

संभल
के
मतदाता
और
स्थानीय
नेता
अपनी
बात
रखते
हुए
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
अमर
उजाला
के
चुनावी
रथ
‘सत्ता
का
संग्राम’
संभल
जिले
में
पहुंचा।
यहां
टीम
ने
राजनीतिक
दलों
से
जुड़े
नेताओं
से
बातचीत
की
और
पूछा
की
वह
किन
मुद्दों
को
लेकर
जनता
के
बीच
जा
रहे
हैं।
अलग-अलग
दलों
के
नेताओं
ने
इस
पर
खुलकर
बातचीत
की
और
स्थानीय
मुद्दों
को
प्रमुखता
से
उठाया।
पक्ष
और
विपक्ष
दोनों
ने
ही
अपनी-अपनी
राय
रखी।
बृहस्पतिवार
दोपहर
बाद
संभल
के
एमजीएम
कॉलेज
में
हुए
कार्यक्रम
में
मतदाताओं
ने
कहा
कि
चुनाव
से
पहले
उठाए
गए
मुद्दों
को
नेता
भूल
जाते
हैं।
उन्होंने
कहा
कि
सभी
दलों
के
नेता
चुनाव
जीतने
के
लिए
अपने-
अपने
मुद्दों
को
लेकर
आते
हैं।
उन्होंने
कहा
कि
जनता
का
काम
है
कि
सोच
समझकर
वोट
करें।
भाजपा
नेता
ने
कहा
कि
सरकार
की
सभी
योजनाएं
जनता
तक
पहुंच
रही
है।
इसमें
किसी
भी
प्रकार
की
जाति
और
धर्म
को
नहीं
देखा
जाता।
विपक्षियों
ने
कहा
कि
भाजपा
धर्म
के
नाम
पर
वोट
लेती
है।
नेताओं
ने
कहा
कि
संभल
की
एकता
के
लिए
सभी
प्रयासरत
हैं।
इसलिए
यहां
कोई
दंगा
या
विवाद
नहीं
होता।
एक
मतदाता
ने
कहा
कि
संभल
में
अबतक
सपा
के
सरकार
में
सड़क
और
कानून
व्यवस्था
कमजोर
रही।
भाजपा
के
शासनकाल
में
सड़क
और
कानून
व्यवस्था
सुधरी
है।
विकास
की
ओर
जरुरत,
सड़कों
का
हाल
सुधरे
चंदौसी
के
स्टेशन
रोड
स्थित
मालवीय
चौक
पर
चाय
पर
चर्चा
में
लोगों
ने
व्यापारियों
की
समस्या,
सुरक्षा,
बिजली
पानी,
सड़क
और
रेल
यातायात
के
मुद्दों
को
उठाया।
कहा
कि
सांसद
उनके
बीच
का
होना
चाहिए,
जो
व्यापारियों
और
आमजन
की
समस्याओं
को
समझे।
साथ
ही
उनका
निस्तारण
कराए।
व्यापारी
नेता
प्रभात
कृष्णा
ने
कहा
कि
सांसद
ऐसा
हो,
जो
चंदौसी
का
विकास
करें।
सत्येंद्र
कुमार
ने
कहा
कि
चंदौसी
की
सड़क
जैसी
मूलभूत
सुविधाएं
तक
नहीं
मिल
पा
रही
है।
इससे
व्यापार
प्रभावित
होता
है।
प्रजीत
कुमार
लालू
ने
कहा
कि
विकास
के
नाम
पर
संभल
लोकसभा
पिछड़ी
हुई
है।
विज्ञापन
केंद्र
सरकार
ने
यहां
ध्यान
नहीं
दिया।
व्यापारी
नेता
शाह
आलम
मंसूरी
ने
दूसरे
शहरों
से
रेल
कनेक्टिविटी
जोड़ने
की
मांग
की।
कहा
कि
व्यापारिक
दृष्टि
से
लोग
दूसरे
शहर
में
आते
जाते
हैं।
पर्याप्त
रेल
साधन
नहीं
होने
से
परेशानी
होती
है।
व्यापारी
नेता
अरविंद
कुमार
गुप्ता
ने
कहा
कि
सांसद
उनके
बीच
का
होना
चाहिए।
जो
उनकी
समस्याओं
को
समझकर
संसद
में
उठाएं
और
उनका
समाधान
कराने
का
प्रयास
करे।
युवा
नेता
डॉ.
विशाल
चौहान
ने
कहा
कि
सांसदों
की
निष्क्रियता
के
चलते
संभल
जिला
पिछड़ा
है।
सांसद
की
निष्क्रियता
के
चलते
संभल
से
गजरौला
तक
रेलवे
लाइन
का
प्रस्ताव
आगे
नहीं
बढ़
पाया।
सांसद
स्थानीय
समस्याओं
को
संसद
में
उठाने
वाला
होना
चाहिए।
व्यापारी
नेता
हरिगोपाल
वाष्र्णेय
ने
कहा
कि
भ्रष्टाचार
चरम
पर
है।
फूड
विभाग
हो
या
जीएसटी
विभाग
व्यापारी
का
शोषण
व
उत्पीड़न
हो
रहा
है।
जुर्माना
व
नोटिस
के
नाम
पर
वसूली
रुकनी
चाहिए।
इस
मौके
पर
सुहैल
कुरैशी,
अमन
खुराना,
पंड़ित
सुशील
बाबू
प्रेम
कुमार
अरोरा,
आदि
रहे।