Lok Sabha Election: छिंदवाड़ा में कमलनाथ बोले- धर्म मेरे लिए आस्था का विषय, रोजगार देना मेरी पहली प्राथमिकता

Lok Sabha Election: छिंदवाड़ा में कमलनाथ बोले- धर्म मेरे लिए आस्था का विषय, रोजगार देना मेरी पहली प्राथमिकता
Lok Sabha Election: छिंदवाड़ा में कमलनाथ बोले- धर्म मेरे लिए आस्था का विषय, रोजगार देना मेरी पहली प्राथमिकता

छिंदवाड़ा
में
कमलनाथ


फोटो
:
अमर
उजाला

विस्तार

पूर्व
मुख्यमंत्री
कमलनाथ
ने
छिंदवाड़ा
लोकसभा
चुनाव
के
लिए
सौसर
विधानसभा
के
ग्राम
पिपला
नारायण
वार
में
जनसभा
को
संबोधित
किया।
उन्होंने
कहा,
मैं
आखिरी
सांस
तक
छिंदवाड़ा
की
सेवा
करता
रहूंगा।
मैं
धर्म
के
नाम
पर
राजनीति
नहीं
करता।
मैंने
छिंदवाड़ा
में
हनुमान
जी
की
सबसे
बड़ी
मूर्ति
बनवाई,
लेकिन
कभी
इस
बारे
में
राजनीतिक
बात
नहीं
की।

कमलनाथ
ने
कहा,
धर्म
मेरे
लिए
आस्था
का
विषय
है।
हम
सब
अपने
श्रद्धा
के
अनुसार
धर्म
का
पालन
करते
हैं।
भाजपा
वाले
बड़ी-बड़ी
बातें
करते
हैं,
लेकिन
असल
में
कुछ
करते
नहीं।
यह
कहते
थे
450
रुपये
में
गैस
का
सिलेंडर
देंगे।
क्या
किसी
को
450
रुपये
में
गैस
का
सिलेंडर
मिल
रहा
है।
यह
कहते
थे
गेहूं
का
न्यूनतम
समर्थन
मूल्य
2,700
रुपये
प्रति
कुंतल
और
धान
का
समर्थन
मूल्य
3,100
रुपये
प्रति
क्विंटल
देंगे।
लेकिन
किसी
को
दिया
क्या?


रोजगार
देना
मेरी
पहली
प्राथमिकता

पूर्व
सीएम
कमलनाथ
बोले,
रोजगार
मेरी
सबसे
पहली
प्राथमिकता
है।
जो
बच्चे
सिर्फ
सातवीं
आठवीं
तक
पढ़े
हैं,
उनके
लिए
भी
मैंने
रोजगार
की
व्यवस्था
की
है।
मैंने
स्किल
डेवलपमेंट
सेंटर
और
ड्राइविंग
लर्निंग
सेंटर
खुलवाए,
ताकि
कम
शिक्षित
बच्चे
भी
ट्रेनिंग
हासिल
कर
सकें
और
रोजगार
प्राप्त
करें।
चुनाव
के
बाद
आप
लोग
जाकर
ट्रेनिंग
सेंटर
देखिएगा।
अपने
और
आसपास
के
बच्चों
को
वहां
पढ़ने
भेजिए।
यह
बच्चे
आज
बाहर
जाकर
60-70,000
हजार
रुपए
महीने
कमाते
हैं,
30-40,000
हजार
रुपये
परिवार
को
भेजते
हैं,
इससे
गांव
की
आर्थिक
गतिविधि
चलती
है।

कमलनाथ
ने
कहा,
मैंने
छिंदवाड़ा
में
छह
हजार
किलोमीटर
ग्रामीण
सड़कें
बनाई,
हाइवे
बनाए।
सड़कों
से
आवागमन
तो
बेहतर
हुआ,
लेकिन
साथ
ही
स्थानीय
लोगों
को
सड़क
निर्माण
के
लिए
रोजगार
भी
मिला।
मैं
मुख्यमंत्री
था
तो
मैंने
पहली
किस्त
में
छिंदवाड़ा
के
80,000
किसानों
का
कर्ज
माफ
किया।
मैंने
तो
अपनी
जवानी
और
पूरा
जीवन
छिंदवाड़ा
के
लिए
समर्पित
कर
दिया।

पूर्व
सीएम
ने
कहा,
जब
मैं
छिंदवाड़ा
आया
था,
तब
लोगों
को
छिंदवाड़ा
का
नाम
पता
नहीं
था।
लोग
पूछते
थे
नागपुर
वाला
छिंदवाड़ा।
आज
आप
जहां
भी
जाएं
छाती
ठोक
कर
गए
सकते
हैं
कि
आप
छिंदवाड़ा
से
हैं।
मेरा
नाम
किसी
रेत
से
नहीं
जुड़ा,
किसी
शराब
से
नहीं
जुड़ा,
किसी
ठेकेदार
से
नहीं
जुड़ा,
इसके
आप
सब
गवाह
हैं।