Tikamgarh: मौत को नहीं जीत पाया अंधविश्वास, सर्पदंश से मृत महिला को 50 तांत्रिक मिलकर भी नहीं कर पाए जिंदा

Tikamgarh: Tantrika could not revive the woman who died of snakebite, family got the postmortem done

पोस्टमार्टम
के
लिए
ले
जाया
गया
शव।


फोटो
:
अमर
उजाला

विस्तार

जिला
अस्पताल

टीकमगढ़
में
गुरुवार
को
दिनभर
चले
अंधविश्वास

के
नाटक
का
शाम
को
अंत
हो
गया
और
परिजनों
ने
सुबह
मृत
महिला
को
शाम
को
मृत
मान
लिया
और
पोस्टमार्टम
कराया। 



टीकमगढ़
जिले
से
लगे
हुए
उत्तर
प्रदेश
के
जनपद
ललितपुर
के
गांव
गुढ़ा
भदौरा
की
रहने
वाली
महिला
उषा
देवी
को
गुरुवार
की
सुबह
उसके
घर
में
सांप
ने
डस
लिया
था।
इसके
बाद
परिजन
उसे
बगाज
माता
मंदिर
ले
गए
थे।
सुबह
11
बजे
जब
टीकमगढ़
जिला
चिकित्सालय
पहुंचे
तो
उसकी
मौत
हो
चुकी
थी। 


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इसके
बाद
पोस्टमार्टम
के
लिए
परिजनों
को
बोला
गया,
तो
परिजन
कह
रहे
थे
कि
अभी
वह
जिंदा
है।
सांप
का
डसा
व्यक्ति
24
घंटे
तक
जिंदा
रहता
है।
काफी
प्रयास
के
बाद
प्रशासन
ने
उन्हें
झाड़
फूंक
करने
की
अनुमति
दे
दी।
दोपहर
12
से
लेकर
शाम
4
बजे
तक
टीकमगढ़
जिला
चिकित्सालय
में
अंधविश्वास
का
खेल
चलता
रहा,
जिसकी
लोक
कल्पना
नहीं
कर
सकते।
21वीं
शदी
और
डिजिटल
इंडिया
की
बात
करने
वाले
लोग
उस
तमाशे
को
देखते
रहे।
एक
दो
नहीं
50
और
तांत्रिक
टीकमगढ़
जिला
अस्पताल
में
पहुंचे
और
स्टेचर
पर
रखी
लाश
को
जिंदा
करने
का
प्रयास
करते
रहे।
किसी
ने
कान
को
फूंका
तो
किसी
ने
नीम
के
झोका
से
उसको
जिंदा
करने
का
प्रयास
किया,
लेकिन
मौत
से
कोई
नहीं
जीत
सका।
वह
पहले
ही
मर
चुकी
थी।

आखिरकार
परिजन
भी
थक
हार
गए
और
जिला
अस्पताल
में
पुलिस
प्रशासन
और
डॉक्टर
के
सामने
घुटने
टेक
दिए।
शाम
को
पोस्टमार्टम
होने
के
बाद
शव
परिजनों
के
सुपुर्द
कर
दिया
गया। 
पुलिस
चौकी
जिला
चिकित्सालय
के
प्रभारी
ने
बताया
कि
पोस्टमार्टम
करने
के
बाद
शव
परिजनों
के
सुपुर्द
कर
दिया
गया
है।
मामले
में
पुलिस
चौकी
जिला
चिकित्सालय
में
मर्ग
कायम
किया
गया
है।