1 लाख गरीब परिवारों को पक्के मकान, 25000 रुपये महीने की नौकरी, अहम ऐलान

1 लाख गरीब परिवारों को पक्के मकान, 25000 रुपये महीने की नौकरी, अहम ऐलान


चंडीगढ़.

हरियाणा
सरकार
ने
राज्य
के
गरीब
परिवारों
और
युवाओं
को
रोजगार
उपलब्ध
कराने
के
लिए
दो
बड़े
ऐलान
किए
हैं.
हरियाणा
सरकार
ने
‘मुख्यमंत्री
शहरी
आवास
योजना’
और
‘आईटी
सक्षम
युवा
योजना
2024’
का
ऐलान
किया
है.
हरियाणा
मंत्रिमंडल
ने
आर्थिक
रूप
से
कमजोर
वर्गों
(ईडब्ल्यूएस)
को
किफायती
आवास
उपलब्ध
कराने
के
उद्देश्य
से
‘मुख्यमंत्री
शहरी
आवास
योजना’
को
शुक्रवार
को
मंजूरी
दे
दी.
मुख्यमंत्री
नायब
सिंह
सैनी
की
अध्यक्षता
में
हुई
राज्य
मंत्रिमंडल
की
बैठक
में
यह
फैसला
किया
गया.
इस
स्कीम
के
तहत
उन
सभी
गरीब
परिवारों
को
आवास
सुविधाएं
दी
जाएंगी,
जिनके
पास
शहरी
क्षेत्रों
में
अपना
घर
नहीं
है
या
वे
वर्तमान
में
‘कच्चे
घरों’
में
रहते
हैं.
एक
आधिकारिक
बयान
के
मुताबिक,
शुरुआत
में
इस
पहल
का
उद्देश्य
आर्थिक
रूप
से
कमजोर
एक
लाख
परिवारों
को
आवास
उपलब्ध
कराना
है.

जिन
लोगों
की
‘परिवार
पहचान
पत्र’
(पारिवारिक
आईडी)
के
मुताबिक
वार्षिक
पारिवारिक
आय
1.80
लाख
रुपये
तक
है
और
उनके
पास
हरियाणा
के
किसी
भी
शहरी
क्षेत्र
में
‘पक्का’
घर
नहीं
है,
वे
इस
आवास
योजना
के
लिए
पात्र
माने
जाएंगे.



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इस
योजना
में
हरेक
पात्र
परिवार
के
लिए
30
वर्ग
गज
के
भूखंड
का
प्रावधान
है
जिससे
लाभार्थी
अपना
खुद
का
‘पक्का’
घर
बना
सकेंगे.
राज्य
सरकार
‘सबके
लिए
आवास’
विभाग
के
माध्यम
से
आवश्यक
भूमि
उपलब्ध
कराएगी.

इसके
साथ
हरियाणा
सरकार
ने
युवाओं
के
सशक्तीकरण
और
रोजगार
को
बढ़ावा
देने
के
लिए
‘आईटी
सक्षम
युवा
योजना
2024’
तैयार
की
है.
इस
योजना
के
जरिये
पहले
चरण
में
5,000
युवाओं
को
रोजगार
देने
का
लक्ष्य
रखा
गया
है.


ट्रेनिंग
के
बाद
नौकरी

यह
योजना
पूर्व
मुख्यमंत्री
मनोहर
लाल
खट्टर
द्वारा
बजट
भाषण
में
घोषित
‘मिशन
60,000’
के
अनुरूप
तैयार
की
गई
है.
इस
योजना
के
तहत
सूचना
प्रौद्योगिकी
(आईटी)
पृष्ठभूमि
वाले
स्नातक/
स्नातकोत्तर
आवेदकों
को
रोजगार
दिया
जाएगा.

इन
युवाओं
को
अल्पकालिक
‘हरियाणा
आईटी
कार्यक्रम’
का
न्यूनतम
तीन
महीने
तक
प्रशिक्षण
दिया
जाएगा.
उसके
बाद
उन्हें
राज्य
या
निजी
संस्थाओं
में
विभिन्न
विभागों,
बोर्डों,
निगमों
और
अन्य
एजेंसियों
में
तैनात
किया
जाएगा.
‘आईटी
सक्षम’
युवाओं
को
पहले
छह
महीनों
में
20,000
रुपये
मासिक
पारिश्रमिक
दिया
जाएगा.

इसके
बाद
सातवें
महीने
से
25,000
रुपये
मासिक
वेतन
मांग
करने
वाली
संस्थाओं
द्वारा
दिया
जाएगा.
यदि
किसी
‘आईटी
सक्षम
युवा’
को
रोजगार
नहीं
मिल
पाता
है
तो
राज्य
सरकार
उन्हें
10,000
रुपये
प्रति
माह
बेरोजगारी
भत्ता
देगी.


(भाषा
से
इनपुट
के
साथ)

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