छात्रों
को
पुलिस
ने
घर
से
पकड़ा।
–
फोटो
:
अमर
उजाला,
इंदौर
विस्तार
में
नेशनल
एजुकेटेड
यूथ
यूनियन
(NEYU)
के
दो
वरिष्ठ
सदस्यों
को
पुलिस
द्वारा
उनके
घर
से
हिरासत
में
लिए
जाने
की
घटना
ने
विवाद
खड़ा
कर
दिया
है।
बुधवार
को
ये
सदस्य,
राधे
जाट
और
रंजीत,
डीडी
पार्क
में
एक
मीटिंग
आयोजित
करने
वाले
थे,
जिसमें
एमपीपीएससी
MPPSC
(मध्य
प्रदेश
लोक
सेवा
आयोग)
की
भर्तियों
में
कम
पदों
की
संख्या
और
अन्य
मुद्दों
पर
चर्चा
होनी
थी
लेकिन
मीटिंग
से
पहले
ही,
पुलिस
ने
उन्हें
उनके
घर
से
ले
जाकर
मीटिंग
को
रोक
दिया।
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सोशल
मीडिया
पर
दी
जानकारी
घटना
की
जानकारी
मिलते
ही
NEYU
ने
अपने
आधिकारिक
ट्विटर
हैंडल
पर
सरकार
की
कार्यवाही
की
आलोचना
करते
हुए
लिखा,
“मध्यप्रदेश
सरकार
की
तानाशाही
देखिए,
अब
मीटिंग
भी
नहीं
करने
दे
रहे।”
ट्वीट
में
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
और
अन्य
वरिष्ठ
नेताओं
को
टैग
करते
हुए
यूनियन
ने
पुलिस
की
इस
कार्रवाई
पर
सवाल
उठाए।
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सीएम
ने
कहा
था
भर्तियां
अधिक
निकलेंगी
इससे
पहले,
यूनियन
ने
एमपीपीएससी
कार्यालय
के
बाहर
चार
दिन
तक
धरना
प्रदर्शन
किया
था,
जिसमें
विभिन्न
मांगें
रखी
गई
थीं।
सीएम
से
मुलाकात
के
बाद
मांगें
पूरी
करने
का
आश्वासन
दिया
गया
था।
इसके
बावजूद,
यूनियन
के
अनुसार,
भर्तियों
में
कम
पदों
की
संख्या
और
अन्य
मुद्दों
को
लेकर
असंतोष
बना
हुआ
है।
छात्रों
ने
कहा
सीएम
ने
500
भर्तियां
निकालने
का
आश्वासन
दिया
था
लेकिन
150
भर्तियां
ही
निकली।
इसी
सिलसिले
में
मीटिंग
रखी
गई
थी।
आगे
की
कार्रवाई
यूनियन
के
सदस्य
अब
वकील
के
साथ
संबंधित
पुलिस
थाने
पहुंचने
की
योजना
बना
रहे
हैं।
सरकार
और
पुलिस
का
पक्ष
घटना
के
संबंध
में
अभी
तक
पुलिस
या
प्रशासन
की
ओर
से
कोई
आधिकारिक
बयान
नहीं
आया
है।
यूनियन
के
आरोपों
पर
प्रतिक्रिया
का
इंतजार
है।