
भोगी
कर्मचारी
के
रूप
में
नियुक्त
किया
गया
था,
लेकिन
आरोपी
शिवकुमार
शर्मा
ने
अपने
रिकॉर्ड
में
कूटरचित
दस्तावेज
के
जरिए
अपने
आप
को
नियमित
कर्मचारी
बताया
और
मुरैना
से
अपना
ट्रांसफर
कैलारस
करा
लिया।
इसके
बाद
आरोपी
दैनिक
वेतन
भोगी
कर्मचारी
होने
के
बावजूद
नियमित
कर्मचारियों
का
वेतन
लेता
रहा।
आरोपी
शिवकुमार
शर्मा
ने
नगर
परिषद
कैलारस
में
स्टोर
प्रभारी
रहते
हुए
भी
कई
फर्जीवाड़े
किए।
आरोपी
ने
बिना
सामग्री
खरीदे
ही
फर्जी
बिल
वाउचरों
से
पैसों
का
गबन
किया।
जब
परियोजना
परिषद
कैलारस
में
स्टोर
अधिकारी
आरएस
शर्मा
द्वारा
2020
से
2022
तक
के
बिल
और
भुगतान
वाउचरों
की
जांच
की
गई,
तो
इसमें
180
वाउचर
के
भुगतान
संदिग्ध
पाए
गए,
जिनके
जरिए
1
करोड़
41
लाख
से
ज्यादा
का
भुगतान
दिखाया
गया।
EOW
की
अब
तक
की
जांच
में
पता
चला
कि
इन
180
भुगतान
वाउचरों
के
जरिए
1
करोड़
41
लाख
75825
रुपए
का
गबन
किया
गया।
इसमें
तत्कालीन
सीएमओ,
स्टोर
कीपर
और
अकाउंटेंट
की
मिली
भगत
थी,
जिन्होंने
फर्जी
भुगतान
कर
नगर
परिषद
कैलारस
को
आर्थिक
नुकसान
पहुंचाया।
ऐसे
में
ईओडब्ल्यू
ने
इस
मामले
में
टाइम
कीपर
और
तत्कालीन
स्टोर
कीपर
शिवकुमार
शर्मा
सहित
नगर
परिषद
के
तत्कालीन
पांच
सीएमओ
और
और
दो
अन्य
कर्मचारियों
पर
भी
मामला
दर्ज
किया
है।
फर्जी
भुगतान
के
मामले
में
स्टोर
कीपर
शिवकुमार
और
तत्कालीन
सीएमओ
संतोष
शर्मा,
अमजद
गनी,
संतोष
सिहारे,
रामबरन
राजोरिया,
अतर
सिंह
रावत
और
अकाउंटेंट
देव
प्रकाश
शर्मा
लक्ष्मण
सिंह
नामदेव
पर
धारा
409,
420,
468,
सहित
भ्रष्टाचार
निवारण
अधिनियम
1988
संशोधित
अधिनियम
2018
की
धारा
7
ए
सहित
विभिन्न
धाराओं
में
अपराध
पंजीबद्ध
कर
मामला
विवेचना
में
लिया
गया
है।