

हाइलाइट्स
योगी
आदित्यनाथ
सरकार
ने
कावड़
रूट
के
लिए
यह
निर्णय
जारी
किया
है.केसी
त्यागी
ने
इसे
पीएम
मोदी
के
‘सबका
साथ…’
वाले
नारे
के
खिलाफ
बताया.चिराग
पासवान
भी
योगी
सरकार
के
इस
निर्णय
से
इत्तेफाक
नहीं
रखते
हैं.
नई
दिल्ली.
सावन
के
महीने
में
कावड़
यात्रा
से
ठीक
पहले
उत्तर
प्रदेश
की
योगी
आदित्यनाथ
सरकार
ने
यह
फरमान
जारी
किया
है
कि
मुजफ्फरनगर
में
सभी
दुकानदारों
को
अपनी
दुकानदारों
पर
नाम
वाली
प्लेट
लगानी
होगी.
कावड़
रूट
के
लिए
जारी
किए
गए
इस
आदेश
के
बाद
देश
में
राजनीति
पर
जमकर
हो
रही
है.
इंडिया
गठबंधन
की
पार्टियां
इसका
विरोध
कर
रही
है.
अब
एनडीए
में
बीजेपी
के
दो
साथी
भी
इस
निर्णय
के
खिलाफ
खड़े
हो
गए
हैं.
नीतीश
कुमार
की
पार्टी
जेडीयू
और
चिराग
पासवान
की
लोक
जनशक्ति
पार्टी
(राम
विलास)
ने
योगी
सरकार
के
फैसले
पर
नाराजगी
जाहिर
की
है.
जेडीयू
के
प्रवक्ता
केसी
त्यागी
ने
कहा,
‘पीएम
के
सबका
विश्वास
का
नारा
कमजोर
होता
है,
कानून
की
समीक्षा
हो.
इससे
बड़ी
यात्रा
बिहार
में
निकलती
है,
वहां
इस
तरह
का
कोई
आदेश
नहीं
है.
बिहार
में
ऐसे
कानून
की
जरूरत
नहीं.
प्रधानमंत्री
की
जो
व्याख्या
है,
भारतीय
समाज
और
एनडीए
के
बारे
में
‘सबका
साथ-सबका-विकास-
सबका
विश्वास’
लगाए
गए
प्रतिबंध
पीएम
मोदी
के
सबका
विश्वास
को
कमजोर
करती
है.
इस
नियम
पर
पुनर्विचार
हो
तो
अच्छा
है.
इस
नियम
पर
समीक्षा
होनी
चाहिए.’
यह
भी
पढ़ें:- ISRO
चीफ
ने
नाम
किया
एक
और
कीर्तिमान,
IIT-Madras
से
61
साल
की
उम्र
में
पूरी
की
PHD,
जानें
क्या
है
विषय?
केंद्रीय
मंत्री
चिराग
पासवान
ने
मुजफ्फरनगर
पुलिस
के
आदेश
पर
कहा
कि
वो
जाति
या
धर्म
के
नाम
पर
किसी
भी
विभाजन
का
“बिल्कुल
भी
समर्थन
या
प्रोत्साहन
नहीं
करेंगे”.
यह
पूछे
जाने
पर
कि
क्या
वह
सलाह
का
समर्थन
करते
हैं,
लोक
जनशक्ति
पार्टी
(रामविलास)
के
अध्यक्ष
ने
पीटीआई
से
कहा,
“नहीं,
मैं
इसका
समर्थन
नहीं
करता.”
उन्होंने
कहा
कि
उनका
मानना
है
कि
समाज
में
दो
वर्ग
–
अमीर
और
गरीब
–
मौजूद
हैं
और
विभिन्न
जातियों
और
धर्मों
के
लोग
दोनों
श्रेणियों
में
आते
हैं.
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FIRST
PUBLISHED
:
July
19,
2024,
19:25
IST