ग्वालियर
पुलिस
ने
भोपाल
से
दो
आरोपी
किए
गिरफ्तार।
–
फोटो
:
Amar
Ujala
विस्तार
ग्वालियर
की
महिला
मेडिकल
ऑफिसर
से
कुछ
महीने
पहले
किए
गए
38
लाख
रुपये
के
फ्रॉड
में
चीन-यूएई
कनेक्शन
सामने
आया
है।
इस
मामले
में
पुलिस
ने
भोपाल
से
दो
आरोपियों
को
गिरफ्तार
किया
है।
पता
चला
है
कि
आरोपी
चीन
और
यूएई
के
साथियों
के
साथ
मिलकर
फ्रॉड
को
अंजाम
दे
रहे
थे।
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पुलिस
ने
बताया
है
कि
आरोपियों
ने
सीबीआई
अफसर
बनकर
और
ह्यूमन
ट्रैफिकिंग
का
डर
दिखाकर
ठगी
की
वारदात
को
अंजाम
दिया
था।
उन्होंने
ठगी
का
पैसा
भी
ऑनलाइन
ट्रांसफर
कर
विदेश
भेजा
है।
साथ
आरोपियों
के
अकाउंट
से
एक
महीने
में
करीब
2.50
करोड़
रुपए
की
अमेरिकी
क्रिप्टो
करेंसी
खरीदने
का
रिकॉर्ड
मिला
है।
ठगी
की
रकम
ट्रांसफर
किए
जाने
के
लिए
18
खाते
सामने
आए
हैं।
इस
वारदात
में
एक
युवती
भी
शामिल
है।
ग्वालियर
पुलिस
ने
भोपाल
के
ऐशबाग
से
शाहरुख
खान
पुत्र
आसिफ
खान
व
बुधवारा
क्षेत्र
से
लईक
बेग
पुत्र
नफीस
बेग
को
गिरफ्तार
किया
है।
पुलिस
दोनों
को
ग्वालियर
लेकर
आ
गई
है
और
उनसे
पूछताछ
की
जा
रही
है।
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विज्ञापन
इस
तरह
लिया
झांसे
में
बता
दें,
9
मई
2024
को
मेडिकल
ऑफिसर
डॉ.
सुजाता
बापट
ने
एसपी
धर्मवीर
सिंह
से
शिकायत
की
थी।
जिसमें
उन्होंने
बताया
कि
9
अप्रैल
को
उनके
मोबाइल
पर
राजीव
गुप्ता
नाम
के
शख्स
का
कॉल
आया
था।
कॉलर
ने
खुद
को
डीएचएल
कोरियर
कंपनी
से
बताया
और
कहा
आपका
पार्सल
लखनऊ
से
म्यांमार
के
लिए
बुक
हुआ
है,
जिसमें
20
पासपोर्ट,
तीन
क्रेडिट
कार्ड,
एक
लैपटॉप,
50
ग्राम
एमडीएमए
और
4
किलो
क्लॉथ
हैं।
बुकिंग
एड्रेस
ए-16
ओमनगर
रोड
पवनपुरी
आलमबाग
लखनऊ
है।
रिसीवर
का
एड्रेस
जॉन
डेबिड
निवासी
हाउस
नंबर
207
सिटी
डेगान
स्टेट
यांगून
म्यांमार
है।
सीबीआई
अफसर
बनकर
बात
की
डॉ.
