
बेंगलुरु
रामेश्वरम
कैफे
में
विस्फोट.
एनआईए
ने
बेंगलुरु
के
रामेश्वरम
कैफे
ब्लास्ट
मामले
में
18
लोकेशन
पर
रेड
की,
जिसमें
कर्नाटक,
तमिलनाडु
और
उत्तरप्रदेश
शामिल
है.
इसके
अलावा
एनआईए
ने
इस
मामले
में
ब्लास्ट
में
फरार
और
पकड़े
गए
आरोपियों
के
करीबियों
और
कॉलेज
और
स्कूल
टाइम
के
दोस्तों
को
पूछताछ
के
लिए
समन
किया.
इस
मामले
में
NIA
ने
अभी
तक
मुजम्मिल
शरीफ
की
गिरफ्तारी
की
है.
जिसने
ब्लास्ट
में
शामिल
फरार
दोनों
आरोपियों
मुस्सविर
हुसैन
शाजिब
और
उसके
साथी
अब्दुल
मथीन
ताहा
को
लॉजिस्टिक
प्रोवाइड
करवाया
था.
फिलहाल
एनआईए
ने
इन
दोनों
फरार
आतंकियों
पर
10-10
लाख
का
इनाम
घोषित
किया
है.
एक
मार्च
को
रामेश्वरम
कैफे
ब्लास्ट
के
साजिशकर्ता
मुस्सविर
हुसैन
शाजिब
और
उसके
साथी
अब्दुल
मथीन
ताहा
दोनों
ही
तीर्थहल्ली
शिवमोग्गा
जिले
के
निवासी
हैं.
एनआईए
ने
18
स्थानों
पर
मारी
रेड
जांच
के
दौरान
पाया
गया
है
कि
मुजम्मिल
शरीफ
निवासी
खालसा
चिक्कमगलुरु
ने
मुख्य
आरोपी
व्यक्तियों
को
रसद
सहायता
प्रदान
की
थी.
उसे
26
मार्च
को
गिरफ्तार
किया
गया
और
पुलिस
हिरासत
में
उससे
पूछताछ
की
गई.
ये
भी
पढ़ें
फरार
आरोपी
व्यक्तियों
का
पता
लगाने
और
उन्हें
गिरफ्तार
करने
के
प्रयासों
के
तहत
एनआईए
ने
कर्नाटक,
तमिलनाडु
और
उत्तर
प्रदेश
में
18
स्थानों
पर
तलाशी
ली.
इसके
अलावा,
प्रत्येक
फरार
व्यक्ति
पर
दस
लाख
रुपये
का
इनाम
घोषित
किया
गया
था.
10
लाख
रुपए
का
घोषित
किया
इनाम
मामले
में
सबूत
और
जानकारी
इकट्ठा
करने
के
लिए
एनआईए
फरार
और
गिरफ्तार
आरोपी
व्यक्तियों
के
कॉलेज
और
स्कूल
के
समय
के
दोस्तों
सहित
सभी
परिचितों
को
बुला
रही
है
और
उनसे
पूछताछ
कर
रही
है.
मामला
आतंकी
घटना
होने
के
कारण,
गवाहों
की
पहचान
के
बारे
में
कोई
भी
जानकारी
जांच
में
बाधा
डालने
के
अलावा,
व्यक्तियों
को
बुलाए
जाने
को
भी
जोखिम
में
डाल
सकती
है.
एनआईए
द्वारा
जारी
बयान
में
कहा
गया
है
कि
इसके
अलावा,असत्यापित
समाचार
मामले
में
प्रभावी
जांच
में
बाधा
डालते
हैं.
एनआईए
फरार
आरोपियों
की
गिरफ्तारी
में
सभी
से
सहयोग
का
अनुरोध
किया
है.
बता
दें
कि
कैफे
में
विस्फोट
के
दौरान
कई
लोग
घायल
हो
गये
थे.
बाद
में
एनआईए
ने
खुलासा
किया
था
कि
विस्फोट
का
उद्देश्य
बेंगलुरु
में
आतंक
दहशत
पैदा
करना
था.