कांग्रेस का घोषणापत्र पाकिस्तान चुनाव के लिए अधिक उपयुक्त, बोले CM हिमंत बिस्वा सरमा

कांग्रेस का घोषणापत्र पाकिस्तान चुनाव के लिए अधिक उपयुक्त, बोले CM हिमंत बिस्वा सरमा
कांग्रेस का घोषणापत्र पाकिस्तान चुनाव के लिए अधिक उपयुक्त, बोले CM हिमंत बिस्वा सरमा


हिमंत
बिस्वा
सरमा

कांग्रेस
ने
लोकसभा
चुनाव
के
लिए
चुनावी
घोषणापत्र
जारी
की
है.
शनिवार
को
असम
के
मुख्यमंत्री
हिमंत
बिस्वा
सरमा
ने
चुनावी
घोषणापत्र
को
पाकिस्तान
में
चुनावों
के
लिए
अधिक
उपयुक्त
करार
दिया
है.
उन्होंने
कहा
कि
कांग्रेस
की
चुनावी
घोषणापत्र
का
लक्ष्य
सत्ता
में
आने
के
लिए
समाज
को
विभाजित
करना
है.
वहीं,
कांग्रेस
ने
सरमा
पर
कटाक्ष
करते
हुए
कहा
कि
उनके
जैसा
दलबदलू
व्यक्ति
सबसे
पुरानी
पार्टी
के
धर्मनिरपेक्ष
और
समावेशी
लोकाचार
को
नहीं
समझ
पाएगा.
पार्टी
की
घोषणापत्र
का
उद्देश्य
समाज
के
सभी
वर्गों
के
हितों
की
रक्षा
करना
है.

सरमा
ने
जोरहाट
निर्वाचन
क्षेत्र
में
एक
चुनावी
रैली
के
मौके
पर
संवाददाताओं
से
कहा,
“यह
तुष्टिकरण
की
राजनीति
है
और
हम
इसकी
निंदा
करते
हैं.
घोषणापत्र
ऐसा
लगता
है
जैसे
यह
भारत
में
नहीं
बल्कि
पाकिस्तान
के
चुनाव
के
लिए
है.”

सरमा
ने
कहा
कि
देश
में
कोई
भी
व्यक्ति,
चाहे
वह
हिंदू
हो
या
मुस्लिम,
तीन
तलाक
का
पुनरुद्धार
नहीं
चाहता
है
या
बाल
विवाह
या
बहुविवाह
का
समर्थन
नहीं
करता
है.
भाजपा
नेता
ने
दावा
किया,
”कांग्रेस
की
मानसिकता
समाज
को
बांटना
और
सत्ता
में
आना
है.”

ये
भी
पढ़ें

चुनावी
घोषणापत्र
पर
सरमा
का
तंज

कांग्रेस
ने
शुक्रवार
को
अपना
घोषणापत्र
जारी
किया,
जिसमें
पांच
‘न्याय
के
स्तंभ’
और
उनके
तहत
25
गारंटी
पर
ध्यान
केंद्रित
किया
गया
है.
लोकसभा
चुनाव
घोषणापत्र
में
अप्रेंटिसशिप
का
अधिकार,
एमएसपी
के
लिए
कानूनी
गारंटी,
एससी,
एसटी
और
ओबीसी
के
लिए
आरक्षण
पर
50
प्रतिशत
की
सीमा
बढ़ाने
के
लिए
संवैधानिक
संशोधन
पारित
करना,
देशव्यापी
जाति
जनगणना
और
अग्निपथ
योजना
को
खत्म
करना
कांग्रेस
द्वारा
किए
गए
वादों
में
से
हैं.

सरमा
ने
कहा
कि
भाजपा
ने
एक
‘आंदोलन’
का
रूप
ले
लिया
है
और
यह
आंदोलन
देश
को
‘विश्व
गुरु’
बनाने
के
लिए
है.
सीएम
ने
यह
भी
कहा
कि
भगवा
पार्टी
और
उसके
सहयोगी
राज्य
की
सभी
14
लोकसभा
सीटें
जीतेंगे.

कांग्रेस
का
सरमा
के
बयान
पर
पटलवार

उन्होंने
कहा
कि
धुबरी
निर्वाचन
क्षेत्र
से
सकारात्मक
प्रतिक्रिया
मिली
है,
जिसके
संबंध
में
सरमा
पहले
कहते
रहे
थे
कि
भाजपा
के
नेतृत्व
वाले
गठबंधन
का
उम्मीदवार
विजयी
नहीं
होगा.
सीएम
के
बयान
पर
प्रतिक्रिया
देते
हुए,
असम
कांग्रेस
के
प्रवक्ता
बेदब्रत
बोरा
ने
दावा
किया
कि
सरमा
जैसा
दलबदलू
सबसे
पुरानी
पार्टी
के
धर्मनिरपेक्ष
और
समावेशी
लोकाचार
को
नहीं
समझ
पाएगा.

बोरा
ने
कहा
कि
सरमा
कई
वर्षों
तक
कांग्रेस
में
रहे,
लेकिन
वह
पार्टी
के
मुख्य
लोकाचार
को
नहीं
समझ
सके.
इसलिए
वह
भाजपा
में
चले
गए.
पिछले
कुछ
समय
से
भाजपा
में
रहने
के
बाद
भी,
वह
अब
भी
खुद
को
साबित
करने
के
लिए
कांग्रेस
को
बदनाम
करने
की
कोशिश
करते
हैं.
कांग्रेस
नेता
ने
जोर
देकर
कहा
कि
पार्टी
के
घोषणापत्र
का
लक्ष्य
सभी
वर्गों
के
हितों
की
रक्षा
करना
है
और
सरमा
द्वारा
लगाए
गए
आरोपों
को
खारिज
कर
दिया.