
शहर
के
पुराने
और बड़े
चौराहों
में
से
एक
मधुमिलन
चौराहे
की
स्थित
भुलभुलैया
जैसी
हो
गई
है।
एमवाय
की
तरफ
से
आने
वाले
वाहन
चालकों
को
पता
ही
नहीं
चलता
कि
गांधी
प्रतिमा
तक
जाने
के
लिए
किधर
मुड़ना
है।
सड़क
निर्माण
के
कारण
कई
जगह
बेरिकेड
लगाकर
ट्रैफिक
रोक
दिया
जाता
है।
विज्ञापन
दरअसल
यहां
की
रोटरी
नगर
निगम
ने
हटा
दी
और
ट्रैफिक
को
हनुमान
मंदिर
की
तरफ
से
मोड़
दिया।
इस
कारण
ट्रैफिक
ज्यादा
घुमावदार
हो
गया
है। सुबह
और
शाम
के
समय
यातायात
भी
बाधित
होता
है।
सड़क
निर्माण
के
दौरान
डायवर्शन
ने
और परेशानी
बढ़ा
दी
है।
कई
जगह
ट्रैफिक
रोक
दिया
जाता
है।
अफसरों
का
कहना
है
कि
चौराहे
का
निर्माण
पूरा
होने
के
बाद
ट्रैफिक
आसान
हो
जाएगा।
विज्ञापन
जंक्शन
पर
ज्यादा
समय
लग
रहा
ढक्कनवाला
कुआं मार्ग
के
जंक्शन
पर
ज्यादा
दिक्कत
आ रही
है।
यहां
छावनी
की
तरफ
से
आने
वाला
यातायात
सीधे
जाता
है,
पहले
यह
मंदिर
के
पीछे
से
घुमकर
जाता
था।
इस
कारण
लेफ्ट
टर्न
का
उपयोग
रीगल
तिराह
की
तरफ
जाने
के
लिए
होता
था,
लेकिन
वह
ट्रैफिक
संकेतक
के
कारण
रुकता
है।
ट्रैफिक
दुरुस्त
करने
के
लिए
यातायात
विभाग
ने
कुछ
बदलाव
किए
लेकिन
समस्या
फिर
भी
बनी
हुई
है।
अभी
भी
चौराहे
का
निर्माण
पूरा
नहीं
हो
पाया
है।
जनकार्य
समिति
प्रभारी
राजेंद्र
राठौर
का
कहना
है
कि
आरएनटी
मार्ग
और
मधु
मिलन
चौराहे
को
संवारा
जा
रहा
है।
निर्माण
में
ट्रैफिक
इंजीनियरिंग
का
पूरा
ध्यान
रखा
जा
रहा
है।
निर्माण
के
दौरान
ट्रैफिक
डायवर्शन
के
कारण
दिक्कत
थी,
लेकिन
भविष्य
में
दिक्कत
नही
आएगी।
छह
मार्ग
मिलते
है
जंक्शन
पर
मधुमिलन
और
महू
नाका
संर्कल
इंदौर
वे
चौराहे
है
जहां
छह
मार्ग
मिलते
है।
इसके
बावजूद
दोनो
चौराहों
पर
ट्रैफिक
की
परेशानी
कभी
नहीं
आई,
लेकिन
मधु
मिलन
चौराहे
के
नए
सिरे
से
निर्माण
के
कारण
ट्रैफिक
की
बैंड
बज
जाती
है।
शाम
के
समय
छावनी,
एमवाय
मार्ग
पर
ट्रैफिक
का
दबाव
ज्यादा
रहता
है।
नगर
निगम
इस
चौराहे
से
जुड़ी
आरएनटी
रोड
को
माॅडल
रोड
भी
बना
रहा
है।