क्या है अमित शाह का मिशन यूपी? जिसे अंजाम तक पहुंचा रहे बीजेपी के ये बड़े नेता

क्या है अमित शाह का मिशन यूपी? जिसे अंजाम तक पहुंचा रहे बीजेपी के ये बड़े नेता
क्या है अमित शाह का मिशन यूपी? जिसे अंजाम तक पहुंचा रहे बीजेपी के ये बड़े नेता


यूपी
के
पूर्व
मुख्यमंत्री
रामनरेश
यादव
के
बेटे
अजय
यादव
भी
आज
पार्टी
में
शामिल
हो
गए

यूपी
में
एक
तरफ
बीजेपी
की
अगुवाई
वाली
एनडीए
गठबंधन
है.
दूसरी
तरफ
समाजवादी
पार्टी
के
नेतृत्व
वाला
इंडिया
गठबंधन
है.
इस
बार
बीएसपी
अकेले
अपने
दम
पर
चुनाव
लड़
रही
है.
पिछले
लोकसभा
चुनाव
में
बीजेपी
को
2014
के
चुनाव
के
मुकाबले
दस
सीटों
का
नुकसान
हुआ
था.
बीजेपी
की
तैयारी
इस
बार
इंडिया
गठबंधन
को
शून्य
पर
समेटने
की
है.
बीजेपी
का
दावा
है
कि
इस
बार
वे
मैनपुरी
और
आजमगढ़
भी
जीत
सकते
हैं.
मैनपुरी
से
अखिलेश
यादव
की
पत्नी
डिंपल
यादव
चुनाव
लड़
रही
हैं.
आजमगढ़
से
अखिलेश
के
भाई
धर्मेन्द्र
यादव
फिर
से
चुनावी
मैदान
में
हैं.

विपक्ष
के
नेताओं
को
अपना
बनाने
के
अभियान
के
तहत
आज
लखनऊ
में
कई
नेताओं
को
बीजेपी
में
शामिल
कराया
गया.
हर
हफ्ते
समाजवादी
पार्टी,
कांग्रेस
और
बीएसपी
के
लोगों
को
भगवा
कैंप
में
लाया
जा
रहा
है.
इसके
लिए
बीजेपी
ने
एक
कमेटी
भी
बनाई
है.
यूपी
के
डिप्टी
सीएम
ब्रजेश
पाठक
को
इस
कमेटी
का
अध्यक्ष
बनाया
गया
है.
इस
कमेटी
में
राज्य
सभा
सांसद
अमर
पाल
मौर्य
और
पार्टी
के
प्रदेश
उपाध्यक्ष
ब्रज
बहादुर
भी
शामिल
हैं.
ये
कमेटी
लगातार
विपक्षी
नेताओं
को
बीजेपी
में
लेकर

रही
है.

शनिवार
को
भी
विपक्ष
के
कई
नेताओं
को
बीजेपी
में
शामिल
किया
गया.
इन
नेताओं
को
पार्टी
में
लेने
से
पहले
उनके
आपराधिक
रिकॉर्ड
भी
देखे
जाते
हैं.
इस
बात
की
भी
जांच
की
जाती
है
उन्हें
पार्टी
में
लेने
से
कहीं
बीजेपी
कार्यकर्ताओं
का
मनोबल
तो
नहीं
कमजोर
होगा.
हर
तरह
की
छानबीन
के
बाद
बीजेपी
में
लेने
की
प्रक्रिया
पूरी
की
जाती
है.

ये
भी
पढ़ें

बीएसपी
से
राज्यसभा
सांसद
रहे
वीर
सिंह
भी
बीजेपी
में
शामिल

बीएसपी
से
राज्यसभा
के
सांसद
रहे
वीर
सिंह
को
आज
बीजेपी
में
शामिल
किया
गया.
एक
जमाने
में
वीर
सिंह
की
गिनती
बीएसपी
के
टॉप
फ़ाइव
नेताओं
में
होती
थी.
वे
मायावती
के
करीबी
नेता
कहे
जाते
थे.
कई
राज्यों
के
वे
प्रभारी
रहे.
यूपी
के
पूर्व
मुख्यमंत्री
रामनरेश
यादव
के
बेटे
अजय
यादव
भी
आज
पार्टी
में
शामिल
हो
गए.
रामनरेश
यादव
की
गिनती
एक
जमाने
में
कांग्रेस
के
बड़े
नेताओं
में
होती
थी.
वे
मध्य
प्रदेश
के
राज्यपाल
भी
रहे.
आजमगढ़
के
रहने
वाले
अजय
यादव
को
बीजेपी
में
लाकर
पार्टी
यादव
वोटरों
को
मैसेज
दे
रही
है.

क्या
है
बीजेपी
का
मिशन
यूपी?

दरअसल,
मुरादाबाद
की
बैठक
में
केंद्रीय
गृह
मंत्री
अमित
शाह
ने
विपक्ष
के
नेताओं
को
बीजेपी
में
शामिल
कराने
को
कहा
था.
उन्होंने
कहा
था
कि
राज्य
स्तर
से
लेकर
बूथ
लेवल
तक
के
नेताओं
को
पार्टी
में
लाया
जाए.
उन्हें
प्रधानमंत्री
मोदी
की
गारंटी
के
बारे
में
बताया
जाए.
अमित
शाह
ने
कहा
ऐसा
करने
से
ही
हम
हर
बूथ
पर
370
अधिक
वोट
लाने
का
मिशन
पूरा
कर
सकते
हैं.
यूपी
में
बीजेपी
का
लक्ष्य
लोकसभा
की
सभी
80
सीटें
जीतने
का
है.
पार्टी
के
रणनीतिकारों
को
भरोसा
है
कि
इस
चुनाव
में
ये
मिशन
पूरा
हो
सकता
है.
यूपी
में
इस
बार
मुकाबला
त्रिकोणात्मक
हो
रहा
है.

बीजेपी
की
नजर
आजमगढ़
सीट
पर

आजमगढ़
को
समाजवादी
पार्टी
का
गढ़
माना
जाता
है.
यहां
से
मुलायम
सिंह
यादव
सांसद
रहे.
फिर
उनके
बेटे
अखिलेश
यादव
भी
एमपी
बने.
पर
2022
के
उप
चुनाव
में
समाजवादी
पार्टी
यहां
से
चुनाव
हार
गई.
बीजेपी
के
दिनेश
लाल
यादव
निरहुआ
चुनाव
जीते.
एक
बार
फिर
से
वे
उम्मीदवार
बन
गए
हैं.
यादव
वोटरों
को
तोड़ने
के
लिए
पिछले
महीने
आजमगढ़
में
एमपी
के
सीएम
मोहन
यादव
का
कार्यक्रम
कराया
गया
था.
अगर
इस
आम
चुनाव
में
बीजेपी
आजमगढ़
जीत
गई
तो
फिर
ये
अखिलेश
यादव
के
लिए
बड़ी
हार
साबित
होगी.
मैसेज
ये
जाएगा
कि
अब
समाजवादी
पार्टी
अपना
गढ़
भी
नहीं
बचा
पा
रही
है.