

अमेरिका
के
पूर्व
राष्ट्रपति
डोनाल्ड
ट्रंप
पर
जानलेवा
हमला
मामले
में
वहां
की
सीक्रेट
सर्विस
की
नाकामी
स्पष्ट
दिखती
है.
सीक्रेट
सर्विस
अब
यह
पता
लगाने
में
लगी
है
कि
हमलावर
कैसे
डोनाल्ड
ट्रंप
के
इतना
करीब
आ
गया.
यह
पूरी
तरह
एजेंसी
की
एक
बड़ी
नाकामी
की
ओर
संकेत
है.
हालांकि,
ट्रंप
पर
गोली
चलाते
ही
सीक्रेस
सर्विस
ने
हमलावर
को
मार
गिराया.
न्यूज
एजेंसी
पीए
ने
एक
विश्लेषण
में
बताया
है
कि
हमलावर
आश्चर्यजनक
रूप
से
राष्ट्रपति
के
करीब
था.
सोशल
मीडिया
पर
पोस्ट
किए
गए
वीडियो
में
दिख
रहा
है
कि
ट्रंप
की
रैली
स्थल
के
पास
एक
इमारत
की
छत
पर
हमलावर
का
शव
पड़ा
हुआ
था.
यह
दूरी
150
मीटर
से
कम
है.
विशेषज्ञों
का
कहना
है
कि
एम16
असॉल्ट
राइफल
से
आसानी
से
150
मीटर
के
दायरे
में
किसी
व्यक्ति
को
गोली
मारी
जा
सकती
है.
अमेरिकी
आर्मी
भी
जब
किसी
को
भर्ती
करती
है
तो
वह
भी
रंगरूटों
से
150
मीटर
की
दूरी
वाले
टार्गेट
पर
निशाना
लगवाती
है.
ऐसे
में
अब
यही
सवाला
उठाया
जा
रहा
है
कि
हमलावर
इतना
करीब
कैसे
आ
गया.
यहां
पर
सीक्रेस
सर्विस
पूरी
तरह
विफल
रही
है.
हालांकि
सीक्रेट
सर्विस
ने
अपनी
सफाई
में
कहा
है
कि
उसने
रैली
स्थल
के
बाहर
एक
ऊंची
जगह
से
गोली
चलाने
वाले
संदिग्ध
हमलावर
को
मार
दिया.
दो
अधिकारियों
के
अनुसार
गोली
चलने
से
कुछ
देर
पहले
ही
रैली
में
शामिल
होने
जा
रहे
लोगों
ने
एक
व्यक्ति
को
पास
की
एक
इमारत
की
छत
पर
चढ़ते
देखा
और
स्थानीय
अधिकारियों
को
सूचित
किया.
पहचान
उजागर
नहीं
होने
की
शर्त
पर
एपी
से
बातचीत
में
अधिकारियों
ने
बताया
कि
एक
अधिकारी
ने
छत
पर
चढ़कर
संदिग्ध
को
ललकारा
जिसने
अपनी
राइफल
उनपर
(अधिकारी
पर)
तान
दी.
अधिकारी
के
अनुसार
इसके
बाद
अधिकारी
नीचे
उतरने
लगा
और
हमलावर
ने
तुरंत
पूर्व
राष्ट्रपति
डोनाल्ड
ट्रंप
की
ओर
निशाना
साध
दिया
जिसके
बाद
सीक्रेट
सर्विस
के
लोगों
ने
उसे
मार
गिराया.
FIRST
PUBLISHED
:
July
15,
2024,
11:32
IST