जानलेवा
मांझे
पर
कलेक्टर
ने
लगाया
दो
माह
का
प्रतिबंध
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
हर
साल
मकर
संक्रांति
से
पहले
से
पतंगबाजी
शुरू
हो
जाती
है।
पतंगबाज
जमकर
पतंगबाजी
करते
हैं।
इसके
लिए
चाइना
डोर
का
खूब
इस्तेमाल
होता
है,
जिससे
पशु-पक्षियों
के
साथ
ही
लोग
भी
हादसे
का
शिकार
होते
हैं,
लेकिन
चाइना
डोर
से
होने
वाले
जानलेवा
हादसों
को
देखते
हुए
इस
बार
प्रशासन
ने
दो
माह
पहले
ही
इस
डोर
के
खरीदने
और
बेचने
पर
पूरी
तरह
से
प्रतिबंध
लगा
दिया
है।
अब
इसे
जानलेवा
मांझे
को
बेचने
के
साथ
ही
खरीदने
वाले
पर
भी
कार्रवाई
की
जाएगी।
कलेक्टर
का
यह
आदेश
25
नवंबर
से
आगामी
दो
माह
तक
जिलेभर
में
लागू
हो
गया
है।
विज्ञापन
कलेक्टर
द्वारा
जारी
आदेश
के
मुताबिक
कोई
भी
व्यक्ति
ना
तो
पतंगबाजी
में
चाइना
(नायलोन)
डोर
का
निर्माण
करेगा,
ना
ही
क्रय-विक्रय,
उपयोग
और
स्टॉक
कर
सकेगा।
मकर
संक्रांति
पर्व
पर
पतंगबाजी
के
लिए
ऐसी
डोर
का
क्रय-विक्रय
एवं
निर्माण
किया
जाए,
जिससे
किसी
भी
व्यक्ति,
पशु-पक्षी
को
किसी
भी
प्रकार
की
शारीरिक
क्षति
ना
हो।
याद
रहे
कि
फ्रीगंज
स्थित
जीरो
पॉइंट
पर
15
जनवरी
2022
को
नेहा
आंजना
नामक
युवती
एक्टिवा
से
अपनी
सहेली
के
साथ
जा
रही
थी।
विज्ञापन
ब्रिज
पार
करते
समय
उसके
गले
में
चायना
डोर
उलझ
गई
थी।
जिससे
उसका
गला
कट
गया
था।
आसपास
से
गुजर
रहे
लोगों
ने
युवती
को
अस्पताल
पहुंचाया
था
जहां
इलाज
के
दौरान
उसकी
मौत
हो
गई।
वह
महिदपुर
तहसील
के
नारायणा
गांव
की
रहने
वाली
थी
और
उज्जैन
में
मामा
के
घर
पढ़ाई
करने
आई
थी।
इसलिए
घातक
है
चाइनीज
मांझा
चाइनीज
मांझे
को
नायलोन
का
मांझा
भी
कहते
हैं।
यह
डोर
अन्य
मांझों
की
तरह
धागे
से
नहीं
बनती।
यह
नायलॉन
और
एक
मैटेलिक
पाउडर
को
मिलाकर
बनाया
जाता
है।
यह
प्लास्टिक
जैसा
लगता
है।
जब
इसे
खींचा
जाता
है
तो
यह
टूटने
के
बजाय
बढ़
जाता
है।
यह
मांझा
ब्लेड
की
तरह
इतना
पैना
होता
है
कि
शरीर
के
किसी
भी
हिस्से
को
काट
सकता
है।