Gwalior: जिस स्टेडियम में तेंदुलकर ने रचा था इतिहास, उसे हॉकी स्टेडियम बनाने की उठी मांग, MP भरत ने लिखा पत्र

Gwalior Demand arose to convert stadium where Sachin Tendulkar created history into hockey stadium

कैप्टन
रूप
सिंह
स्टेडियम
और
सांसद
भरत
सिंह


फोटो
:
अमर
उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश
में
आज
कल
पत्र
लिखने
को
लेकर
सियासत
लगातार
गरमाती
जा
रही
है।
पहले
ग्वालियर
के
रेलवे
स्टेशन
का
नाम
अटल
बिहारी
वाजपेई
के
नाम
पर
करने
को
लेकर
सांसद
भरत
सिंह
ने
रेल
मंत्री
को
चिट्ठी
लिखी।
अब
एक
बार
फिर
से
ग्वालियर
के
सांसद
ने
कैप्टन
रूप
सिंह
क्रिकेट
स्टेडियम
को
हॉकी
के
लिए
आरक्षित
करने
के
लिए
मुख्यमंत्री
को
पत्र
लिख
दिया
है।


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बीजेपी
सांसद
भरत
सिंह
गोस्वामी
मध्यप्रदेश
के
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
को
पत्र
लिखकर
कहा
है
कि
ग्वालियर
में
नया
क्रिकेट
इंटरनेशनल
स्टेडियम
बनकर
तैयार
हो
गया
है।
ऐसे
में
अब
कैप्टन
रूप
सिंह
स्टेडियम
को
हॉकी
के
लिए
आवंटित
किया
जाए
और
कहा
है
कि
मुख्यमंत्री
अपनी
निधि
से
छह
करोड़
रुपये
स्वीकृत
करने
की
कृपा
करें,
जिससे
की
हॉकी
की
गतिविधियों
को
बढ़ावा
मिल
सके।


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सांसद
के
इस
पत्र
को
लेकर
अब
क्रिकेट
प्रेमियों
में
खलबली
मच
गई
है।
कोई
कह
रहा
है
कि
क्रिकेट
खेलेंगे
तो
कोई
इसके
अस्तित्व
को
बचाने
की
मांग
कर
रहा
है।
क्रिकेट
जगत
से
जुड़े
कई
अधिकारी
और
पदाधिकारी
भी
कह
रहे
हैं
कि
एक
स्टेडियम
बन
गया
है
तो
क्या
हुआ
दूसरा
स्टेडियम
भी
क्रिकेट
के
बढ़ावा
देने
के
लिए
जरूरत
होती
है।
कई
बच्चे
यहां
पर
क्रिकेट
सीख
रहे
हैं।

वहीं,
सांसद
भारत
सिंह
कुशवाह
लेटर
को
लेकर
भी
क्रिकेट
प्रेमी
काफी
निराशा
है।
उन्होंने
कहा
है
कि
कैप्टन
रूप
सिंह
स्टेडियम
से
इतिहास
जुड़ा
है।
यहां
सुबह
से
लेकर
शाम
तक
अपने
भविष्य
के
सपने
को
पूरा
करने
के
लिए
मेहनत
कर
रहे
हैं।
कैप्टन
रूप
सिंह
स्टेडियम
में
प्रैक्टिस
करने
वाली
महिला
खिलाड़ियों
का
कहना
है
कि
यहां
से
तमाम
सीनियर
खिलाड़ी
क्रिकेट
खेलकर
रणजी
और
नेशनल
टीम
में
पहुंचे
हैं।
साथ
ही
इसी
पिच
पर
सचिन
तेंदुलकर
ने
भी
डबल
सेंचुरी
मारकर
इतिहास
रचाया
था।
इस
स्टेडियम
से
लाखों
क्रिकेट
प्रेमियों
का
जुड़ाव
है।
इसलिए
इसको
सिर्फ
क्रिकेट
स्टेडियम
नहीं
रहना
चाहिए।
हम
आपको
बता
देते
हैं,
ग्वालियर
का
कैप्टन
रूप
सिंह
स्टेडियम
वर्तमान
में
क्रिकेट
का
एक
बड़ा
स्टेडियम
है।
क्रिकेट
के
इतिहास
इस
पर
कई
बार
लिखे
गए
हैं
और
सबसे
बड़ा
इतिहास
तो
क्रिकेट
के
भगवान
कहे
जाने
वाले
सचिन
तेंदुलकर
ने
लिखा।
जब
साल
2010
में
दक्षिण
अफ्रीका
के
खिलाफ
उन्होंने
डबल
सेंचुरी
मारकर
वनडे
क्रिकेट
में
इतिहास
रच
दिया
था।