MP: उमरिया
में
एक
बाघ
का
शव
मिलने
से
हड़कंप
मच
गया
है।
SDO
ने
बताया
है
कि
2
बाघों
के
बीच
की
लड़ाई
में
एक
बाघ
की
जान
चली
गई
होगी।
वहीं
अब
वन
विभाग
की
टीम
पर
सवालिया
निशान
खड़ा
हो
रहा
है।
बाघ
का
अंतिम
संस्कार
करते
हुए
अधिकारी
–
फोटो
:
अमर
उजाला
डिजिटल
विस्तार
उमरिया
जिले
को
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
क्षेत्र
की
सौगात
दी
गई
थी।
जहां
बाघों
के
लिए
यहां
सुंदर
वातावरण
मौजूद
है।
मध्य
प्रदेश
को
टाइगर
स्टेट
बनाने
के
पीछे
उमरिया
जिले
का
बेहद
ही
खास
योगदान
रहा
है।
यहां
बाघों
की
संख्या
निरंतर
बढ़
रही
है,
लेकिन
बढ़ने
के
साथ
ही
साथ
तेजी
से
यह
संख्या
घटती
भी
नजर
आ
रही
है।
एक
के
बाद
एक
बाघ
मृत
अवस्था
में
पाए
जा
रहे
हैं।
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बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
में
यह
कोई
नई
बात
नहीं
है,
जहां
एक
बाघ
मृत
अवस्था
में
पाया
गया
है।
ऐसी
घटनाएं
लगातार
हो
रही
हैं।
टाइगर
रिजर्व
खुलने
के
ठीक
1
दिन
पहले
गश्ती
के
दौरान
एक
बाघ
की
मौत
की
खबर
निकलकर
आई
थी।
इसके
बाद
प्रबंधन
के
हाथ
पांव
फूलने
लगे,
जानकारी
रखते
ही
मौके
पर
चिकित्सक
की
टीम
के
साथ
एक
दल
पहुंच
गया,
जहां
बाघ
के
शव
को
अपने
कब्जे
में
लिया।
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विज्ञापन
मिली
जानकारी
के
अनुसार
गश्ती
के
दौरान
परिक्षेत्र
मगधी
कोर
अंतर्गत
बीट
उत्तर
मगधी
के
कक्ष
क्रमांक
280
में
एक
बाघ
की
मौत
की
खबर
आई
थी।
जिसके
बाद
पशु
चिकित्सा
दल
के
द्वारा
गौरव
चौधरी
क्षेत्र
संचालक
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
उमरिया
एवं
पीसी
वर्मा
उपसंचालक
पांडव
और
टाइगर
रिजर्व
उमरिया
की
उपस्थिति
में
शव
विच्छेदन
का
कार्य
किया।
आपको
बता
दें
कि
बाघों
की
लगातार
मौत
के
कारण
बाघ
प्रेमियों
में
निराशा
है।