सुजाता
ने
उससे
कहा
कि
यह
मेरा
पार्सल
नहीं
है।
इस
पर
कॉलर
ने
कहा
कि
आलमबाग
पुलिस
स्टेशन
में
शिकायत
करें।
सुजाता
ने
ग्वालियर
में
होने
की
बात
कही
तो
उसने
कहा
कि
मैं
आपकी
कॉल
पुलिस
स्टेशन
कनेक्ट
कर
रहा
हूं।
इसके
लिए
उसने
टेलीग्राम
ऐप
डाउनलोड
करवाया,
जिसके
जरिए
की
गई
वीडियो
कॉल
पर
पुलिस
यूनिफॉर्म
पहने
एक
शख्स
से
बात
हुई।
उसने
पीड़िता
सुजाता
से
कहा
कि
आपका
कैश
सीबीआई
के
पास
है।
आपका
नाम
अजय
मिश्रा
है।
आप
ह्यूमन
ट्रैफिकिंग
और
मनी
लॉन्ड्रिंग
में
संदिग्ध
हैं।
मैं
सीबीआई
ऑफिसर
से
बात
कराता
हूं।
उसने
किसी
से
बोला
कि
मैडम
से
बात
करिए
सर,
तो
उस
व्यक्ति
ने
कहा
कि
मैडम
को
अरेस्ट
करो।
उनके
खिलाफ
अरेस्ट
वारंट
और
संपत्ति
सीज
का
ऑर्डर
है।
कथित
पुलिसकर्मी
ने
कहा
कि
मैडम
का
आधार
व
बाकी
की
जानकारी
से
लग
रहा
है
कि
वे
निर्दोष
हैं।
60
लोगों
के
आंख
और
कान
निकाल
लिए
इसके
बाद
कथित
पुलिसकर्मी
ने
किसी
व्यक्ति
से
बात
कराई।
उसने
खुद
को
सीबीआई
अफसर
बताया।
कहा
कि
म्यांमार
में
60
लोगों
की
आंखें,
नाक,
कान
निकाल
लिए
हैं
ह्यूमन
ट्रैफिकिंग
में
आते
हैं।
उनके
परिवार
के
3
करोड़
80
लाख
रुपये
आपके
HDFC
अकाउंट
में
आए
हैं,
तो
मैंने
कहा
कि
मेरा
अकाउंट
HDFC
बैंक
में
नहीं
है।
उनके
पूछने
पर
मैंने
अपने
बैंक
अकाउंट्स
की
जानकारी
दी।
उन्होंने
कहा
कि
इसके
बारे
में
परिवार
से
जिक्र
मत
करिएगा।
साथ
ही
किसी
का
कॉल
रिसीव
करने
के
लिए
भी
मना
कर
दिया।
उन्होंने
गोपनीय
अनुबंध
पत्र
टेलीग्राम
पर
भेजा
और
38
लाख
रुपये
मांगे।
मैंने
बताए
गए
खातों
में
रुपये
ट्रांसफर
कर
दिए।
ग्वालियर
से
भोपाल
पहुंची
पुलिस
टीम
शिकायत
के
बाद
पुलिस
ने
एक
खाते
को
चिन्हित
किया,
यह
खाता
भोपाल
का
था।
हाल
में
ही
ग्वालियर
से
थाना
प्रभारी
राजेश
सिंह
तोमर
के
नेतृत्व
में
एक
टीम
भोपाल
रवाना
हुई।
जानकारी
करने
पर
पता
चला
कि
खाता
शाहरुख
खान
पुत्र
आसिफ
खान
निवासी
ऐशबाग
के
नाम
पर
है।
इसके
बाद
पुलिस
ने
उसे
गिरफ्तार
और
उसकी
निशानदेही
पर
बुधवारा
से
उसके
साथी
लईक
बेग
को
भी
गिरफ्तार
किया
गया।
चीन
और
यूएई
भेज
रहे
थे
पैसा
मोबाइल
की
जांच
में
पता
चला
कि
आरोपी
लईक
बेग
अपने
चाइनीज
और
यूएई
के
साथियों
के
मिलकर
सायबर
फ्रॉड
कर
रहा
था।
वहीं
से
फ्रॉड
का
रैकेट
ऑपरेट
हो
रहा
था।
ये
लोग
ठगी
की
रकम
को
यूएसडीटी
के
माध्यम
से
साथियों
को
यूएई
और
चीन
भेज
रहे
थे।
उनके
साथियों
की
भी
तलाश
की
जा
रही
है।
एसपी
धर्मवीर
सिंह
ने
बताया
कि
दो
आरोपियों
को
पकड़ा
गया
है।
यह
उसी
रैकेट
के
सदस्य
हैं,
जिन्होंने
अप्रैल-मई
2024
में
महिला
डॉक्टर
को
डिजिटल
अरेस्ट
बताकर
38
लाख
रुपए
की
धोखाधड़ी
की
थी।
रिमांड
पर
लेकर
आरोपियों
से
पूछताछ
की
जा
रही
है।