
देवी
सौर
(मरीज
के
पिता)
और
ममता
तिमोरे
(जिला
स्वास्थ्य
अधिकारी)
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
सागर
जिले
की
बहुचर्चित
भाग्योदय
तीर्थ
अस्पताल
में
कार्यरत
एक
डॉक्टर
प्रमोद
सिजेरिया
के
विरुद्ध
एक
मरीज
के
परिजनों
ने
गंभीर
आरोप
लगाते
हुए
पुलिस
अधीक्षक
कार्यालय
में
शिकायती
आवेदन
दिया
है।
बांदरी
निवासी
आदिवासी
देवी
सौर
का
कहना
है
कि
नवंबर
के
महीने
में
वे
अपने
19
वर्षीय
बेटे
को
पेट
में
मामूली
दर्द
का
इलाज
कराने
भाग्योदय
अस्पताल
लाए
थे।
जहां
तमाम
जांच
करने
के
बाद
डॉक्टर
प्रमोद
सिजेरिया
द्वारा
मरीज
का
ऑपरेशन
करके
दो
महीने
बाद
दोबारा
अस्पताल
आने
के
लिए
कहा।
दोबारा
जब
पीड़ित
अपने
मरीज
को
लेकर
पहुंचे
तो
डॉक्टर
ने
उन्हें
भोपाल
हमीदिया
अस्पताल
रेफर
कर
दिया।
जहां
के
डॉक्टरों
द्वारा
मरीज
की
हालत
देखकर
इलाज
करने
से
मना
कर
दिया।
पीड़ित
ने
बताया
कि
भोपाल
में
एम्स
और
हमीदिया
दोनों
ही
अस्पतालों
में
डॉक्टर
ने
कहा
कि
डॉक्टर
प्रमोद
सिजेरिया
द्वारा
आपके
बेटे
का
ऑपरेशन
बिगाड़
दिया
गया
है,
इसलिए
अब
और
कोई
भी
उसका
इलाज
नहीं
कर
सकता।
मामले
में
जब
जिला
स्वास्थ्य
अधिकारी
ममता
तिमोरे
से
बात
की
गई
तो
उन्होंने
बताया
कि
मामले
में
उन्हें
अब
तक
कोई
जानकारी
नहीं
थी।
मामला
संज्ञान
में
आते
ही
मामले
की
पुख्ता
जांच
करके
कार्रवाई
की
जाएगी
और
अगर
डॉक्टर
दोषी
पाए
जाते
हैं,
तो
उनका
लाइसेंस
भी
कैंसिल
कर
दिया
जाएगा।