बाबरी मस्जिद, गुजरात दंगे, आजाद कश्मीर…NCERT ने बुक्स के किए ये बदलाव

बाबरी मस्जिद, गुजरात दंगे, आजाद कश्मीर…NCERT ने बुक्स के किए ये बदलाव
बाबरी मस्जिद, गुजरात दंगे, आजाद कश्मीर…NCERT ने बुक्स के किए ये बदलाव


एनसीईआरटी
की
पुस्तकें.
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NCERT

राष्ट्रीय
शैक्षिक
अनुसंधान
और
प्रशिक्षण
परिषद
(एनसीईआरटी)
ने
नए
स्कूली
पाठ्यपुस्तकों
में
कई
बदलाव
किए
हैं.
इनमें
बाबरी
मस्जिद
के
विध्वंस,
गुजरात
दंगों
में
मुसलमानों
की
हत्या
में
हिंदुत्व
के
संदर्भ
को
हटाने,
भारत
के
साथ
मणिपुर
के
विलय,
अनुच्छेद
370
और
आजाद
कश्मीर
के
संदर्भ
में
बदलाव
किए
गये
हैं.
बदलाव
कक्षा
11
और
12
की
राजनीति
विज्ञान
और
सामाजिक
विज्ञान
की
पाठ्यपुस्तकों
के
अलावा
अन्य
में
भी
किए
गए
हैं.
हालांकि
एनसीईआरटी
के
अधिकारियों
ने
हटाए
गए
विषयों
पर
कोई
टिप्पणी
नहीं
की.

एनसीआरटी
के
अधिकारियों
ने
कहा
कि
बदलाव
नियमित
अद्यतनीकरण
का
हिस्सा
हैं
और
नए
पाठ्यक्रम
ढांचे
(एनसीएफ)
के
अनुसार
नई
पुस्तकों
में
बदलाव
किए
गए
हैं.

11वीं
कक्षा
की
पाठ्यपुस्तक
के
आठवें
अध्याय
में
धर्मनिरपेक्षता
पर
अध्याय
में
बदलाव
किया
गया
है.
पाठ्यक्रम
में
पहले
कहा
गया
था
कि
2002
में
गुजरात
में
गोधरा
दंगों
में
1,000
से
अधिक
लोगों
मौत
का
घाट
उतार
दिया
गया
था.
मारे
जाने
वालों
में
ज्यादातर
मुस्लिम
थे.

ये
भी
पढ़ें

गोधरा
दंगे
के
संदर्भ
में
बदलाव

अब
नये
पाठ्यक्रम
में
इसे
बदलकर
लिखा
गया
है
कि
2002
में
गुजरात
में
गोधरा
के
बाद
हुए
दंगों
के
दौरान
1,000
से
अधिक
लोग
मारे
गए
थे.
एनसीईआरटी
का
कहना
है
कि
किसी
भी
दंगे
में
सभी
समुदायों
के
लोगों
को
नुकसान
होता
है.
इस
तरह
की
घटना
के
लिए
केवल
एक
समुदाय
लिखा
जाना
ठीक
नहीं
है.

कक्षा
12
की
राजनीति
विज्ञान
की
पाठ्यपुस्तक
(स्वतंत्रता
के
बाद
से
भारत
में
राजनीति)
के
अध्याय
सात
में
एनसीआरटी
ने
संविधान
के
अनुच्छेद
370
को
निरस्त
करने
के
संदर्भ
को
शामिल
करने
के
लिए
एक
पैराग्राफ
को
संशोधित
किया
है.
यह
अनुच्छेद
पूर्ववर्ती
राज्य
जम्मू-कश्मीर
को
विशेष
दर्जा
देता
था.

अनुच्छेद
370
को
लेकर
हुए
बदलाव

पाठ्यक्रम
में
पहला
पैराग्राफ
था,
“जहां
अधिकांश
राज्यों
के
पास
समान
शक्तियां
हैं,
वहीं
कुछ
राज्यों
जैसे
जम्मू-कश्मीर
और
उत्तर-पूर्व
के
राज्यों
के
लिए
विशेष
प्रावधान
हैं.”
संशोधित
संस्करण
पैराग्राफ
के
अंत
में
एक
पंक्ति
जोड़ा
गया
है.
इसमें
बदलाव
कर
लिखा
गया
है
कि
अनुच्छेद
370
जिसमें
जम्मू-कश्मीर
के
लिए
विशेष
प्रावधान
हैं,
अगस्त
2019
में
निरस्त
कर
दिया
गया
था.

पाकिस्तान
के
कब्जे
वाले
कश्मीर
पर
पहले
की
पाठ्यपुस्तक
में
भारत
इसे
अवैध
कब्जे
वाला
क्षेत्र
बताता
था
और
इसे
पाकिस्तान
इस
क्षेत्र
को
आजाद
पाकिस्तान
कहता
था.
एनसीआरटी
के
नये
संस्करण
में
इसे
भारतीय
क्षेत्र
का
बताया
गया
है.
यह
क्षेत्र
फिलहाल
पाकिस्तान
के
अवैध
कब्जे
में
है.
नये
पाठ्यक्रम
में
इसे
पाकिस्तान
अधिकृत
जम्मू
और
कश्मीर
बताया
गया
है.

मणिपुर
विलय
पर
पाठ्यक्रम
में
परिवर्तन

मणिपुर
पर
पहले
की
पाठ्यपुस्तक
में
कहा
गया
था,
“भारत
सरकार
मणिपुर
की
लोकप्रिय
निर्वाचित
विधान
सभा
से
परामर्श
किए
बिना,
सितंबर
1949
में
विलय
समझौते
पर
हस्ताक्षर
करने
के
लिए
महाराजा
पर
दबाव
डालने
में
सफल
रही.
लेकिन
नये
संस्करण
में
इसमें
बदलाव
कर
कहा
गया
है
कि
सितंबर
1949
में
महाराजा
को
भारत
सरकार
विलय
समझौते
पर
हस्ताक्षर
करने
के
लिए
मना
लिया
था.
इसी
तरह
से
अध्याय
आठ
में
अयोध्या
विध्वंस
और
उसी
अध्याय
में
बाबरी
मस्जिद
और
हिंदुत्व
की
राजनीति
के
संदर्भ
हटा
दिए
गए.