पं
धीरेंद्र
शास्त्री।
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
158
किलोमीटर
लंबी
पैदल
यात्रा
के
बाद
पंडित
धीरेंद्र
कृष्ण
शास्त्री
मालवा
निमाड़
क्षेत्र
में
भी
एक
पदयात्रा
निकाल
सकते
है।
इंदौर
में
आयोजित
कार्यक्रम
के
दौरान
उन्होंने
इस
बात
के
संकेत
दिए,
लेकिन
अभी
तिथि
तय
नहीं
हो
पाई
है।
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फरवरी
माह
में
इंदौर
में
उनकी
एक
कथा
भी
होने
वाली
है।
उसके
बाद
पैदलयात्रा
की
अंतिम
रणनीति
को
मूर्त
रुप
दिया
जा
सकता
है।
बागेश्वर
धाम
के
पीठाधीश्वर
ने
बागेश्वर
धाम
से
अेारछा
तक
9
दिन
की
पैदल
यात्रा
निकाली
थी।
जिसमें
उन्होंने
जात-पात,
छुआ छूत
को
हटाकर
हिन्दू
को
एकजुट
करने
का
आव्हान
लोगों
से
किया।
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इंदौर
में
चल
रहे
हिन्दू
सेवा
मेले
में
हाल
ही
में
पंडित
धीरेंद्र
शास्त्री
शामिल
हुए
थे।
पदयात्रा
समाप्त
होने
के
दूसरे
दिन
उन्हें
मेले
में
बुलाया
गया
था,
लेकिन
स्वास्थ्य
खराब
होने
के
कारण
वे
आना
नही
चाहते
थे।
आयोजनों
ने
उन्हें
लाने
की
जिम्मेदारी
इंदौर
होटल
एसोसिएशन
के
अध्यक्ष
सुमीत
सूरी
को
दी।
वे
दिल्ली
से
चार्टर
विमान
लेकर
खजुराहों
पहुंचे
और
बागेश्वर
सरकार
को
इंदौर
लेकर
आए
थे।
तब
मंच
से
ही
बागेश्वर
सरकार
ने
इंदौर
को
भी
अगली
पदयात्रा
में
शामिल
करने
की
बात
कही
थी।
उनके
अनुयायी
इस
बात
को
लेकर
उत्साहित
है
कि
इंदौर
से
उनकी
यात्रा
निकलेगी।
माना
जा
रहा
है
कि
मालवा
निमाड़
में
इस
पदयात्रा
का
रुट
हो
सकता
है,क्योकि
सबसे
ज्यादा
आदिवासी
क्षेत्र
मालवा
निमाड़
में
है।
धर्मांतरण
के
मामले
भी
सबसे
ज्यादा
झाबुआ,
देवास
से
जुड़े
आदिवासी
क्षेत्रों
में
सामने
आते
है।