संभावना
ट्रस्ट
का
अनिश्चितकालीन
विरोध
प्रदर्शन
आज
से
शुरू
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
गैस
पीड़ितों
को
मुफ्त
इलाज
उपलब्ध
कराने
वाला
संभावना
ट्रस्ट
क्लिनिक
के
कर्मचारी
और
लाभार्थी
ने
बुधवार
1
जनवरी
से
अनिश्चितकालीन
विरोध
प्रदर्शन
शुरू
कर
दिया
है।
उनकी
केंद्र
सरकार
से
मांग
है
कि
संभावना
ट्रस्ट
क्लिनिक
पर
एफसीआरए
(फॉरेन
कॉन्ट्रीब्यूशन
रेगुलेशन
एक्ट)
रजिस्ट्रेशन
पर
लगी
पाबंदी
को
तुरंत
हटाया
जाए।
दरअसल
2019
में
केंद्र
सरकार
ने
एफसीआरए
(फॉरेन
कॉन्ट्रीब्यूशन
रेगुलेशन
एक्ट)
के
पोर्टल
पर
एनुअल
ऑडिट
रिपोर्ट
अपलोड
नहीं
करने
को
लेकर
रजिस्ट्रेशन
कैंसिल
कर
दिया
था।
जबकि
ट्रस्ट
के
पदाधिकारियों
का
कहना
है
कि
उन्होंने
रिपोर्ट
सबमिट
की
थी,
लेकिन
तकनीकी
कारण
से
रिपोर्ट
पोर्टल
पर
अपलोड
नहीं
हुई।
इसके
बाद
उन्होंने
रिपोर्ट
उपलब्ध
कराई,
लेकिन
उसे
मान्य
नहीं
किया
गया।
इसके
बाद
नियमानुसार
तीन
साल
बाद
दोबारा
संभावना
ट्रस्ट
क्लिनिक
के
नाम
से
एफसीआरए
रजिस्ट्रेशन
के
लिए
आवेदन
किया
गया,
लेकिन
2020-21
में
किया
आवेदन
पर
अब
तक
कोई
कार्रवाई
नहीं
की
गई।
अभी
भी
वह
पेंडिग
स्टेटस
बता
रहा
है।
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सम्भावना
ट्रस्ट
क्लिनिक
बाफना
कॉलोनी
बैरसिया
रोड
के
कर्मचारी
और
धरना
प्रदर्शन
के
संयोजक
बीजू
नायर
ने
बताया
कि
ट्रस्ट
को
देश
और
विदेश
से
गैस
पीड़ितों
के
इलाज
के
लिए
सहयोग
करते
थे,
लेकिन
रजिस्ट्रेशन
कैंसिल
होने
से
अब
ट्रस्ट
पर
आर्थिक
संकट
आ
गया
है।
ट्रस्ट
को
विदेशी
फंड
की
प्राप्ति
नहीं
हो
पा
रही
है।
अब
मजबूरी
में
क्लिक
बंद
करने
की
स्थिति
है।
गैस
पीडिता
के
इलाज
के
मुफ्ट
इलाज
पर
प्रतिवर्ष
साढ़े
तीन
करोड़
रुपए
खर्च
होता
है।
आर्थिक
सहयोग
बंद
होने
से
पीड़ितों
के
इलाज
में
गंभीर
समस्या
उत्पन्न
हो
गई
है।
37
हजार
रजिस्टर्ड
गैस
पीड़ितों
के
इलाज
पर
संकट
मंडरा
रहा
है।
विज्ञापन
बता
दें
संभावना
ट्रस्ट
के
क्लिनिक
में
51
कर्मचारी
कार्यरत
हैं
और
रोजाना
100
से
ज्यादा
गैस
पीड़ित
मरीज
इलाज
के
लिए
आते
हैं।
पैसों
की
कमी
के
कारण
डॉक्टरों
और
कर्मचारियों
की
संख्या
में
कटौती
की
जा
चुकी
है।
वर्तमान
में
क्लिनिक
में
37
हजार
गैस
पीड़ित
पंजीकृत
है।
जिनका
मुफ्त
इलाज
ट्रस्ट
करता
है।