Shahdol News: पड़री जंगल में बाघ की मौजूदगी को लेकर दहशत, वनकर्मी दिन भर छानते रहे खाक पर पदचिन्ह तक नहीं मिले

Shahdol News: पड़री जंगल में बाघ की मौजूदगी को लेकर दहशत, वनकर्मी दिन भर छानते रहे खाक पर पदचिन्ह तक नहीं मिले
Shahdol News: पड़री जंगल में बाघ की मौजूदगी को लेकर दहशत, वनकर्मी दिन भर छानते रहे खाक पर पदचिन्ह तक नहीं मिले

बाघ
की
सर्चिंग
के
लिए
पहुंचा
वन
अमला


फोटो
:
सोशल
मीडिया

विस्तार

संभागीय
मुख्यालय
से
सटे
पड़री
के
जंगल
में
बाघ
की
दहशत
से
लोग
परेशान
हैं
और
जंगलों
में
महुआ
बीनने
भी
नहीं
जा
रहे।
वन
अमला
मौके
पर
पहुंचा
और
सर्चिंग
शुरू
कर
दी
है।
पर
अब
तक
बाघ
का
मूवमेंट
नहीं
मिला
है।

जानकारी
के
अनुसार
दक्षिण
वन
मंडल
के
कंचनपुर
बीट
अंतर्गत
सिंहपुर
रेलवे
स्टेशन
से
सटे
पड़री
गांव
के
लोग
रोज
की
तरह
गुरुवार
सुबह
जंगल
की
ओर
महुआ
बीनने
गए
थे।
गांव
का
रहने
बाला
दिप्पू
बैगा
युवक
भी
अपने
तीन
साथियों
के
साथ
जंगल
गया।
तभी
ऊंचे
स्थान
से
उसे
बाघ
जैसा
वन्य
प्राणी
दिखाई
दिया।
वह
बाइक
छोड़कर
वहां
से
भागा
और
महुआ
बीन
रहे
अन्य
लोगों
को
खबर
की।
सूचना
पर
बीट
प्रभारी
मथुरा
सिंह
मार्को

अन्य
कर्मचारी
मौके
पर
पहुंचे।
वरिष्ठ
अधिकारियों
को
सूचना
देकर
कक्ष
क्रमांक
आरएफ
765
से
लेकर
पूरे
इलाके
में
सर्चिंग
की।
लेकिन
बाघ
या
किसी
वन्य
प्राणी
के
पदमार्ग
अथवा
विष्ठा
नहीं
मिले।
इसके
बाद
भी
स्थानीय
लोगों
में
दहशत
का
माहौल
है।

रेंजर
रामनेरश
विश्वकर्मा
के
अनुसार
इस
इलाके
में
बाघ
जैसे
वन्य
प्राणी
की
आवक
नहीं
है।
फिर
भी
लोगों
से
सतर्क
रहने
को
कहा
गया
है।
युवक
ने
जिसे
देखा
वह
लगड़बग्घा
हो
सकता
है,
क्योंकि
ऐसे
प्राणी
आबादी
इलाकें
में
भी

जाते
हैं।
ग्रामीणों
से
कहा
गया
है
कि
अकेले
जंगल
की
ओर

जाएं।
विभाग
द्वारा
लगातार
सर्चिंग
की
जा
रही
है।
वन
विभाग
के
अधिकारियों
का
कहना
है
कि
कुछ
दिन
पहले
ही
जमुई
में
गाय
को
किल
करने
की
बात
आई
थी।
जांच
में
पता
चला
कि
हाइवे
में
गाय
हादसे
का
शिकार
हुई
थी।
विभागीय
अधिकारियों
का
कहना
है
कि
लोग
अफवाह
में

आएं,
फिर
भी
सतर्क
रहने
की
सलाह
दी
गई
है।
इसी
बात
को
लेकर
आसपास
के
ग्रामीण
क्षेत्रों
में
यह
अफवाह
फैल
गई
है
लगातार
सर्चिंग
की
जा
रही
है।
जिन
गांवों
में
अफवाह
फैली
है
उसे
क्षेत्र
में
गस्ती
बढ़ा
दी
गई
है
लेकिन
अभी
तक
बाघ
की
मौजूदगी
का
पता
नहीं
लगा
है।