
दिल्ली
के
मुख्यमंत्री
अरविंद
केजरीवाल
दिल्ली
के
मुख्यमंत्री
अरविंद
केजरीवाल
इन
दिनों
तिहाड़
जेल
में
बंद
हैं.
इसी
बीच
उन्होंने
जेल
में
अपने
वकीलों
से
मिलने
से
जुड़ी
एक
याचिका
कोर्ट
में
दायर
की
थी.
मामले
की
सुनवाई
पूरी
होने
के
बाद
कोर्ट
ने
अपना
फैसला
सुरक्षित
रख
लिया
है.
दिल्ली
की
राउज
एवेन्यू
कोर्ट
9
अप्रैल
को
केजरीवाल
की
इस
याचिका
पर
फैसला
सुनाएगा.
सीएम
ने
मांग
की
है
कि
जेल
में
उनके
वकीलों
के
साथ
मिलने
की
संख्या
को
सप्ताह
में
2
से
बढ़ाकर
5
बार
कर
दी
जाए.
जेल
मैनुअल
के
हिसाब
से
सीएम
से
एक
हफ्ते
में
उनके
वकील
सिर्फ
दो
बार
ही
मुलाकात
कर
सकते
हैं.
बता
दें
कि
ईडी
ने
शराब
घोटाला
मामले
में
उन्होंने
गिरफ्तार
किया
था
जिसके
बाद
कोर्ट
ने
उन्हें
न्यायिक
हिरासत
में
भेज
दिया
था.
वहीं,
वकीलों
से
मिलने
वाली
मांग
पर
कोर्ट
ने
अपना
फैसला
सुरक्षित
रख
लिया
है.
राउज
एवेन्यू
कोर्ट
की
स्पेशल
जज
कावेरी
बावेजा
मामले
पर
9
अप्रैल
को
फैसला
सुनाएगी.
जेल
मैनुअल
के
खिलाफ:
ED
कोर्ट
में
सुनवाई
के
दौरान
जांच
एजेंसी
ईडी
की
तरफ
से
पेश
हुए
वकील
ने
इसका
विरोध
किया.
उन्होंने
जेल
मैनुअल
का
हवाला
देते
हुए
कहा
कि,
एक
हफ्ते
में
केजरीवाल
से
उनके
वकीलों
का
पांच
बार
मिलना
मैनुअल
के
खिलाफ
है.
बता
दें
कि
सीएम
केजरीवाल
ने
अभी
तक
अपने
पद
से
इस्तीफा
नहीं
दिया
है
और
वो
जेल
से
ही
सरकार
चला
रहे
हैं.
ऐसे
में,
ईडी
के
वकील
ने
कोर्ट
में
कहा
कि
अगर
कोई
व्यक्ति
जेल
से
सरकार
चलाने
का
फैसला
लेता
है
तो
उसके
साथ,
जेल
में
असाधारण
व्यवहार
नहीं
किया
जा
सकता
है.
LG
और
सरकार
में
तनातनी
सीएम
केजरीवाल
और
दिल्ली
के
LG
के
बीच
की
तनातनी
जगजाहिर
है.
ये
अब
फिर
बढ़ती
दिख
रही
है.
दिल्ली
के
उपराज्यपाल
विनय
कुमार
सक्सेना
ने
स्वास्थ्य
मंत्री
सौरभ
भारद्वाज
को
पत्र
लिखा
है.
उन्होंने
सरकार
पर
सवाल
खड़े
करते
हुए
लिखा
कि
मैंने
2023
के
जून
महीने
में
मुख्यमंत्री
को
पत्र
लिखा
था.
सिरसपुर
में
सिर्फ
एक
नए
अस्पताल
के
निर्माण
हुआ
जिसमें
बहुत
ज्यादा
समय
लगा.
एलजी
ने
ये
भी
लिखा
कि
पिछले
9
सालों
के
दौरान
कोई
नया
अस्पताल
नहीं
बना.