कोचिंग
सेंटर
की
जांच
करते
एसडीएम
विस्तार
दमोह
शहर
में
संचालित
कोचिंग
सेंटर
की
जांच
करने
के
लिए
अधिकारियों
की
टीम
बुधवार
शाम
कई
स्थानों
पर
पहुंची।
यहां
टीम
में
शामिल
एसडीएम
को
सांस
लेने
में
भी
तकलीफ
हुई,
क्योंकि
छोटी
सी
जगह
में
कई
छात्रों
को
बैठकर
पढ़ाया
जा
रहा
था
और
निकासी
के
लिए
भी
जगह
नहीं
थी।
जिसके
बाद
इन
कोचिंग
सेंटर
संचालकों
को
नोटिस
जारी
किए
गए
हैं।
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दरअसल
दिल्ली
कोचिंग
हादसे
के
बाद
दमोह
में
यह
जांच
की
गई
और
कलेक्टर
के
निर्देश
पर
बनी
टीम
ने
करीब
15
से
अधिक
कोचिंग
सेंटर
पर
जाकर
वहां
की
व्यवस्थाओं
के
बारे
में
जानकारी
जुटाई।
दमोह
एसडीएम
आर
एल
बागरी,
तहसीलदार
मोहित
जैन
सहित
अधिकारियों
की
टीम
ने
एक
साथ
कई
कोचिंग
सेंटर्स
पर
पहुंचकर
जांच
की
तो
अधिकांश
सेंटर्स
पर
खामियां
पाई
गईं।
एक
बिल्डिंग
के
तीन
अलग-अलग
फ्लोर
पर
क्लासेस
लग
रही
हैं
तो
कई
जगह
पर
क्षमता
से
अधिक
बच्चो
को
बैठाया
जा
रहा
है।
टीम
लीडर
एसडीएम
बागरी
को
खुद
इस
दौरान
एक
कोचिंग
सेंटर
में
सांस
लेने
में
तकलीफ
हुई
और
उन्होंने
माना
कि
इन
सेंटर्स
पर
वेंटीलेशन
की
दिक्कत
के
अलावा
इस
बात
का
ध्यान
नही
रखा
गया
है
कि
पढ़ने
वाले
बच्चो
को
बराबर
ऑक्सीजन
मिल
सके।
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विज्ञापन
टीम
द्वारा
गायत्री
गेट,
टंडन
बगीचा
क्षेत्र
में
संचालित
कोचिंग
सेंटरों
का
जायजा
लिया।
जहां
अधिकारियों
को
कई
कमियां
मिलीं।
जिसके
चलते
नोटिस
जारी
किए
गए
हैं।
एसडीएम
बागरी
ने
बताया
कि
निरीक्षण
के
दौरान
कोचिंग
संस्थानों
में
क्षमता
से
अधिक
छात्र
मिले।
एक
हॉल
में
250
से
300
बच्चे
मौजूद
थे।
साथ
ही
सेंटरों
पर
केवल
एक
दरवाजा
मिला।
अधिकांश
सेंटरों
पर
पहली
व
दूसरी
मंजिल
पर
जाने
के
लिए
संकरी
सीढ़ियां
बनी
हुई
हैं।
ऐसे
में
यदि
कोई
हादसा
हो
जाए
तो
बड़ी
दुर्घटना
हो
सकती
है।
उन्होंने
बताया
नगर
पालिका
द्वारा
भी
अनुमति
देखी
जा
रही
है।