निजी स्कूल मामला: अभिभावकों की शिकायत पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारी नपेंगे, 20 स्कूलों के खिलाफ निर्देश जारी

निजी स्कूल मामला: अभिभावकों की शिकायत पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारी नपेंगे, 20 स्कूलों के खिलाफ निर्देश जारी
निजी स्कूल मामला: अभिभावकों की शिकायत पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारी नपेंगे, 20 स्कूलों के खिलाफ निर्देश जारी

स्कूल


फोटो
:
सोशल
मीडिया

विस्तार

जबलपुर
में
निजी
स्कूल
की
मनमानी
रोकने
के
लिए
जिला
प्रशासन
ने
सख्त
रुख
अख्तियार
कर
रखा
है।
अभिभावकों
को
विशेष
दुकान
से
कॉपी-किताब
और
यूनिफॉर्म
खरीदने
के
लिए
बाध्य
करने
वाले
20
अन्य
निजी
स्कूलों
के
खिलाफ
वैधानिक
कार्रवाई
के
निर्देश
जिला
कलेक्टर
द्वारा
जारी
किये
गये
हैं।

अभिभावकों
की
शिकायत
पर
कार्रवाई
नहीं
करने
वाले
अधिकारियों
पर
भी
गाज
गिर
सकती
है।
शिक्षा
के
लिए
कम
दामों
में
किताब
उपलब्ध
हो
सके,
इसके
लिए
आगामी
सप्ताह
में
मेला
का
आयोजन
जिला
प्रशासन
करने
जा
रहा
है।
जिला
कलेक्टर
दीपक
सक्सेना
ने
बताया
कि
निजी
स्कूलों
द्वारा
अभिभावकों
को
विशेष
दुकान
से
कॉपी-किताब
और
यूनिफॉर्म
खरीदने
के
लिए
बाध्य
किया
जा
रहा
था।
इस
संबंध
में
शिकायत
मिलने
पर
उन्हें
ऐसे
निजी
स्कूलों
के
खिलाफ
मध्यप्रदेश
निजी
विद्यालय
(फीस
तथा
अन्य
संबंधित
विषयों
का
विनियमन)
अधिनियम
2017
की
धारा
6
एवं
9
में
प्रकरण
दर्ज
कर
वैधानिक
कार्रवाई
प्रारम्भ
करने
के
निर्देश
जारी
किये
हैं।

निजी
स्कूलों
के
खिलाफ
लगातार
शिकायत
प्राप्त
हो
रही
है।
शिकायत
मिलने
पर
शुक्रवार
को
20
अन्य
निजी
स्कूलों
के
खिलाफ
वैधानिक
कार्रवाई
के
निर्देश
जारी
किये
हैं।
जिला
प्रशासन
ने
कुल
54
निजी
स्कूलों
के
खिलाफ
वैधानिक
कार्रवाई
के
निर्देश
दिये
हैं।
इसके
अलावा
एक
निजी
स्कूल
द्वारा
फीस
में
22
प्रतिशत
बढ़ोतरी
किए
जाने
पर
भी
कार्रवाई
के
निर्देश
जारी
किये
गये
हैं।

खुली
सुनवाई
में
अभिभावकों
तथा
अन्य
सभी
संबंधित
पक्षकारों
को
साक्ष्य
एवं
कथन
प्रस्तुत
करने
का
मौका
दिया
जायेगा।
उन्होंने
बताया
कि
अभिभावकों
की
यह
भी
शिकायत
है
कि
उन्होंने
समिति
के
सदस्य

स्कूल
शिक्षा
विभाग
के
अधिकारियों
से
निजी
स्कूलों
की
मनमानी
के
संबंध
में
शिकायत
की
थी।
परन्तु
कोई
कार्रवाई
नहीं
हुई।
समिति
का
अध्यक्ष
होने
के
कारण
सदस्यों

स्कूल
शिक्षा
विभाग
के
अधिकारियों
को
शिकायत
के
संबंध
में
उन्हें
अवगत
करवाना
था।
अभिभावकों
की
शिकायत
सही
पाई
जाती
है
तो
समिति
के
सदस्य

अधिकारियों
के
खिलाफ
भी
वैधानिक
कार्रवाई
की
जायेगी।

उन्होंने
बताया
कि
जिला
प्रशासन
द्वारा
अगामी
सप्ताह
में
किताब
मेला
का
आयोजन
किया
जा
रहा
है,
जिसमें
प्रकाशकों
को
बुलाया
गया
है।
मेला
के
आयोजन
का
मुख्य
उद्देश्य
यह
है
कि
छात्रों
को
पुस्तक

कॉपी
कम
दरों
में
मिले।
उन्होंने
बताया
कि
मेले
के
दाम
तथा
निजी
स्कूलों
द्वारा
निर्धारित
की
गई
दुकानों
के
दाम
में
अधिक
अंतर
पाया
जाता
है
तो
अभिभावकों
को
बढ़ी
हुई
राशि
वापस
दिलाने
के
लिए
वैधानिक
प्रयास
किये
जायेंगे।


इन
स्कूलों
के
खिलाफ
हुई
कार्रवाई

  • लिटिल
    वर्ल्ड
    स्कूल

  • लिनार्ड
    हायर
    सेकेंडरी
    स्कूल
    बिलहरी

  • गुरु
    गोविंद
    सिंह
    खालसा
    स्कूल
    मढाताल

  • अरिहंत
    पब्लिक
    स्कूल
    शहपुरा
    भिटोनी

  • आदित्य
    कानवेंट
    स्कूल
    गोपालबाग

  • शिशु
    विद्या
    पीठ
    कांचघर

  • मिलेनियम
    एकेडमी
    हायर
    सेकेंडरी
    स्कूल

  • होली
    क्रास
    हायर
    सेकेंडरी
    स्कूल

  • सेंट
    ग्रेबियल
    स्कूल
    रांझी

  • सर्वोदय
    इंग्लिश
    मीडियम
    स्कूल

  • निर्मला
    इंग्लिश
    मीडियम
    स्कूल

  • आर्मी
    पब्लिक
    स्कूल

  • गोल्डन
    पब्लिक
    स्कूल

  • कंगारू
    किड्स
    इंटरनेशनल
    स्कूल

  • जीपी
    रायल
    ईएम
    स्कूल
    असार
    नगर

  • अशोका
    हाल
    सीनियर
    सेकेंडरी
    स्कूल

  • डब्ल्यूएसईसी
    केजी
    हाईस्कूल
    इंदिरा
    मार्केट

  • बालक
    मन्दिर
    हायर
    सेकेंडरी
    स्कूल
    रामपुर

  • स्प्रिंग
    डे
    स्कूल
    महाराजपुर

  • आदित्य
    कानवेंट
    स्कूल
    गोपालबाग