
फरवरी
माह
में
होने
वाली
दसवीं
और
बारहवीं
बोर्ड
परीक्षाओं
की
तैयारियां
शुरू
हो
गई
हैं।
परीक्षा
में
कोई
गड़बड़ी
न
हो
इसके
लिए
इस
बार
शिक्षा
विभाग
फूक-फूंककर
कदम
रख
रहा
है।
बीते
साल
सिंग्रामपुर
परीक्षा
केंद्र
में
ड्यूटी
पर
तैनात
एक
शिक्षिका
की
ओर
से
उत्तर
पुस्तिका
को
अपने
घर
पर
ले
जाकर
हल
करने
का
मामला
पूरे
प्रदेश
भर
में
छाया
रहा।
इस
मामले
में
यहां
की
शिक्षिका
सहित
यहां
के
केंद्राध्यक्ष
व
सहायक
केंद्राध्यक्ष
अभी
भी
निलंबित
चल
रहे
हैं।
यही
वजह
है
कि
मंडल
द्वारा
इस
बार
स्पष्ट
आदेश
जारी
किया
गया
है
कि
इस
बार
परीक्षा
केंद्रों
पर
उन
शिक्षकों,
केंद्राध्यक्षों
एवं
सहायक
केंद्राध्यक्षों
की
ड्यूटी
नहीं
लगाई
जाएगी,
जिनके
बेटा-बेटी
उसी
केंद्र
में
परीक्षा
दे
रहे
हैं।
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इधर,
जेडी
की
बैठक
के
बाद
रिजल्ट
सुधारने
की
कवायद
शुरू
हो
गई
है।
शिक्षा
विभाग
द्वारा
इसके
लिए
प्रबल
और
प्रखर
नाम
से
दो
वर्ग
बनाए
जा
रहे
हैं।
प्रबल
वर्ग
में
डीई
और
ई-ग्रेड
के
बच्चों
को
शामिल
किया
जाएगा।
इन
बच्चों
की
पढ़ाई
पर
विशेष
ध्यान
दिया
जाएगा।
इन
बच्चों
के
लिए
विशेष
प्रकार
के
कंटेंट,
मॉडल
प्रश्नपत्र
के
माध्यम
से
पढ़ाई
कराई
जाएगी।
इन
बच्चों
पर
विशेष
विशेषज्ञों
के
माध्यम
से
मॉनीटरिंग
कराई
जाएगी।
इसके
अलावा
रेमेडियल
कक्षाएं
भी
शुरू
हो
रही
हैं। वहीं,
प्रखर
वर्ग
में
उन
बच्चों
को
शामिल
किया
गया
है,
जो
मेरिट
में
आने
वाले
हैं।
इन
बच्चों
को
विशेष
प्रकार
से
टेंड
किया
जाए,
ताकि
उनकी
मार्किंग
में
इन्प्रूवमेंट
हो।
इस
वर्ग
में
जिले
के
करीब
125
बच्चे
हैं।
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बटियागढ़
मॉडल
स्कूल
परीक्षा
केंद्र
बदला
इस
बार
जिले
में
बोर्ड
परीक्षाओं
के
लिए
84
परीक्षा
केंद्र
बनाए
गए
हैं।
इनमें
बटियागढ़
ब्लॉक
मुख्यालय
स्थित
मॉडल
स्कूल
परीक्षा
केंद्र
को
इस
बार
बंद
कर
उसकी
जगह
सरस्वती
शिशु
मंदिर
स्कूल
को
परीक्षा
केंद्र
बनाया
गया
है।
बताया
गया
है
कि
इस
स्कूल
को
लेकर
मंडल
को
कई
शिकायतें
मिली
थीं,
जिसके
चलते
मंडल
स्तर
से
इस
केंद्र
को
बंद
किया
गया
है।
इधर,
सिंग्रामपुर
परीक्षा
केंद्र
की
जगह
दो
नए
केंद्र
बनाए
गए
हैं।
जिसमें
मॉडल
जबेरा
एवं
कौंडाकला
हायर
सेकंडरी
स्कूल
को
बनाया
गया
है।
कोंडाकला
में
पौड़ी
मानगढ़
क्षेत्र
के
बच्चे
परीक्षा
देने
आएंगे,
शेष
बच्चे
मॉडल
जबेरा
में
परीक्षा
देंगे।
इधर,
जिले
में
केंद्राध्यक्ष,
सहायक
केंद्रायक्ष
और
पर्यवेक्षकों
की
नियुक्ति
प्रक्रिया
भी
शुरू
हो
गई
है।
इनका
चयन
रेंडम
पद्धति
से
किया
जाएगा।
20
प्रतिशत
केंद्राध्यक्षों
को
रिजर्व
में
रखा
जाएगा।
उनकी
परीक्षा
के
दौरान
यदि
जरूरत
पड़ेगी
तो
इसका
अनुमोदन
जिला
शिक्षा
अधिकारी
को
कलेक्टर
से
लेना
होगा।
प्रबल
वर्ग
में
रहेंगे
कमजोर
बच्चे
जिला
शिक्षा
अधिकारी
एसके
नेमा
ने
बताया
बोर्ड
परीक्षाओं
की
तैयारियां
शुरू
हो
गई
हैं।
इस
बार
प्रबल
व
प्रखर
वर्ग
बनाए
गए
हैं।
जिसमें
कमजोर
बच्चों
को
प्रबल
वर्ग
में
रखा
गया
है।
इनकी
पढ़ाई
पर
विशेष
फोकस
रहेगा।
सभी
जरूरी
मटेरियल
व
आदर्श
प्रश्न
इन्हें
उपलब्ध
कराए
जाएंगे।
वहीं
प्रखर
वर्ग
में
मेरिट
में
आने
वाले
छात्रों
को
रखा
गया
है।
इनकी
संख्या
करीब
125
है।
इन
पर
भी
विशेष
फोकस
रखा
जाएगा।